मध्यप्रदेश: मजिस्ट्रेट के घर चोर को नहीं मिली पर्याप्त नकदी और गहने, छोड़ा नाराजगी भरा नोट

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सार

देवास जिले के खातेगांव कस्बे में तैनात उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) त्रिलोचन सिंह गौर के बंद घर में घुसने के बाद, चोरों के एक समूह को यह देखकर निराशा हुई कि उनके पास चोरी करने के लिए बहुत कुछ नहीं था। इसके बाद चोरों ने हिंदी में एक हस्तलिखित नोट छोड़ा।

घर में चोरी (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : अमर उजाला

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मध्यप्रदेश के देवास जिले के एक सरकारी अधिकारी के घर में पर्याप्त नकदी एवं कीमती सामान नहीं मिलने से नाराज चोरों ने वहां एक नोट लिख कर छोड़ दिया, जिसमें लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे, तो घर में ताला नहीं लगाना था कलेक्टर’। पुलिस ने बताया कि नोट छोड़ने वाले दो चोरो को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देवास जिले के खातेगांव कस्बे में तैनात उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) त्रिलोचन सिंह गौर के बंद घर में घुसने के बाद, चोरों के एक समूह को यह देखकर निराशा हुई कि उनके पास चोरी करने के लिए बहुत कुछ नहीं था। इसके बाद चोरों ने हिंदी में एक हस्तलिखित नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे, तो घर में ताला नहीं लगाना था कलेक्टर’।

चोर द्वारा लिखे गए इस नोट की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। चोर ने इस नोट को लिखने के लिए उसी अधिकारी की डायरी के पेज और पेन का उपयोग किया।कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह ने बताया कि दो चोरों की पहचान कुंदन ठाकुर (32) और शुभम जायसवाल (24) के रूप में हुई है, जबकि उनका सहयोगी प्रकाश उर्फ गांजा अभी भी फरार है।

उन्होंने बताया कि इनमें से जायसवाल ने ही गौर के घर में महज 5,500 रुपये नकद मिलने से निराश होकर नोट लिखा था। सिंह ने कहा कि चोरों ने एसडीएम के घर की रेकी करने के बाद अक्तूबर के पहले सप्ताह में चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जहां वर्तमान में कोई भी नहीं रह रहा है।

उन्होंने कहा कि चोरी की घटना के 15-20 दिन पहले ही गौर को देवास के उपजिलाधिकारी के पद से तबादला कर जिले के खातेगांव का एसडीएम नियुक्त किया गया है। वह अपनी नई तैनाती पर खातेगांव चले गए थे और उन्होंने अपना देवास शहर स्थित सिविल लाइन इलाके का सरकारी आवास खाली नहीं किया था।

सिंह ने बताया कि इसी बीच, उनके सिविल लाइन इलाके के इस सरकारी आवास पर पिछले 15 दिनों से ताला लटका देखकर चोर ने इस घटना को अंजाम दिया। सिंह ने बताया कि इस बात का खुलासा तब हुआ, जब गौर 15 दिन बाद अपने इस आवास पर पहुंचे। उन्होंने अपने घर के ताले टूटे देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद घर में प्रवेश करने पर उन्होंने पाया कि घर का पूरा सामान बिखरा पड़ा है। सूत्रों के अनुसार मौके पर एसडीएम को टेबल पर उन्हीं की डायरी से फटा यह कागज मिला, जिस पर चोर ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोट लिखा था।

विस्तार

मध्यप्रदेश के देवास जिले के एक सरकारी अधिकारी के घर में पर्याप्त नकदी एवं कीमती सामान नहीं मिलने से नाराज चोरों ने वहां एक नोट लिख कर छोड़ दिया, जिसमें लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे, तो घर में ताला नहीं लगाना था कलेक्टर’। पुलिस ने बताया कि नोट छोड़ने वाले दो चोरो को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देवास जिले के खातेगांव कस्बे में तैनात उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) त्रिलोचन सिंह गौर के बंद घर में घुसने के बाद, चोरों के एक समूह को यह देखकर निराशा हुई कि उनके पास चोरी करने के लिए बहुत कुछ नहीं था। इसके बाद चोरों ने हिंदी में एक हस्तलिखित नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे, तो घर में ताला नहीं लगाना था कलेक्टर’।

चोर द्वारा लिखे गए इस नोट की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। चोर ने इस नोट को लिखने के लिए उसी अधिकारी की डायरी के पेज और पेन का उपयोग किया।कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह ने बताया कि दो चोरों की पहचान कुंदन ठाकुर (32) और शुभम जायसवाल (24) के रूप में हुई है, जबकि उनका सहयोगी प्रकाश उर्फ गांजा अभी भी फरार है।

उन्होंने बताया कि इनमें से जायसवाल ने ही गौर के घर में महज 5,500 रुपये नकद मिलने से निराश होकर नोट लिखा था। सिंह ने कहा कि चोरों ने एसडीएम के घर की रेकी करने के बाद अक्तूबर के पहले सप्ताह में चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जहां वर्तमान में कोई भी नहीं रह रहा है।

उन्होंने कहा कि चोरी की घटना के 15-20 दिन पहले ही गौर को देवास के उपजिलाधिकारी के पद से तबादला कर जिले के खातेगांव का एसडीएम नियुक्त किया गया है। वह अपनी नई तैनाती पर खातेगांव चले गए थे और उन्होंने अपना देवास शहर स्थित सिविल लाइन इलाके का सरकारी आवास खाली नहीं किया था।

सिंह ने बताया कि इसी बीच, उनके सिविल लाइन इलाके के इस सरकारी आवास पर पिछले 15 दिनों से ताला लटका देखकर चोर ने इस घटना को अंजाम दिया। सिंह ने बताया कि इस बात का खुलासा तब हुआ, जब गौर 15 दिन बाद अपने इस आवास पर पहुंचे। उन्होंने अपने घर के ताले टूटे देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद घर में प्रवेश करने पर उन्होंने पाया कि घर का पूरा सामान बिखरा पड़ा है। सूत्रों के अनुसार मौके पर एसडीएम को टेबल पर उन्हीं की डायरी से फटा यह कागज मिला, जिस पर चोर ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोट लिखा था।



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Author: riteshkucc01

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