250 करोड़ की ठगी : आरोपियों को लेने बंगलूरू जाएगी देहरादून एसटीएफ, 19 नई शिकायतें मिलीं

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 11 Jun 2021 03:52 PM IST

सार

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि बहुत से लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।

ख़बर सुनें

पावर बैंक एप के माध्यम से सैकड़ों करोड़ की ठगी के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ के विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे जांच पड़ताल में जुटी है। बंगलूरू में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को लेने भी उत्तराखंड एसटीएफ रवाना होने वाली है। साथ ही इन मामलों से जुड़ीं 19 नई शिकायतें एसटीएफ को मिली हैं। 

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि बहुत से लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। यह मामला 250 करोड़ से कहीं ज्यादा का माना जा रहा है। दरअसल, पावर बैंक एप से हुई इस ठगी से पूरे देश में हड़कंप मचा है। शायद ही ऐसा कोई राज्य है जहां पर लोग इसके शिकार न हुए हों। उत्तराखंड, दिल्ली और बंगलूरू पुलिस ने इसमें अब तक बड़े खुलासे किए हैं। शुरूआत में यह मनी ट्रेल 250 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही थी, लेकिन डाउनलोड संख्या के आधार पर यह इससे कहीं ज्यादा का मामला माना जा रहा है। 

डीआईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन मुकदमे उत्तराखंड में दर्ज हैं। इनमें विवेचना के लिए विशेषज्ञों को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा बीते दिनों उत्तराखंड पुलिस से ट्रेनिंग के लिए कुछ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सीबीआई के पास भेजा गया था। उन्हें बुलाकर इस मामले की विवेचना और जांच में लगाया गया है। ताकि, हर बारीक से बारीक जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचा जा सके। जल्द ही इसमें कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

शिकायतों का सिलसिला जारी
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में अब खुलासा होने के बाद शिकायतों का आना जारी है। पहले तीन शिकायतों के बाद अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके बाद अब 19 नई शिकायतें आई हैं। इनमें प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई हैं। इनमें से कुछ शिकायतों पर नए मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। जबकि, कुछ को पुराने मुकदमों में शामिल किया जाएगा। 

लोन वाले एप ने रूप बदलकर लोगों को ठगा 
गूगल प्ले स्टोर पर ऑनलाइन लोन दिलाने वाले एप की भरमार थी, लेकिन देश के कई हिस्सों में ठगी के बाद सरकार ने इन पर सख्त रुख अपनाया था। इसके बाद गूगल ने इनमें से कुछ एप को हटा दिया। मगर, इन्हीं में कुछ एप ने रूप बदलकर निवेश के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया। साइबर एक्सपर्ट की जांच में सामने आया है कि इनमें से ज्यादातर एप ट्रेंडिंग में भी रहते थे, लेकिन चीन की सोच का कारनामा पावर  बैंक नाम का यह एप केवल चार महीनों में ही लोगों को सैकड़ों करोड़ रुपये की चपत लगा गया।

विस्तार

पावर बैंक एप के माध्यम से सैकड़ों करोड़ की ठगी के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ के विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे जांच पड़ताल में जुटी है। बंगलूरू में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को लेने भी उत्तराखंड एसटीएफ रवाना होने वाली है। साथ ही इन मामलों से जुड़ीं 19 नई शिकायतें एसटीएफ को मिली हैं। 

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि बहुत से लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। यह मामला 250 करोड़ से कहीं ज्यादा का माना जा रहा है। दरअसल, पावर बैंक एप से हुई इस ठगी से पूरे देश में हड़कंप मचा है। शायद ही ऐसा कोई राज्य है जहां पर लोग इसके शिकार न हुए हों। उत्तराखंड, दिल्ली और बंगलूरू पुलिस ने इसमें अब तक बड़े खुलासे किए हैं। शुरूआत में यह मनी ट्रेल 250 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही थी, लेकिन डाउनलोड संख्या के आधार पर यह इससे कहीं ज्यादा का मामला माना जा रहा है। 

डीआईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन मुकदमे उत्तराखंड में दर्ज हैं। इनमें विवेचना के लिए विशेषज्ञों को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा बीते दिनों उत्तराखंड पुलिस से ट्रेनिंग के लिए कुछ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सीबीआई के पास भेजा गया था। उन्हें बुलाकर इस मामले की विवेचना और जांच में लगाया गया है। ताकि, हर बारीक से बारीक जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचा जा सके। जल्द ही इसमें कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

शिकायतों का सिलसिला जारी

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में अब खुलासा होने के बाद शिकायतों का आना जारी है। पहले तीन शिकायतों के बाद अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके बाद अब 19 नई शिकायतें आई हैं। इनमें प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई हैं। इनमें से कुछ शिकायतों पर नए मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। जबकि, कुछ को पुराने मुकदमों में शामिल किया जाएगा। 

लोन वाले एप ने रूप बदलकर लोगों को ठगा 

गूगल प्ले स्टोर पर ऑनलाइन लोन दिलाने वाले एप की भरमार थी, लेकिन देश के कई हिस्सों में ठगी के बाद सरकार ने इन पर सख्त रुख अपनाया था। इसके बाद गूगल ने इनमें से कुछ एप को हटा दिया। मगर, इन्हीं में कुछ एप ने रूप बदलकर निवेश के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया। साइबर एक्सपर्ट की जांच में सामने आया है कि इनमें से ज्यादातर एप ट्रेंडिंग में भी रहते थे, लेकिन चीन की सोच का कारनामा पावर  बैंक नाम का यह एप केवल चार महीनों में ही लोगों को सैकड़ों करोड़ रुपये की चपत लगा गया।



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Author: riteshkucc01

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