CM केजरीवाल ने केंद्र से की CBSE परीक्षा रद्द करने की अपील, कहा- कोरोना की चौथी लहर में 65% मरीजों की उम्र 45 साल से कम

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से CBSE की परीक्षा रद्द करने की अपील की है. केजरीवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए बहुत ज़रूरी है. दिल्ली में सीबीएसई की परीक्षा में 6 लाख बच्चे बैठेंगे और एक लाख से अधिक शिक्षक शामिल होंगे. ये बहुत बड़े हॉटस्पॉट हो सकते हैं, बहुत तेज़ी से कोरोना फैल सकता है. इसलिये केंद्र सरकार को CBSE के एग्जाम कैंसिल कर कुछ और तरीका निकालना चाहिये. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के केस बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 13,500 केस आ चुके हैं जो कि बहुत ज्यादा हैं. बीते नवंबर में जो पीक आया था, उस दौरान अधिकतम 8,500 केस आए थे. हम सभी जानते हैं कि इस बार की लहर बहुत खतरनाक है और इसमें युवा काफी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं.

जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10-15 दिनों का डेटा दिखाता है कि कोरोना के अभी तक जो मरीज आए हैं, उसमें से 65 फीसद मरीज 45 साल से कम उम्र के हैं. मैं सभी युवाओं से अपील करना चाहूंगा कि आप देश के लिए बहुत कीमत हैं. आप लोग अपने परिवार के लिए बहुत कीमती हैं. आपकी जिंदगी, आपका स्वास्थ और आपकी सुरक्षा हम सबके लिए बेहद जरूरी है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं समझ सकता हूं कि युवाओं के ऊपर अपने माता-पिता, अपनी पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी है. युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और दो वक्त रोटी कमाने के लिए घर से निकलना पड़ता है, लेकिन घर से तभी निकलें, जब बहुत जरूरी हो. साथ ही, जब घर से निकलें, तो कोविड के सभी प्रोटोकॉल का पालन करें. अगर आप 45 साल से ऊपर के उम्र के हैं, तो तुरंत सरकारी अस्पतालों जाकर वैक्सीनेशन करा लीजिए. सभी सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन निशुल्क है. हमने कई अस्पतालों को 24 घंटे के लिए खोल रखा है.

CBSE एग्जाम के लिये कोई और तरीका अपनाया जाए

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए बहुत जरूरी है. अभी CBSE की परीक्षा आने वाली है. इस परीक्षा में दिल्ली के 6 लाख बच्चे बैठेंगे और परीक्षा को संपन्न कराने में करीब एक लाख शिक्षक शामिल होंगे. सीबीएसई के परीक्षा केंद्र कोरोना के बहुत बड़े हॉटस्पॉट बन सकते हैं और बहुत बड़े स्तर पर कोरोना फैल सकता है. बच्चों की जिंदगी और उनकी सेहत हमारे लिए बहुत जरूरी है. मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि सीबीएसई की परीक्षा को रद्द किया जाए. इसके एवज में कई और तरीके निकाले जा सकते हैं. ऑनलाइन या इंटरनल एसेसमेंट कर उसके आधार पर इस बार बच्चों को पास किया जा सकता है, लेकिन सीबीएसई की परीक्षा को रद्द करना बहुत जरूरी है. जहां पर भी कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप आया है, कई देशों ने अपने-अपने यहां परीक्षाएं स्थगित कर दिए हैं. हमारे देश के अंदर भी कई राज्य सरकारों ने अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि सीबीएसई की परीक्षा को रद्द किया जाए.

अस्पतालों को बैंक्वेट हॉल और होटल से अटैच किया जा रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं. हमारा पूरा प्रयास है कि स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा काबू में रहे. हमने कल सभी अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर बहुत बड़े स्तर पर योजना बनाई है. हम बड़े-बड़े अस्पतालों के साथ बैंक्वेट हॉल और होटल को अटैच कर रहे हैं. कोरोना के जो थोड़े से कम गंभीर मरीज हैं, उनको हम बैंक्वेट हॉल में शिफ्ट कर देंगे और अस्पतालों में केवल गंभीर मरीज ही रखे जाएंगे. अगर किसी को केवल ऑक्सीजन की जरूरत है, तो उसे बैंक्वेट हॉल में शिफ्ट कर सकते हैं. इसके अलावा, कुछ सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को हमने पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल घोषित कर दिया है.

प्लांड सर्जरी दो-तीन महीने के लिए स्थगित रहेगी

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोविड घोषित किए गए 14 अस्पतालों के अलावा भी बहुत सारे अस्पताल हैं जो कोरोना का इलाज कर रहे हैं. दिल्ली में अगर कोई प्लांड सर्जरी है, जैसे किसी को घुटने का रिप्लेसमेंट कराना है, यह सर्जरी 2 से 3 महीने बाद में भी हो सकती है. प्लांड सर्जरी थोड़ा ज्यादा होती हैं, जबकि इमरजेंसी कम होती है. इसलिए प्लांड सर्जरी को हम थोड़ा बाद में करेंगे. हमारे लिये सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि हम अपने अस्पताल प्रबंधन को कितनी कड़ाई के साथ ठीक रख पाते हैं. अगर हमने अस्पताल और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन को ठीक कर लिया, तो हम इस चौथी लहर से पार पा लेंगे.

जिन्हें ज़रूरत नहीं वो अस्पताल न जाएं

सीएम ने कहा कि हमने अस्पतालों में ये देखना सुनिश्चित किया है अगर मरीज़ घर मे ठीक हो सकता है तो उसे अस्पताल से घर भेज दिया जाए. सीएम ने कहा कि अस्पताल में ही डॉक्टर की टीम चेक कर रही है कि अगर मरीज घर में ठीक हो सकता है, तो उस मरीज से अनुरोध किया जा रहा है कि आप अस्पताल का बेड खाली कर अपने घर पर चले जाइए. हम घर पर भी आपकी लगातार निगरानी करेंगे. डॉक्टर मरीज़ को लगातार फोन करते रहेंगे. मरीज़ को ऑक्सीमीटर देकर घर भेजा जाएगा. दिल्ली के निजी और सरकारी अस्पतालों में वहां के डॉक्टरों की टीम विश्लेषण कर रही है कि अगर किसी को बेड की जरूरत नहीं है, तो आप से अनुरोध किया जाएगा कि आप घर जाकर अपना इलाज करा लीजिए. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि डॉक्टर की सलाह के मुताबिक, उनके साथ सहयोग करें और जिद न करें, क्योंकि हमें पूरी दिल्ली को संभालना है. हमारे लिए हर जान कीमती है. हमें सबकी जान बचानी है और सबके स्वास्थ्य चिंता करनी है.

प्लाज्मा दान करने के लिये लोग आगे आएं

प्लाज़्मा को लेकर आ रही दिक्कतों को लेकर मुख्यमंत्री ने दिल्ली वालों से अपील करते हुए कहा कि पिछली बार जब कोरोना हुआ था, तब लोगों ने बढ़-चढ़कर प्लाज्मा दान किया था. पिछले तीन-चार महीने में कोरोना कम हो गया था, लोगों ने प्लाज्मा दान करना बंद कर दिया था और प्लाज्मा की मांग भी बहुत कम हो गई थी. अब स्टॉक में प्लाज्मा बहुत कम है और प्रतिदिन प्लाज्मा की बहुत ज्यादा मांग आ रही है. इसलिये जो भी लोग पिछले कुछ दिनों में बीमार हुए और ठीक हो गए हैं, तो वह एलएनजेपी, राजीव गांधी या आईएलबीएस अस्पताल में जाकर प्लाज्मा दान कर सकते हैं, ताकि प्लाज्मा से दूसरे लोगों को बचाया जान बचाई जा सके. 

कोरोना के कहर के बीच विदेश में बनी वैक्सीन को लेकर सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *