बिजली बोर्ड को चूना लगाने वाले जेई-एसडीओ पर होगी एफआईआर

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अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 01 May 2021 11:05 AM IST

राज्य बिजली बोर्ड
– फोटो : अमर उजाला

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राज्य बिजली बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ का चूना लगाने वाले कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ अगले सप्ताह आपराधिक मामला दर्ज हो जाएगा। कुल्लू में एक निजी कंपनी को गलत तरीके से बिजली कनेक्शन देने और बिल नहीं लेने पर बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ रुपये के हुए नुकसान के मामले में प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज करवाने की औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दिया है।

चीफ इंजीनियर बनने जा रहे तत्कालीन अधिशासी अभियंता जो अब अधीक्षक अभियंता के पद पर तैनात हैं, उन्हें सस्पेंड करने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा तत्कालीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली को लेकर बोर्ड के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह फैसला लेंगे।

वर्ष 2014 में कुल्लू की एक निजी कंपनी को एचटी लाइन से गलत तरीके से कनेक्शन दिया गया था। वर्ष 2016 में इस मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच कमेटी ने वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। बीते तीन वर्ष के दौरान इस मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बीते दिनों विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी यह मामला उठा था।

विगत 21 अप्रैल को को बोर्ड के अध्यक्ष रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की बैठक में दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। इसी कड़ी में अब बोर्ड प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में इसको लेकर फाइल तैयार हो रही है। संभव है कि अगले सप्ताह मामला दर्ज करवा दिया जाएगा। 

राज्य बिजली बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ का चूना लगाने वाले कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ अगले सप्ताह आपराधिक मामला दर्ज हो जाएगा। कुल्लू में एक निजी कंपनी को गलत तरीके से बिजली कनेक्शन देने और बिल नहीं लेने पर बोर्ड को करीब डेढ़ करोड़ रुपये के हुए नुकसान के मामले में प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज करवाने की औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दिया है।

चीफ इंजीनियर बनने जा रहे तत्कालीन अधिशासी अभियंता जो अब अधीक्षक अभियंता के पद पर तैनात हैं, उन्हें सस्पेंड करने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा तत्कालीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली को लेकर बोर्ड के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह फैसला लेंगे।

वर्ष 2014 में कुल्लू की एक निजी कंपनी को एचटी लाइन से गलत तरीके से कनेक्शन दिया गया था। वर्ष 2016 में इस मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच कमेटी ने वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। बीते तीन वर्ष के दौरान इस मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बीते दिनों विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी यह मामला उठा था।

विगत 21 अप्रैल को को बोर्ड के अध्यक्ष रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की बैठक में दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। इसी कड़ी में अब बोर्ड प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में इसको लेकर फाइल तैयार हो रही है। संभव है कि अगले सप्ताह मामला दर्ज करवा दिया जाएगा। 



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Author: riteshkucc01

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