हरियाणा : स्कूल आने पर छात्रों को लानी होगी स्वास्थ्य रिपोर्ट, लेकिन कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Dec 2020 12:42 AM IST

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

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हरियाणा में विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल आने के लिए कोरोना जांच नहीं करानी होगी लेकिन साथ में सामान्य स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट लानी पड़ेगी। वे प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों, सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों व अन्य सरकारी चिकित्सा केंद्रों में सामान्य स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं।

रिपोर्ट में डॉक्टर उल्लेख करेंगे कि विद्यार्थी में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं हैं व उसका स्वास्थ्य सामान्य है। चिकित्सक के दिए पत्र को प्रस्तुत करने पर ही विद्यार्थी को स्कूल में आने दिया जाएगा।

स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट स्कूल में प्रवेश से 72 घंटे से अधिक पुराना नहीं होनी चाहिए। स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए। प्रदेश में कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय से स्कूल बंद हैं। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सरकार ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 14 दिसंबर से स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया है। 

स्कूल प्रतिदिन तीन घंटे के लिए सुबह 10 से एक बजे तक खुलेंगे। नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल 21 दिसंबर से शुरू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि स्कूल आने के लिए विद्यार्थियों को माता-पिता की अनुमति पूर्व की भांति अनिवार्य रहेगी। विद्यार्थियों, अध्यापकों के तापमान की दैनिक जांच पूर्व की भांति करनी होगी। 

सामान्य से अधिक तापमान पाए जाने पर स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। संबंधित डाटा स्कूल दैनिक आधार पर विभाग के उपलब्ध कराए गए एप पर भरेंगे। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी के अलावा संबंधित सीएमओ एवं उपायुक्त कार्यालय को भी ये डाटा उपलब्ध करवाया जाएगा। विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की नि:शुल्क व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्रों में संबंधित जिला उपायुक्त अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकार की कोई भी स्वास्थ्य जांच विद्यालय परिसर में नहीं की जाएगी।

हरियाणा में विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल आने के लिए कोरोना जांच नहीं करानी होगी लेकिन साथ में सामान्य स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट लानी पड़ेगी। वे प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों, सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों व अन्य सरकारी चिकित्सा केंद्रों में सामान्य स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं।

रिपोर्ट में डॉक्टर उल्लेख करेंगे कि विद्यार्थी में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं हैं व उसका स्वास्थ्य सामान्य है। चिकित्सक के दिए पत्र को प्रस्तुत करने पर ही विद्यार्थी को स्कूल में आने दिया जाएगा।

स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट स्कूल में प्रवेश से 72 घंटे से अधिक पुराना नहीं होनी चाहिए। स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए। प्रदेश में कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय से स्कूल बंद हैं। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सरकार ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 14 दिसंबर से स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया है। 

स्कूल प्रतिदिन तीन घंटे के लिए सुबह 10 से एक बजे तक खुलेंगे। नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल 21 दिसंबर से शुरू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि स्कूल आने के लिए विद्यार्थियों को माता-पिता की अनुमति पूर्व की भांति अनिवार्य रहेगी। विद्यार्थियों, अध्यापकों के तापमान की दैनिक जांच पूर्व की भांति करनी होगी। 

सामान्य से अधिक तापमान पाए जाने पर स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। संबंधित डाटा स्कूल दैनिक आधार पर विभाग के उपलब्ध कराए गए एप पर भरेंगे। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी के अलावा संबंधित सीएमओ एवं उपायुक्त कार्यालय को भी ये डाटा उपलब्ध करवाया जाएगा। विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की नि:शुल्क व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्रों में संबंधित जिला उपायुक्त अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकार की कोई भी स्वास्थ्य जांच विद्यालय परिसर में नहीं की जाएगी।



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Author: riteshkucc01

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