मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सुलझेंगे शिक्षकों के मामले

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अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 29 Apr 2021 10:50 AM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले अब मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में सुलझाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा को पूरा करते हुए सरकार ने 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त/संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं।

बुधवार को सरकार की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है। उच्च स्तरीय कमेटी ही अब शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई करेगी। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे। शिक्षा विभाग प्रदेश में सबसे बड़ा विभाग है। यहां एक लाख से अधिक नियमित कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। शिक्षकों के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं।

मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और निदेशकों से आए दिन कोई न कोई शिक्षक संगठन अपनी मांगों को लेकर मिलता रहता है। विभाग में विभिन्न श्रेणियों के करीब तीन दर्जन शिक्षक संगठन भी हैं। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में एलान किया था कि शिक्षकों के मामले को हल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अलग से उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। 

शिक्षक महासंघ ने कमेटी में शिक्षकों के लिए मांगा प्रतिनिधित्व
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति के गठन के लिए आभार जताया है। महासंघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा , प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, महामंत्री विनोद सूद प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने समिति में शिक्षकों को शामिल करने और उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले अब मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में सुलझाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा को पूरा करते हुए सरकार ने 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त/संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं।

बुधवार को सरकार की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है। उच्च स्तरीय कमेटी ही अब शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई करेगी। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे। शिक्षा विभाग प्रदेश में सबसे बड़ा विभाग है। यहां एक लाख से अधिक नियमित कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। शिक्षकों के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं।

मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और निदेशकों से आए दिन कोई न कोई शिक्षक संगठन अपनी मांगों को लेकर मिलता रहता है। विभाग में विभिन्न श्रेणियों के करीब तीन दर्जन शिक्षक संगठन भी हैं। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में एलान किया था कि शिक्षकों के मामले को हल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अलग से उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। 

शिक्षक महासंघ ने कमेटी में शिक्षकों के लिए मांगा प्रतिनिधित्व

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति के गठन के लिए आभार जताया है। महासंघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा , प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, महामंत्री विनोद सूद प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने समिति में शिक्षकों को शामिल करने और उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।



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Author: riteshkucc01

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