सुविधाओं का अभाव: डंडों पर कुर्सी बांध गर्भवती को 8 किमी दूर पहुंचाया, सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


अमर उजाला नेटवर्क, न्यूली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 13 Sep 2021 08:42 PM IST

सार

ग्राम पंचायत प्रधान यमुना देवी ने कहा कि प्रशासन और सरकार से सड़क के निर्माण की मांग की जाती रही है लेकिन स्थिति जस की तस है।

कुर्सी पर उठाकर महिला को अस्पताल ले जाते ग्रामीण।
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है लेकिन जिला कुल्लू की सैंज घाटी के ग्रामीणों को अभी तक मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हुई हैं। घाटी की ग्राम पंचायत गाड़ापारली का एक भी गांव अभी तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। सोमवार को पंचायत के मेल गांव की गर्भवती महिला मथुुरा देवी को प्रसव पीड़ा के बीच डंडों पर कुर्सी बांधकर पैदल चलकर आठ किलोमीटर दूर निहारनी सड़क तक पहुंचाना पड़ा।

बरसात में संकरे रास्ते में महिला को ले जाने में छह घंटे लग गए। प्रसव पीड़ा अधिक होने के चलते प्रसव सड़क पर ही करवाना पड़ा। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को उप स्वास्थ्य केंद्र सैंज ले जाया गया, जहां दोनों का स्वास्थ्य ठीक है। ग्राम पंचायत प्रधान यमुना देवी ने कहा कि सोमवार को मथुुरा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर डंडों पर उठाकर उपचार के लिए ले जाना पड़ा है। प्रशासन और सरकार से सड़क के निर्माण की मांग की जाती रही है लेकिन स्थिति जस की तस है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई हफ्तों में तीन महिलाओं को उपचार के लिए उठाकर ले जाना पड़ा है।

गौरतलब है कि सड़क सुविधा न होने की वजह से ग्राम पंचायत गाड़ापारली की जनता की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। ग्रामीणों को राशन से लेकर निर्माण संबंधी आवश्यक सामग्री पीठ पर उठाकर पैदल 8 से 15 किलोमीटर सफर करना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीणों को किसी के बीमार होने पर आती है। ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरे रास्तों पर मरीज को सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए परेशानी बन जाता है। 

विस्तार

देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है लेकिन जिला कुल्लू की सैंज घाटी के ग्रामीणों को अभी तक मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हुई हैं। घाटी की ग्राम पंचायत गाड़ापारली का एक भी गांव अभी तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। सोमवार को पंचायत के मेल गांव की गर्भवती महिला मथुुरा देवी को प्रसव पीड़ा के बीच डंडों पर कुर्सी बांधकर पैदल चलकर आठ किलोमीटर दूर निहारनी सड़क तक पहुंचाना पड़ा।

बरसात में संकरे रास्ते में महिला को ले जाने में छह घंटे लग गए। प्रसव पीड़ा अधिक होने के चलते प्रसव सड़क पर ही करवाना पड़ा। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को उप स्वास्थ्य केंद्र सैंज ले जाया गया, जहां दोनों का स्वास्थ्य ठीक है। ग्राम पंचायत प्रधान यमुना देवी ने कहा कि सोमवार को मथुुरा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर डंडों पर उठाकर उपचार के लिए ले जाना पड़ा है। प्रशासन और सरकार से सड़क के निर्माण की मांग की जाती रही है लेकिन स्थिति जस की तस है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई हफ्तों में तीन महिलाओं को उपचार के लिए उठाकर ले जाना पड़ा है।

गौरतलब है कि सड़क सुविधा न होने की वजह से ग्राम पंचायत गाड़ापारली की जनता की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। ग्रामीणों को राशन से लेकर निर्माण संबंधी आवश्यक सामग्री पीठ पर उठाकर पैदल 8 से 15 किलोमीटर सफर करना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीणों को किसी के बीमार होने पर आती है। ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरे रास्तों पर मरीज को सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए परेशानी बन जाता है। 



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *