ब्रिटेन में अब बच्चों का शुरू होने जा रहा टीकाकरण, 12 से 15 साल तक को टीका लगाने की मिली मंजूरी

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


Corona Vaccination: ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने सोमवार को फैसला किया है कि 12 से 15 साल के बच्चों को कोविड रोधी टीका दिया जाना चाहिए. चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने स्कूलों में संक्रमण के प्रसार और शिक्षा पर प्रभाव पर विचार करने की उनकी सिफारिश के बाद यह फैसला लिया है.

उन्होंने कहा, ‘यह व्यवधान को कम करने के लिए एक उपयोगी तरीका है.’ निर्णय के अनुसार, स्वस्थ बच्चों को फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन की एक खुराक दी जाएगी और ‘जितनी जल्दी हो सके’ टीकाकरण शुरू किया जाएगा. इस फैसले के बाद लगभग 30 लाख पात्र बच्चों को टीका लगाया जा सकता है. इन्हें स्कूलों में लगाए जाने की उम्मीद है.

कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए नयी रक्त जांच का परीक्षण

ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने सोमवार को एक क्रांतिकारी नयी “त्वरित और सरल” रक्त जांच का दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षण शुरू किया, जो लक्षणों के नजर आने से पहले 50 से अधिक प्रकार के कैंसर का पता लगा सकता है. स्वास्थ्य लाभ कंपनी ग्रेल द्वारा शुरू की गई ‘द गलेरी टीएम” जांच खून में कैंसर के शुरुआती संकेतों का पता लगाता है. अनूठे प्रकार का एनएचएस-गलैरी परीक्षण इंग्लैंड के आठ इलाकों में 1,40,000 स्वयंसेवियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है ताकि देखा जा सके कि एनएचएस में यह जांच कितने बेहतर तरीके से काम कर सकती है.

ग्रेल यूरोप के भारतीय मूल के अध्यक्ष एवं ब्रिटेन के प्रमुख कैंसर अनुसंधानकर्ताओं में से एक हरपाल कुमार ने कहा, “गलेरी जांच न सिर्फ कैंसर के बहुत से प्रकारों का पता लगा सकती है बल्कि बहुत सटीकता से इसका अनुमान भी लगा लेगी कि शरीर के किस अंग में कैंसर है.”

उन्होंने कहा, “जांच घातक कैंसरों का पता लगाने में अधिक सक्षम है और इसके परिणाम गलत आने की बहुत कम संभावना है. हमें कैंसर के शुरुआती निदान के लिए एनएचएस दीर्घकालिक योजना का समर्थन करने के लिए एनएचएस के साथ साझेदारी करने में खुशी हो रही है, और हम अपनी तकनीक को ब्रिटेन में लोगों के लिए जल्द से जल्द लाने के लिए उत्सुक हैं.” 

भाग लेने वाले शुरुआती लोगों के रक्त के नमूने रिटेल पार्कों और अन्य सुविधाजनक सामुदायिक स्थानों में चल परीक्षण क्लीनिकों में लिए जाएंगे. एनएचएस की मुख्य कार्यकारी अमांदा प्रिटचार्ड ने कहा, “यह त्वरित एवं सरल रक्त जांच यहां और दुनिया भर में कैंसर का पता लगाने और इलाज में क्रांति की शुरुआत को दर्शाता है.”

ये भी पढ़ें:

Corona Vaccination: भारत ने कोरोना वैक्सीनेशन में पार किया 75 करोड़ का आंकड़ा, WHO ने सराहा

रिसर्च से बड़ा दावा- वैक्सीन नहीं लगवाने वालों में 10 गुना तक बढ़ता है मौत का जोखिम



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *