रुड़की: दिल्ली से देहरादून लौटते वक्त चीनी मिल के गेट पर मौन धरने पर बैठे हरीश रावत

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:58 PM IST

सार

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली और लिखा कि दिल्ली से रुड़की होकर देहरादून लौट रहा हूं। रास्ते में उत्तम शुगर मिल आएगी। मैं प्रतीकात्मक विरोध के लिए थोड़ी देर उत्तम चीनी मिल के गेट पर धरना देना चाहता हूं। एक एकांगी धरना होगा।

मौन धरने पर बैठे हरीश रावत
– फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली से देहरादून लौटते समय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शाम करीब छह बजे उत्तम शुगर मिल के गेट पर बैठकर सांकेतिक रूप से मौन धारण किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार जल्द गन्ना मूल्य घोषित नहीं करती तो प्रदेश की सभी शुगर मिलों के बाहर सांकेतिक मौन धारण किया जाएगा।

सोमवार शाम करीब पांच बजे पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली और लिखा कि ‘दिल्ली से रुड़की होकर देहरादून लौट रहा हूं। रास्ते में उत्तम शुगर मिल आएगी। किसानों के गन्ने का मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया गया है। किसान बेचैन हैं। मैं लगातार गन्ना खरीद मूल्य घोषित करने की मांग कर रहा हूं।

सरकार ने कानों में उंगली डाल दी है। मैं प्रतीकात्मक विरोध के लिए थोड़ी देर उत्तम चीनी मिल के गेट पर धरना देना चाहता हूं। एक एकांगी धरना होगा।’ इसके बाद देर शाम करीब छह बजे उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी के गेट पर पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के साथ दुर्व्यवहार करने में लगी हैं। 

लखीमपुर खीरी की घटना के बाद भाजपा का चेहरा जनता के सामने आ चुका है और अब जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द सर्वाधिक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया तो प्रदेश की सभी मिलों के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक मौन धारण करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर विधायक काजी निजामुद्दीन, पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, डॉक्टर शराफत अंसारी, नूर आलम ठेकेदार, सुधीर शांडिल्य, मोनू प्रधान, संजीव प्रधान, राजवीर सिंह, फरमान खान, प्रद्युम्न अग्रवाल, परवेज नंबरदार, राजा कुरैशी व महमूद अंसारी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सभी के लिए खुले हैं कांग्रेस के दरवाजे: रावत
यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है और भाजपा सरकार किसानों व पिछड़े समाज के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इसी से आजिज आकर उन्होंने कांग्रेस में आने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। कोई भी किसी भी समय आकर अपने परिवार में शामिल हो सकता है। 

विस्तार

दिल्ली से देहरादून लौटते समय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शाम करीब छह बजे उत्तम शुगर मिल के गेट पर बैठकर सांकेतिक रूप से मौन धारण किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार जल्द गन्ना मूल्य घोषित नहीं करती तो प्रदेश की सभी शुगर मिलों के बाहर सांकेतिक मौन धारण किया जाएगा।

सोमवार शाम करीब पांच बजे पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली और लिखा कि ‘दिल्ली से रुड़की होकर देहरादून लौट रहा हूं। रास्ते में उत्तम शुगर मिल आएगी। किसानों के गन्ने का मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया गया है। किसान बेचैन हैं। मैं लगातार गन्ना खरीद मूल्य घोषित करने की मांग कर रहा हूं।

सरकार ने कानों में उंगली डाल दी है। मैं प्रतीकात्मक विरोध के लिए थोड़ी देर उत्तम चीनी मिल के गेट पर धरना देना चाहता हूं। एक एकांगी धरना होगा।’ इसके बाद देर शाम करीब छह बजे उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी के गेट पर पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के साथ दुर्व्यवहार करने में लगी हैं। 

लखीमपुर खीरी की घटना के बाद भाजपा का चेहरा जनता के सामने आ चुका है और अब जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द सर्वाधिक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया तो प्रदेश की सभी मिलों के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक मौन धारण करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर विधायक काजी निजामुद्दीन, पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, डॉक्टर शराफत अंसारी, नूर आलम ठेकेदार, सुधीर शांडिल्य, मोनू प्रधान, संजीव प्रधान, राजवीर सिंह, फरमान खान, प्रद्युम्न अग्रवाल, परवेज नंबरदार, राजा कुरैशी व महमूद अंसारी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सभी के लिए खुले हैं कांग्रेस के दरवाजे: रावत

यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है और भाजपा सरकार किसानों व पिछड़े समाज के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इसी से आजिज आकर उन्होंने कांग्रेस में आने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। कोई भी किसी भी समय आकर अपने परिवार में शामिल हो सकता है। 



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Author: riteshkucc01

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