महाराष्ट्र: सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई के शिरडी में प्रवेश पर 11 दिसंबर तक लगी रोक


सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई
– फोटो : ANI

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सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई के महाराष्ट्र के शिरडी में प्रवेश पर 11 दिसंबर तक रोक लगा दी गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शिरडी साईं बाबा मंदिर के अधिकारियों ने कुछ बोर्ड लगाए थे, जिन पर श्रद्धालुओं से सभ्य तरीके के कपड़े पहनने को कहा गया था। देसाई द्वारा इन बोर्डों को हटाने की धमकी दिए जाने के बाद उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (शिरडी क्षेत्र) गोविंद शिंदे ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए देसाई को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे निकटवर्ती अहमनगर जिले के शिरडी में आठ दिसंबर मध्यरात्रि से 11 दिसंबर मध्यरात्रि तक प्रवेश नहीं करने के लिए कहा गया है। इससे पहले एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान तृप्ति देसाई ने बताया था कि साईं बाबा मंदिर प्रशासन द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। साथ ही उन्होंने जो नोटिस दिया है, वो भी तर्कसंगत नहीं है।

तृप्ति ने कहा कि इस नियम को जल्द से जल्द हटा देना चाहिए। यदि ये नियम नहीं हटाया गया तो देश के अन्य मंदिरों में भी इस नियम को लागू कर दिया जाएगा। तृप्ति के अनुसार, अगर ये नियम लागू रहता है तो मंदिरों में चेजिंग रूम की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में महिलाओं के साथ लूट की घटना बढ़ जाएगी।

सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई के महाराष्ट्र के शिरडी में प्रवेश पर 11 दिसंबर तक रोक लगा दी गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शिरडी साईं बाबा मंदिर के अधिकारियों ने कुछ बोर्ड लगाए थे, जिन पर श्रद्धालुओं से सभ्य तरीके के कपड़े पहनने को कहा गया था। देसाई द्वारा इन बोर्डों को हटाने की धमकी दिए जाने के बाद उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (शिरडी क्षेत्र) गोविंद शिंदे ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए देसाई को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे निकटवर्ती अहमनगर जिले के शिरडी में आठ दिसंबर मध्यरात्रि से 11 दिसंबर मध्यरात्रि तक प्रवेश नहीं करने के लिए कहा गया है। इससे पहले एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान तृप्ति देसाई ने बताया था कि साईं बाबा मंदिर प्रशासन द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। साथ ही उन्होंने जो नोटिस दिया है, वो भी तर्कसंगत नहीं है।

तृप्ति ने कहा कि इस नियम को जल्द से जल्द हटा देना चाहिए। यदि ये नियम नहीं हटाया गया तो देश के अन्य मंदिरों में भी इस नियम को लागू कर दिया जाएगा। तृप्ति के अनुसार, अगर ये नियम लागू रहता है तो मंदिरों में चेजिंग रूम की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में महिलाओं के साथ लूट की घटना बढ़ जाएगी।



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Author: riteshkucc01

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