राहत: तीन साल बाद जेल से बाहर निकले लालू यादव, 12 दिन पहले हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 30 Apr 2021 10:07 AM IST

सार

झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के 12 दिन बाद राजद सु्प्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल से रिहा हो गए हैं। करीब ढाई साल की सजा काटने के बाद लालू प्रसाद यादव जेल से छूटे हैं।

लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
– फोटो : सोशल मीडिया

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लंबी लड़ाई और कोर्ट-कचहरी के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल से रिहा हो गए हैं। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के 12 दिन बाद लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर निकले हैं। बता दें कि लालू प्रसाद यादव झारखंड के दुमका कोषागार में अवैध निकासी से जुड़े मामले में 19 मार्च 2018 से सजा काट रहे थे।

झारखंड हाईकोर्ट ने बीते 17 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव को इस मामले में जमानत दे दी थी। हालांकि अधिवक्ताओं के कार्य नहीं किए जाने के कारण बेल बॉड नहीं भरा जा सका था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से आदेश जारी होने के बाद गुरुवार को लालू प्रसाद के पैरवीकार अधिवक्ता ने दो निजी मुचलके दाखिल किए। 

इन मुचलको को कोर्ट ने सही पाया और इसे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के जेल अधीक्ष के पास भेज दिया। साथ ही लालू को जेल से छोड़ने का आदेश भी दिया गया। बता दें कि इस मामले में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। 

आधी सजा पूरी करने के आधार पर मिली जमानत
बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद ने जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। इस मामले में सीबीआई की अदालत ने लालू प्रसाद को सात-सात साल की सजा दो अलग अलग धाराओं में सुनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने दावा किया था कि वह आधी सजा पूरी कर चुके हैं। वहीं सीबीआई का दावा था कि लालू प्रसाद की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है।

विस्तार

लंबी लड़ाई और कोर्ट-कचहरी के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल से रिहा हो गए हैं। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के 12 दिन बाद लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर निकले हैं। बता दें कि लालू प्रसाद यादव झारखंड के दुमका कोषागार में अवैध निकासी से जुड़े मामले में 19 मार्च 2018 से सजा काट रहे थे।

झारखंड हाईकोर्ट ने बीते 17 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव को इस मामले में जमानत दे दी थी। हालांकि अधिवक्ताओं के कार्य नहीं किए जाने के कारण बेल बॉड नहीं भरा जा सका था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से आदेश जारी होने के बाद गुरुवार को लालू प्रसाद के पैरवीकार अधिवक्ता ने दो निजी मुचलके दाखिल किए। 

इन मुचलको को कोर्ट ने सही पाया और इसे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के जेल अधीक्ष के पास भेज दिया। साथ ही लालू को जेल से छोड़ने का आदेश भी दिया गया। बता दें कि इस मामले में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। 

आधी सजा पूरी करने के आधार पर मिली जमानत

बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद ने जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। इस मामले में सीबीआई की अदालत ने लालू प्रसाद को सात-सात साल की सजा दो अलग अलग धाराओं में सुनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने दावा किया था कि वह आधी सजा पूरी कर चुके हैं। वहीं सीबीआई का दावा था कि लालू प्रसाद की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है।



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Author: riteshkucc01

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