हरियाणा में खुले स्कूल: नौवीं-12वीं के विद्यार्थी पहुंचे, छात्र संख्या के हिसाब से बना बच्चों और स्टाफ का रोस्टर

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अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:47 AM IST

सार

13 करोड़ रुपये का अनुदान सैनिटाइजेशन, साबुन, टॉयलेट क्लीनर, थर्मल स्कैनर के लिए स्कूलों को जारी कर दिया गया है। नौवीं से बारहवीं के स्कूलों का सैनिटाइजेशन हो चुका है, जबकि छठी से आठवीं के स्कूलों को संक्रमण मुक्त करने का कार्य जारी है।

गन्नौर के स्कूल में बच्चों को पढ़ातीं शिक्षिका।
– फोटो : अमर उजाला

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हरियाणा में शुक्रवार से नौवीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए। लंबे समय के बाद स्कूल खुलने के कारण बच्चों के चेहरे पर अपने दोस्तों से मिलने की खूब खुशी दिखी। हर स्कूल में बच्चे अलग-अलग समय पर आए। स्कूल मुखिया ने छात्र संख्या के हिसाब से स्कूल खुलने और बंद होने का रोस्टर बनाया है। स्टाफ भी बच्चों के हिसाब से ही अलग-अलग समय पर आएगा। स्कूलों में सैनिटाइजेशन व अन्य कार्यों के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। 

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्तर पर केंद्रीयकृत समय सारिणी व रोस्टर नहीं बनाया है। स्कूल मुखिया और प्रबंधन समितियों को इसका जिम्मा दिया गया था। गुरुवार को स्कूल मुखिया ने समय सारिणी व रोस्टर को अंतिम रूप देते हुए शिक्षकों व बच्चों को नौ से बारह बजे के बीच स्कूल आने का समय बता दिया था। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गुरुवार को स्कूल खोलने की तैयारियों की समीक्षा की। जिसमें उन्हें बताया गया कि 13 करोड़ रुपये का अनुदान सैनिटाइजेशन, साबुन, टॉयलेट क्लीनर, थर्मल स्कैनर के लिए स्कूलों को जारी कर दिया गया है। नौवीं से बारहवीं के स्कूलों का सैनिटाइजेशन हो चुका है, जबकि छठी से आठवीं के स्कूलों को संक्रमण मुक्त करने का कार्य जारी है। स्कूल स्तरीय कमेटियों को निगरानी कार्य के लिए तैनात किया गया है। खंडवार निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता रहेगी।

अपने नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे बच्चे
अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया गया कि बच्चे अपना नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे। तीन-चार दिनों तक बच्चों के स्कूल आने के ट्रेंड को देखा जाएगा। उसके बाद नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। बच्चों के आवागमन के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। कोई बच्चा एक-दूसरे के नजदीक नहीं आएगा, न ही आपस में सामान का आदान-प्रदान करेंगे। 

विस्तार

हरियाणा में शुक्रवार से नौवीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए। लंबे समय के बाद स्कूल खुलने के कारण बच्चों के चेहरे पर अपने दोस्तों से मिलने की खूब खुशी दिखी। हर स्कूल में बच्चे अलग-अलग समय पर आए। स्कूल मुखिया ने छात्र संख्या के हिसाब से स्कूल खुलने और बंद होने का रोस्टर बनाया है। स्टाफ भी बच्चों के हिसाब से ही अलग-अलग समय पर आएगा। स्कूलों में सैनिटाइजेशन व अन्य कार्यों के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। 

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्तर पर केंद्रीयकृत समय सारिणी व रोस्टर नहीं बनाया है। स्कूल मुखिया और प्रबंधन समितियों को इसका जिम्मा दिया गया था। गुरुवार को स्कूल मुखिया ने समय सारिणी व रोस्टर को अंतिम रूप देते हुए शिक्षकों व बच्चों को नौ से बारह बजे के बीच स्कूल आने का समय बता दिया था। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गुरुवार को स्कूल खोलने की तैयारियों की समीक्षा की। जिसमें उन्हें बताया गया कि 13 करोड़ रुपये का अनुदान सैनिटाइजेशन, साबुन, टॉयलेट क्लीनर, थर्मल स्कैनर के लिए स्कूलों को जारी कर दिया गया है। नौवीं से बारहवीं के स्कूलों का सैनिटाइजेशन हो चुका है, जबकि छठी से आठवीं के स्कूलों को संक्रमण मुक्त करने का कार्य जारी है। स्कूल स्तरीय कमेटियों को निगरानी कार्य के लिए तैनात किया गया है। खंडवार निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता रहेगी।

अपने नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे बच्चे

अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया गया कि बच्चे अपना नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे। तीन-चार दिनों तक बच्चों के स्कूल आने के ट्रेंड को देखा जाएगा। उसके बाद नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। बच्चों के आवागमन के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। कोई बच्चा एक-दूसरे के नजदीक नहीं आएगा, न ही आपस में सामान का आदान-प्रदान करेंगे। 



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Author: riteshkucc01

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