मेरठ: डेंगू के सक्रिय मरीज 50 पार, अस्पतालों में लंबी कतार, मच्छरों का लार्वा मिलने पर नौ को नोटिस

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सार

मेरठ में डेंगू का कहर लगातार जारी है। शहर में डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या 50 के पार पहुंच चुकी है। वहीं सैनिक विहार और सरस्वती विहार में मच्छरों का लार्वा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नौ लोगों को नोटिस दिया गया है। 
 

मेरठ मेडिकल में लगी मरीजों की लाइनें
– फोटो : अमर उजाला

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मेरठ में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में सोमवार को 15 नए मरीज मिले। अब तक 94 मिल चुके हैं, इनमें 51 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 43 ठीक हो चुके हैं। जो नए मरीज मिले हैं, वे रजबन, कसेरू बक्सर, मलियाना, रोहटा, लखीपुरा और जानी के रहने वाले हैं। इन स्थानों पर मलेरिया विभाग ने एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई है। वहीं जिला और मेडिकल अस्पताल में भीड़ लग रही है। दूसरी तरफ जिला मलेरिया विभाग की टीम को घर-घर किए जा रहे सर्वे अभियान में सैनिक विहार और रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कालोनी के नौ घरों में लार्वा मिला। यहां नौ नोटिस दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर फिर से निरीक्षण किया जाएगा, अगर दोबारा लार्वा मिला तो जुर्माना लगाया जाएगा। यहां कूलर और गमलों आदि में लार्वा मिला।

सर्वे के दौरान जिला मलेरिया विभाग की टीम को बड़ी संख्या में लार्वा मिल रहा है। रविवार को तो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का ब्वायज हॉस्टल मच्छरों के लार्वा से भरा पड़ा मिला था। 24 कूलरों में लार्वा था। फाजिलपुर, अनूपनगर और न्यू सैनिक विहार कालोनी में 34 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला था। 

इस संबंध में जिलाधिकारी ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग और नगर निगम आदि विभागों के साथ बैठक की, निर्देशित किया कि डेंगू को रोकने के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि नियमानुसार अगर दोबारा निरीक्षण के दौरान पानी भरा हुआ और उसमें लार्वा मिलता है तो नगर निगम पांच से पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूल सकता है। तीसरे बार निरीक्षण में ऐसा मिलने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।

यह भी पढ़ें: भाजपा नेता हत्याकांड का खुलासा: पुलिस पूछताछ में आरोपी बोला- रिश्तेदार होते हुए नौकर की तरह रखते थे, इसलिए मार डाला, दो गिरफ्तार
अस्पतालों में लगी कतार
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मरीजों की कतारें लग रही हैं। सोमवार को दोनों अस्पतालों में ओपीडी में तीन हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे। पर्चा काउंटर पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं। इससे तीसरी लहर आने का अंदेशे को और बल मिलता है। यह लापरवाही है, इससे दिक्कत हो सकती है। ज्यादा मरीज बुखार, खांसी, जुकाम और त्वचा रोगों आदि के आ रहे हैं। दोनों स्थानों पर अनाउंसमेंट सिस्टम लगा हुआ है, जिसमें समय समय पर अनाउंसमेंट किया जाता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मगर लोग मानते नहीं हैं।

321 लोगों में मिला बुखार 
स्वास्थ्य विभाग की 1316 टीमों ने सोमवार को घर-घर जाकर (डोर टू डोर) 68989 घरों का सर्वे किया। इनमें 321 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इनके अलावा 45 साल से अधिक उम्र के 9989 लोग ऐसे मिले, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है। 666 गर्भवती महिलाएं और दो साल तक के 2142 बच्चों ने रूटीन टीकाकरण नहीं कराया है। यह अभियान 16 सितंबर तक चलाया जाएगा। सोमवार को अभियान का सातवां दिन था। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि यह अभियान 16 सितंबर तक चलाया जाएगा। 

कोरोना के 4710 सैंपलों की जांच, सभी नेगेटिव
मेरठ। सोमवार को जिले में 4710 सैंपलों की जांच की गई, इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस दो हैं। दोनों होम आइसोलेशन में हैं। अब तक 66009 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 65166 की छुट्टी हो चुकी है। वहीं, ब्लैक फंगस के अब तक कुल 348 मरीज मिल चुके हैं। 321 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। कोई सक्रिय केस नहीं है। 27 की मौत हो चुकी है।

21650 लोगों ने लगवाया टीका  
सोमवार को 78 बूथों पर 21650 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। मंगलवार  को 80 बूथों पर 30,950 लोगों को पहली और बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जा रही है।  

टीकाकरण में मेरठ प्रदेश के टॉप 10 जिलों में 
नियमित टीकाकरण में मेरठ जिला प्रदेश के टॉप टेन जनपदों में शामिल किया गया है। मातृ एवं मृत्यु दर को नियंत्रित रखने के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन प्रदेश में 30 अगस्त से पांच सितंबर तक कराए गए टीकाकरण में 10 जनपद ही ऐसे हैं, जिनमें या लक्ष्य से शत प्रतिशत टीकाकरण किया गया है, या फिर ज्यादा। इन जनपदों में मेरठ, हमीरपुर, संतकबीरनगर, बागपत, बस्ती, अमरोहा, कुशीनगर, रामपुर, महाराजगंज और बिजनौर जिले हैं। सबसे खराब प्रदर्शन फिरोजाबाद जिले का रहा है, यहां सिर्फ 26 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। 

हर रविवार लगेगा मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला
जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का फिर से आयोजन किया जाएगा। 19 सितंबर से हर रविवार को शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजन होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि मेेले का आयोजन सुबह 10 से शाम चार बजे तक किया जाएगा। मेले का आयोजन रविवार को होने के कारण कर्मचारियों को शुक्रवार और शनिवार को अवकाश दिया जाएगा। मेले के मुख्य द्वार पर ऑक्सीमीटर और थर्मल स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था रहेगी। मेले में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। मेले में आधारभूत पैथोलॉजिकल जांच, विशेष रूप से रैपिड डायग्नोस्टिक किट आधारित जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

विस्तार

मेरठ में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में सोमवार को 15 नए मरीज मिले। अब तक 94 मिल चुके हैं, इनमें 51 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 43 ठीक हो चुके हैं। जो नए मरीज मिले हैं, वे रजबन, कसेरू बक्सर, मलियाना, रोहटा, लखीपुरा और जानी के रहने वाले हैं। इन स्थानों पर मलेरिया विभाग ने एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई है। वहीं जिला और मेडिकल अस्पताल में भीड़ लग रही है। दूसरी तरफ जिला मलेरिया विभाग की टीम को घर-घर किए जा रहे सर्वे अभियान में सैनिक विहार और रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कालोनी के नौ घरों में लार्वा मिला। यहां नौ नोटिस दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर फिर से निरीक्षण किया जाएगा, अगर दोबारा लार्वा मिला तो जुर्माना लगाया जाएगा। यहां कूलर और गमलों आदि में लार्वा मिला।

सर्वे के दौरान जिला मलेरिया विभाग की टीम को बड़ी संख्या में लार्वा मिल रहा है। रविवार को तो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का ब्वायज हॉस्टल मच्छरों के लार्वा से भरा पड़ा मिला था। 24 कूलरों में लार्वा था। फाजिलपुर, अनूपनगर और न्यू सैनिक विहार कालोनी में 34 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला था। 

इस संबंध में जिलाधिकारी ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग और नगर निगम आदि विभागों के साथ बैठक की, निर्देशित किया कि डेंगू को रोकने के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि नियमानुसार अगर दोबारा निरीक्षण के दौरान पानी भरा हुआ और उसमें लार्वा मिलता है तो नगर निगम पांच से पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूल सकता है। तीसरे बार निरीक्षण में ऐसा मिलने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।

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Author: riteshkucc01

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