हरिद्वार : धार्मिक परंपराओं के साथ मनाई गई बड़ मावस, हरकी पैड़ी पर लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 10 Jun 2021 01:25 PM IST

सार

गुरुवार को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर अमावस्या का स्नान भी हुआ। हालांकि कम संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन स्नान की वजह से हरकी पैड़ी पर पसरा सन्नाटा टूट गया।

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर अमावस्या स्नान
– फोटो : अमर उजाला

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बड़ मावस  और वट सावित्री का पर्व गुरुवार को घर-घर मनाया गया। पति के लंबे जीवन और सौभाग्य की कामना को लेकर महिलाओं ने दिन भर व्रत रखा। वट वृक्षों की पूजा और परिक्रमा कर परिवार में सभी प्रकार सुखों की कामना की गई।

महिलाओं ने घर-घर बड़ मावस की कथा सुनी
वट पर्व बड़ा प्राचीन पर्व है। सतयुग में इसी दिन सावित्री ने यमराज के पाश से अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे। वे वट वृक्ष के नीचे बैठकर यमराज से प्राण वापस लाईं और महासती का अलंकरण प्राप्त किया। उसी दिन की स्मृति में महिलाओं ने घर-घर बड़ मावस की कथा सुनी।

स्नान की वजह से हरकी पैड़ी पर पसरा सन्नाटा टूट गया
सौभाग्य की प्रतीक वस्तुओं के साथ फल मिष्ठान्न आदि का दान दिया गया। गुरुवार को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर अमावस्या का स्नान भी हुआ। हालांकि कम संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन स्नान की वजह से हरकी पैड़ी पर पसरा सन्नाटा टूट गया।

148 वर्ष बाद शनि जयंती पर पड़ रहा सूर्यग्रहण
साल का पहला सूर्यग्रहण 10 जून ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है। इस दिन शनि जयंती भी है, इसलिए सूर्यग्रहण के साये पर शनिदेव का भी अद्भुत संयोग देखने को मिलेगा। हालांकि यह सूर्यग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य और जम्मू-कश्मीर में आंशिक रूप से दिखाई देगा। भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा।  148 वर्ष के बाद शनि जयंती के दिन सूर्यग्रहण पड़ रहा है।

विस्तार

बड़ मावस  और वट सावित्री का पर्व गुरुवार को घर-घर मनाया गया। पति के लंबे जीवन और सौभाग्य की कामना को लेकर महिलाओं ने दिन भर व्रत रखा। वट वृक्षों की पूजा और परिक्रमा कर परिवार में सभी प्रकार सुखों की कामना की गई।

महिलाओं ने घर-घर बड़ मावस की कथा सुनी

वट पर्व बड़ा प्राचीन पर्व है। सतयुग में इसी दिन सावित्री ने यमराज के पाश से अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे। वे वट वृक्ष के नीचे बैठकर यमराज से प्राण वापस लाईं और महासती का अलंकरण प्राप्त किया। उसी दिन की स्मृति में महिलाओं ने घर-घर बड़ मावस की कथा सुनी।

स्नान की वजह से हरकी पैड़ी पर पसरा सन्नाटा टूट गया

सौभाग्य की प्रतीक वस्तुओं के साथ फल मिष्ठान्न आदि का दान दिया गया। गुरुवार को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर अमावस्या का स्नान भी हुआ। हालांकि कम संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन स्नान की वजह से हरकी पैड़ी पर पसरा सन्नाटा टूट गया।

148 वर्ष बाद शनि जयंती पर पड़ रहा सूर्यग्रहण

साल का पहला सूर्यग्रहण 10 जून ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है। इस दिन शनि जयंती भी है, इसलिए सूर्यग्रहण के साये पर शनिदेव का भी अद्भुत संयोग देखने को मिलेगा। हालांकि यह सूर्यग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य और जम्मू-कश्मीर में आंशिक रूप से दिखाई देगा। भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा।  148 वर्ष के बाद शनि जयंती के दिन सूर्यग्रहण पड़ रहा है।



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Author: riteshkucc01

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