हिमाचल में बढ़ेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल, विवि में अकादमिक विभाग होंगे शुरू

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अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 10 Jun 2021 07:52 PM IST

सार

गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है। 

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर
– फोटो : अमर उजाला

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शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों के अकादमिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे। बाल्य शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के और विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लागू किया जाएगा। बहु विषयक विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में और अकादमिक विभागों की स्थापना की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में 11 नए विभाग शुरू किए गए हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है।

बैठक में 11 समूहों ने अपने कार्यों की प्रस्तुति दी। इसमें शिक्षा सचिव, निदेशक शिक्षा उच्च, निदेशक शिक्षा प्रारंभिक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपतियों तथा उच्चतर  शिक्षा परिषद के अध्यक्ष शामिल रहे। बैठक में निर्णय लिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कुछ प्रावधानों को इसी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति भारत को फिर से विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने में बहुत सहायक होगी। यह विद्यार्थियों को रोजगार प्रदाताओं के रूप में स्थापित करेगी। इस दिशा में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं।

वर्तमान में 964 विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है और भविष्य में अधिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम में हिमाचल की संस्कृति पर आधारित विषय भी शामिल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए विषय क्षेत्रीय भाषाओं में विषयों को तैयार किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा ने कई विशेष कार्य किए हैं। वर्तमान में अधिकतर बच्चों को तकनीक के माध्यम से वर्चुअली शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य में भी बच्चों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य सचिव वीरेंद्र  शर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

विस्तार

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों के अकादमिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे। बाल्य शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के और विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लागू किया जाएगा। बहु विषयक विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में और अकादमिक विभागों की स्थापना की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में 11 नए विभाग शुरू किए गए हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है।

बैठक में 11 समूहों ने अपने कार्यों की प्रस्तुति दी। इसमें शिक्षा सचिव, निदेशक शिक्षा उच्च, निदेशक शिक्षा प्रारंभिक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपतियों तथा उच्चतर  शिक्षा परिषद के अध्यक्ष शामिल रहे। बैठक में निर्णय लिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कुछ प्रावधानों को इसी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति भारत को फिर से विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने में बहुत सहायक होगी। यह विद्यार्थियों को रोजगार प्रदाताओं के रूप में स्थापित करेगी। इस दिशा में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं।

वर्तमान में 964 विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है और भविष्य में अधिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम में हिमाचल की संस्कृति पर आधारित विषय भी शामिल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए विषय क्षेत्रीय भाषाओं में विषयों को तैयार किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा ने कई विशेष कार्य किए हैं। वर्तमान में अधिकतर बच्चों को तकनीक के माध्यम से वर्चुअली शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य में भी बच्चों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य सचिव वीरेंद्र  शर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।



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Author: riteshkucc01

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