राजन सुशांत बोले- उपचुनाव नहीं करवाए तो रथयात्रा भी नहीं होने देंगे

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:16 PM IST

सार

सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सुशांत ने कहा कि प्रदेश की जनता से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छिना जा रहा है। उपचुनाव टालने के लिए सरकार के तर्क में कोई दम नहीं है।

डॉ. राजन सुशांत
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत ने कहा है कि अगर प्रदेश में जल्द ही उपचुनावों की घोषणा नहीं हुई तो अक्तूबर में प्रस्तावित सरकार की स्वर्णिम रथ यात्रा को भी नहीं होने दिया जाएगा। मंगलवार को सुशांत ने राज्य सचिवालय शिमला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सुशांत ने कहा कि प्रदेश की जनता से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छिना जा रहा है।

उपचुनाव टालने के लिए सरकार के तर्क में कोई दम नहीं है। कोरोना संक्रमण के मामले अब कम हो रहे हैं। बीते पांच सप्ताह का डाटा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया गया है। भूस्खलन को लेकर वैज्ञानिकों की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि चुनाव की तारीख सितंबर अंत के बाद अगर होती है तो तब भूस्खलन और बारिश का खतरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि मंडी में करीब 19 लाख मतदाताओं और फतेहपुर, अर्की व जुब्बल कोटखाई के करीब तीन लाख लोगों को सांसद और विधायकों से महरूम रखने की सरकार साजिश रच रही है। जनता में इसको लेकर भारी रोष है। सुशांत ने कहा कि सरकार और भाजपा के कार्यक्रम भी लगातार जारी है।

ऐसे में उपचुनावों को टालने के लिए दिए जा रहे तर्क बेतुके हैं। दोपहर बाद डॉ. राजन सुशांत ने शिमला में बीते कई माह से धरने पर बैठे करुणामूलक संघ के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी की प्रदेश में सरकार बनते ही करुणामूलक आधार पर नौकरियां देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

विस्तार

हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत ने कहा है कि अगर प्रदेश में जल्द ही उपचुनावों की घोषणा नहीं हुई तो अक्तूबर में प्रस्तावित सरकार की स्वर्णिम रथ यात्रा को भी नहीं होने दिया जाएगा। मंगलवार को सुशांत ने राज्य सचिवालय शिमला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सुशांत ने कहा कि प्रदेश की जनता से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छिना जा रहा है।

उपचुनाव टालने के लिए सरकार के तर्क में कोई दम नहीं है। कोरोना संक्रमण के मामले अब कम हो रहे हैं। बीते पांच सप्ताह का डाटा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया गया है। भूस्खलन को लेकर वैज्ञानिकों की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि चुनाव की तारीख सितंबर अंत के बाद अगर होती है तो तब भूस्खलन और बारिश का खतरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि मंडी में करीब 19 लाख मतदाताओं और फतेहपुर, अर्की व जुब्बल कोटखाई के करीब तीन लाख लोगों को सांसद और विधायकों से महरूम रखने की सरकार साजिश रच रही है। जनता में इसको लेकर भारी रोष है। सुशांत ने कहा कि सरकार और भाजपा के कार्यक्रम भी लगातार जारी है।

ऐसे में उपचुनावों को टालने के लिए दिए जा रहे तर्क बेतुके हैं। दोपहर बाद डॉ. राजन सुशांत ने शिमला में बीते कई माह से धरने पर बैठे करुणामूलक संघ के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी की प्रदेश में सरकार बनते ही करुणामूलक आधार पर नौकरियां देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *