बिहार: जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह को कोर्ट ने सुनाई पांच साल की जेल की सजा, जानें क्या है मामला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 13 Sep 2021 03:49 PM IST

सार

मामला 4 जून 2000 की है। ललन सिंह विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। यहां पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह भी पहुंचे थे। दोनों में पहले से विवाद था। इस दौरान बात फायरिंग तक पहुंच गई थी।

जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह
– फोटो : सोशल मीडिया

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समस्तीपुर जिले की अदालत ने विभूतिपुर के जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई को आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने के मामले में पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ कोर्ट ने उनपर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले अदालत ने 10 सितंबर को रामबालक सिंह और उनके भाई लाल बाबू सिंह को दोषी करार दिया था। मामला साल 2000 का है। आरोप था कि उनके आदेश के बाद ही ललन सिंह को गोली मारी गई थी।

4 जून 2000 की घटना
मामला 4 जून 2000 की है। ललन सिंह विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। यहां पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह भी पहुंचे थे। दोनों में पहले से विवाद था। इस दौरान ललन सिंह पर नजर पड़ते ही विधायक और उनके भाई ने ललन सिंह को पकड़ने दौड़े, लेकिन वह किसी तरह वहां से बाहर निकल गए। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपने साथियों के साथ ललन का पीछा किया और इस दौरान पूर्व विधायक के भाई ने फायरिंग कर दी। इसके बाद ललन सिंह ने पूर्व विधायक और उनके भाई पर थाने में मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसकी सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने दोनों भाई को आरोपी करार दिया था। 

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे
कोर्ट की ओर से दोषी करार देने के बाद बचाव पक्ष के वकील कर्मवीर कुमार ने कहा था कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सह एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने दोनों को 354 और 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। हम हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देंगे। कोर्ट परिसर में मौजूद पूर्व विधायक रामबालक सिंह ने कहा था कि अभी कुछ भी बोलेंगे तो जल्दबाजी होगी। हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं।

विस्तार

समस्तीपुर जिले की अदालत ने विभूतिपुर के जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई को आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने के मामले में पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ कोर्ट ने उनपर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले अदालत ने 10 सितंबर को रामबालक सिंह और उनके भाई लाल बाबू सिंह को दोषी करार दिया था। मामला साल 2000 का है। आरोप था कि उनके आदेश के बाद ही ललन सिंह को गोली मारी गई थी।

4 जून 2000 की घटना

मामला 4 जून 2000 की है। ललन सिंह विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। यहां पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह भी पहुंचे थे। दोनों में पहले से विवाद था। इस दौरान ललन सिंह पर नजर पड़ते ही विधायक और उनके भाई ने ललन सिंह को पकड़ने दौड़े, लेकिन वह किसी तरह वहां से बाहर निकल गए। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपने साथियों के साथ ललन का पीछा किया और इस दौरान पूर्व विधायक के भाई ने फायरिंग कर दी। इसके बाद ललन सिंह ने पूर्व विधायक और उनके भाई पर थाने में मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसकी सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने दोनों भाई को आरोपी करार दिया था। 

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे

कोर्ट की ओर से दोषी करार देने के बाद बचाव पक्ष के वकील कर्मवीर कुमार ने कहा था कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सह एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने दोनों को 354 और 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। हम हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देंगे। कोर्ट परिसर में मौजूद पूर्व विधायक रामबालक सिंह ने कहा था कि अभी कुछ भी बोलेंगे तो जल्दबाजी होगी। हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं।



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Author: riteshkucc01

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