बागवानों को झटका: एग्रो वेस्ट पेपर पर छह फीसदी बढ़ा जीएसटी, सेब कार्टन और होगा महंगा

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अमर उजाला नेटवर्क, पतलीकूहल/कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 13 Oct 2021 10:35 AM IST

सार

हालांकि सीजन के आरंभ में प्रदेश सरकार ने बागवानों को आश्वासन दिया था कि कार्टन व सेब पैकिंग ट्रे के मूल्यों पर किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद 10 रुपये से अधिक महंगा कार्टन बिका। सेब खरीद करने वाली कंपनियों ने बागवानों को सेब का मूल्य बेहद कम दिया।

बागवानों को कार्टन और भी महंगा मिलेगा।
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के आखिर में बागवानों को एक और झटका लगा है। एक अक्तूबर से कार्टन में  इस्तेमाल होने वाले एग्रो वेस्ट पेपर पर लगने वाले जीएसटी को 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। एग्रो वेस्ट पेपर पर छह प्रतिशत जीएसटी बढ़ाया गया है। जीएसटी बढ़ने से अगले साल बागवानों को कार्टन और भी महंगा मिलेगा।

इससे बागवानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि सीजन के आरंभ में प्रदेश सरकार ने बागवानों को आश्वासन दिया था कि कार्टन व सेब पैकिंग ट्रे के मूल्यों पर किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद 10 रुपये से अधिक महंगा कार्टन बिका। सेब खरीद करने वाली कंपनियों ने बागवानों को सेब का मूल्य बेहद कम दिया।

इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा। अब एग्रो वेस्ट पर जीएसटी बढ़ने से एक फिर बागवानों पर ही मार पड़ी है। कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि और बागवानी में प्रयोग होने वाली सामग्री पर लगातार टैक्स बढ़ा रही है। इससे बागवानों को फलों और सब्जियों के उत्पादन पर काफी अधिक खर्चा आ रहा है।

लेकिन जब किसान और बागवान अपनी उपज को बाजार में बेचने जाते हैं,  तो उन्हें कई बार लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। सरकार किसानों, बागवानों की अनदेखी कर रही है। कार्टन में प्रयोग होने वाले एग्रो वेस्ट पेपर पर लगने वाले टैक्स में वृद्धि की मार बागवानों पर पड़ेगी। इसलिए बागवानों के हित में इस वृद्धि को जल्द वापस लिया जाए। 

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के आखिर में बागवानों को एक और झटका लगा है। एक अक्तूबर से कार्टन में  इस्तेमाल होने वाले एग्रो वेस्ट पेपर पर लगने वाले जीएसटी को 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। एग्रो वेस्ट पेपर पर छह प्रतिशत जीएसटी बढ़ाया गया है। जीएसटी बढ़ने से अगले साल बागवानों को कार्टन और भी महंगा मिलेगा।

इससे बागवानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि सीजन के आरंभ में प्रदेश सरकार ने बागवानों को आश्वासन दिया था कि कार्टन व सेब पैकिंग ट्रे के मूल्यों पर किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद 10 रुपये से अधिक महंगा कार्टन बिका। सेब खरीद करने वाली कंपनियों ने बागवानों को सेब का मूल्य बेहद कम दिया।

इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा। अब एग्रो वेस्ट पर जीएसटी बढ़ने से एक फिर बागवानों पर ही मार पड़ी है। कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि और बागवानी में प्रयोग होने वाली सामग्री पर लगातार टैक्स बढ़ा रही है। इससे बागवानों को फलों और सब्जियों के उत्पादन पर काफी अधिक खर्चा आ रहा है।

लेकिन जब किसान और बागवान अपनी उपज को बाजार में बेचने जाते हैं,  तो उन्हें कई बार लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। सरकार किसानों, बागवानों की अनदेखी कर रही है। कार्टन में प्रयोग होने वाले एग्रो वेस्ट पेपर पर लगने वाले टैक्स में वृद्धि की मार बागवानों पर पड़ेगी। इसलिए बागवानों के हित में इस वृद्धि को जल्द वापस लिया जाए। 



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Author: riteshkucc01

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