UPPSC : आधे से अधिक ने छोड़ दी सहायक अभियंता भर्ती परीक्षा


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विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता के 692  पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से रविवार को आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। परीक्षा में 41.01 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित रहे। यह परीक्षा सात साल बाद आयोजित की गई। इससे पहले वर्ष 2013 में सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया था।

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा के लिए एक लाख 37 हजार 608 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। परीक्षा दो पालियों में सुबह नौ से 11.30 और दोपहर दो से शाम 4.30 बजे तक आयोजित की गई। पहली पाली की परीक्षा में 57 हजार 25 अभ्यर्थी और दूसरी पाली में 56 हजार 428 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए पांच जिलों प्रयागराज में 80, आगरा में 61, गाजियाबाद में 71, गोरखपुर में 30 एवं लखनऊ में 56 केंद्र बनाए गए थे। सबसे कम 32.8 फीसदी उपस्थिति आगरा के केंद्रों में रही। आगरा में परीक्षा के लिए 27 हजार 357 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 

वहीं, प्रयागराज में पंजीकृत 37 हजार 347 अभ्यर्थियों में 37 फीसदी, गोरखपुर में पंजीकृत 13 हजार 926 अभ्यर्थियों में 47.8 फीसदी, गाजियाबाद में पंजीकृत 32 हजार 315 अभ्यर्थियों में 44.22 फीसदी और लखनऊ में पंजीकृत 26 हजार 663 अभ्यर्थियों में 47.59 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। परीक्षा के दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग द्वितीय प्रश्रपत्र के अभ्यर्थियों को नॉन प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर आने की अनुमति दी गई थी।

हिंदी, सामान्य अध्ययन के सवालों से तय होगी मेरिट

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा की मेरिट हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवालों से तय होगी। पहले प्रश्रपत्र में 25 सवाल सामान्य हिंदी और 100 सवाल विषय से पूछे गए थे, जबकि दूसरे प्रश्रपत्र में 25 सवाल सामान्य अध्ययन और 100 सवाल विषय से पूछे गए थे। अभ्यर्थी अपने-अपने विषय की तैयारी ठीक से करके पहुंचे थे, लेकिन सामान्य हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवाल सभी के लिए एक समान थे। ऐसे में सामान्य हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवालों से ही मेरिट तय होने के आसार हैं।

संतुलित रहा पेपर, सवाल पूछने का ट्रेंड बदला 

अभ्यर्थियों ने कहा कि दोनों ही पेपर संतुलित रहे और इस बार आयोग ने सवाल पूछने का ट्रेंड भी बदला है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अक्सर कई सवाल ऐसे पूछे लिए जाते हैं, जो किसी अन्य परीक्षा में भी आ चुके होते हैं, लेकिन इस परीक्षा में ऐसा नहीं था। सभी सवाल नए तरीके से पूछे गए थे और स्तरीय भी थे।

विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता के 692  पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से रविवार को आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। परीक्षा में 41.01 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित रहे। यह परीक्षा सात साल बाद आयोजित की गई। इससे पहले वर्ष 2013 में सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया था।

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा के लिए एक लाख 37 हजार 608 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। परीक्षा दो पालियों में सुबह नौ से 11.30 और दोपहर दो से शाम 4.30 बजे तक आयोजित की गई। पहली पाली की परीक्षा में 57 हजार 25 अभ्यर्थी और दूसरी पाली में 56 हजार 428 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए पांच जिलों प्रयागराज में 80, आगरा में 61, गाजियाबाद में 71, गोरखपुर में 30 एवं लखनऊ में 56 केंद्र बनाए गए थे। सबसे कम 32.8 फीसदी उपस्थिति आगरा के केंद्रों में रही। आगरा में परीक्षा के लिए 27 हजार 357 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 

वहीं, प्रयागराज में पंजीकृत 37 हजार 347 अभ्यर्थियों में 37 फीसदी, गोरखपुर में पंजीकृत 13 हजार 926 अभ्यर्थियों में 47.8 फीसदी, गाजियाबाद में पंजीकृत 32 हजार 315 अभ्यर्थियों में 44.22 फीसदी और लखनऊ में पंजीकृत 26 हजार 663 अभ्यर्थियों में 47.59 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। परीक्षा के दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग द्वितीय प्रश्रपत्र के अभ्यर्थियों को नॉन प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर आने की अनुमति दी गई थी।

हिंदी, सामान्य अध्ययन के सवालों से तय होगी मेरिट

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा की मेरिट हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवालों से तय होगी। पहले प्रश्रपत्र में 25 सवाल सामान्य हिंदी और 100 सवाल विषय से पूछे गए थे, जबकि दूसरे प्रश्रपत्र में 25 सवाल सामान्य अध्ययन और 100 सवाल विषय से पूछे गए थे। अभ्यर्थी अपने-अपने विषय की तैयारी ठीक से करके पहुंचे थे, लेकिन सामान्य हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवाल सभी के लिए एक समान थे। ऐसे में सामान्य हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के सवालों से ही मेरिट तय होने के आसार हैं।

संतुलित रहा पेपर, सवाल पूछने का ट्रेंड बदला 

अभ्यर्थियों ने कहा कि दोनों ही पेपर संतुलित रहे और इस बार आयोग ने सवाल पूछने का ट्रेंड भी बदला है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अक्सर कई सवाल ऐसे पूछे लिए जाते हैं, जो किसी अन्य परीक्षा में भी आ चुके होते हैं, लेकिन इस परीक्षा में ऐसा नहीं था। सभी सवाल नए तरीके से पूछे गए थे और स्तरीय भी थे।



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Author: riteshkucc01

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