सेब सीजन में सड़कों की खस्ताहालत पर सीएम जयराम तल्ख, अधिकारियों को लताड़ा

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अमर उजाला नेटवर्क, बालीचौकी (मंडी)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 15 Jul 2021 07:38 PM IST

सार

लोगों ने भुराह से पंजाई सड़क की खस्ताहालत पर मुख्यमंत्री से शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने मौके पर ही पीछे खड़े अधिकारियों से कहा कि आगे आओ और सुनो लोग क्या कह रहे हैं। पैसा आया हुआ है और काम नहीं हो रहा।

सड़क की खस्ताहालत पर मुख्यमंत्री से शिकायत की
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन का गुरुवार को आगाज हो गया है लेकिन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। किसानो-बागवानों ने सीएम जयराम ठाकुर के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए अधिकारियों को खूब घेरा। इस पर सीएम अफसरों पर तल्ख दिखे और अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए। लोगों ने भुराह से पंजाई सड़क की खस्ताहालत पर मुख्यमंत्री से शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने मौके पर ही पीछे खड़े अधिकारियों से कहा कि आगे आओ और सुनो लोग क्या कह रहे हैं। पैसा आया हुआ है और काम नहीं हो रहा। अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण करेंगे और समस्या का समाधान करेंगे।

उधर, बालीचौकी दौरे में लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ज्यादा देर धूप में खड़े नहीं रहना पड़ा। मुख्यमंत्री जब मंच पर लोगों की शिकायतें सुन रहे थे तो लंबी कतार लग गई। मुख्यमंत्री ने खुद उठकर लाइन देखी तो वह अधिकारियों से बोले कि लोगों को कहें कि जहां खड़े हैं, वहीं रुकें। मैं खुद आकर बात सुनूंगा। इसके बाद वह आगे बढ़ते हुए एक-एक के पास पहुंचे और उनके कागज हाथ में लेकर बात सुनी। मुख्यमंत्री का यह अंदाज देख गांव से आई महिलाओं ने कहा कि यह अच्छा हुआ, नहीं तो हमारी बारी आती ही नहीं। 

 बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र को आगामी पूर्वी औद्योगिक गलियारे यानी अमृतसर, कोलकाता औद्योगिक गलियारे में नोड के रूप में सम्मिलित करने के सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र विचार करेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। कहा कि यह परियोजना लॉजिस्टिक्स की बेहतर सुगमता देने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं क्रियान्वयन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में सरकार ने इस औद्योगिक क्षेत्र को नए औद्योगिक गलियारे में एक संभावित एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर के रूप में जोड़ने के प्रस्ताव पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव उन्होंने स्वयं तत्कालीन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के शिमला दौरे के दौरान उनके समक्ष रखा था। कहा कि सरकार ने स्टेट ऑफ  आर्ट औद्योगिक पार्क जैसे चिकित्सा उपकरण पार्क, ऊर्जा उपकरण हब, इलेक्ट्रानिक उत्पादन क्लस्टर, प्लास्टिक पार्क और विद्युत उपकरण हब के विकास के लिए उद्योग विभाग को 2500 हेक्टेयर लैंड बैक आवंटित कर दिया है।

इसके अतिरिक्त सरकार ने 5000 करोड़ के निवेश से डिफेंस पार्क स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसे स्वीकृति मिलने से राज्य कॉरीडोर और इसके आसपास औद्योगिक अधोसंरचना के विकास के लिए तीन हजार करोड़ का अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्र बन जाएगा। यह प्रदेश को अत्याधुनिक औद्योगिक प्वाइंट शिप स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। भारत सरकार का राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरीडोर विकास कार्यक्रम एक महत्वाकांक्षी अधोसंरचना विकास कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य नए औद्योगिक शहरों को स्मार्ट सिटीज के रूप में विकसित करना है। 

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन का गुरुवार को आगाज हो गया है लेकिन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। किसानो-बागवानों ने सीएम जयराम ठाकुर के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए अधिकारियों को खूब घेरा। इस पर सीएम अफसरों पर तल्ख दिखे और अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए। लोगों ने भुराह से पंजाई सड़क की खस्ताहालत पर मुख्यमंत्री से शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने मौके पर ही पीछे खड़े अधिकारियों से कहा कि आगे आओ और सुनो लोग क्या कह रहे हैं। पैसा आया हुआ है और काम नहीं हो रहा। अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण करेंगे और समस्या का समाधान करेंगे।

उधर, बालीचौकी दौरे में लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ज्यादा देर धूप में खड़े नहीं रहना पड़ा। मुख्यमंत्री जब मंच पर लोगों की शिकायतें सुन रहे थे तो लंबी कतार लग गई। मुख्यमंत्री ने खुद उठकर लाइन देखी तो वह अधिकारियों से बोले कि लोगों को कहें कि जहां खड़े हैं, वहीं रुकें। मैं खुद आकर बात सुनूंगा। इसके बाद वह आगे बढ़ते हुए एक-एक के पास पहुंचे और उनके कागज हाथ में लेकर बात सुनी। मुख्यमंत्री का यह अंदाज देख गांव से आई महिलाओं ने कहा कि यह अच्छा हुआ, नहीं तो हमारी बारी आती ही नहीं। 


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पूर्वी औद्योगिक गलियारे के रूप में बीबीएनआई पर विचार करेगा केंद्र



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Author: riteshkucc01

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