हरिद्वार: मुक्तिधाम के सफर में सारथी बन मानवता की मिसाल पेश कर रहे ‘सेवादार’, कोरोना मृतकों का करा रहे दाह-संस्कार

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शिवा अग्रवाल, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 01 May 2021 01:35 AM IST

उत्तराखंड में कोरोना महामारी के पैर फैलाते ही मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। ऐसे में अपनों के बीच दूरियां बढ़ रही है। स्थिति ये हैं कि किसी खास की मौत पर भी लोग शोक जताने नहीं जा रहे हैं। दाह-संस्कार में गिने-चुने लोग रिश्तेदार ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार की मात्र औपचारिकता निभाई जा रही है।

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संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यह जरूरी भी है। इन परिस्थितियों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो सेवाभाव से मुक्तिधाम (श्मशान गृह) के सफर के सारथी की भूमिका निभा रहे हैं। यह लोग कोरोनो पॉजिटिव मृतकों का अंतिम संस्कार कराने में आगे आ रहे हैं।

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वैश्विक महामारी कोरोना से खुद को बचाकर किसी संक्रमित व्यक्ति का दाह संस्कार कराना जोखिम भरा काम है। मगर इस काम में कनखल के कई लोग आगे आकर अपनी जिंदगी की परवाह न करते हुए मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। कनखल के बंगाली अस्पताल के पास रहने वाले भूपेंद्र कुमार व्यापारी हैं, मगर कोरोना की इस घड़ी में हर किसी के साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं।



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Author: riteshkucc01

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