बरेलीः सूदखोरों से दो लाख कर्ज लिया, 11 लाख और जान देकर छूटा किसान

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परिवार का सूदखोरों पर जहर खिलाकर हत्या का आरोप, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
बहन की शादी को लिया था कर्ज, बदले में दिए दो लाख नकद और नौ लाख की जमीन

बरेली/फरीदपुर। सूदखोरों ने एक और जान ले ली। मरने वाले फरीदपुर के गांव धीरपुर निवासी 30 वर्षीय शीलेंद्र सिंह किसान थे जिन्होंने अपनी बहन की शादी के लिए दो लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिवार वालों का आरोप है कि सूदखोर शीलेंद्र से दो लाख वापस लेने के साथ नौ लाख के खेत का भी बैनामा करा चुके थे। इसके बावजूद दो लाख और मांग रहे थे। विवाद हुआ तो जहर खिलाने के बाद घर के दरवाजे पर डाल गए।
शीलेंद्र सिंह के साले राजवीर के मुताबिक उनके बहनोई ने तीन साल पहले गांव के ही दो सूदखोरों से अपनी बहन की शादी के लिए एक-एक लाख रुपये कर्ज लिया था। अब उनमें से एक सूदखोर फरीदपुर में पढ़ेरा रोड और दूसरा ओसढ़ रोड पर रहता है। कर्ज देते समय सूदखोरों ने ब्याज की कोई बात नहीं की, मगर जब वे कर्ज चुकाने गए तो पांच प्रतिशत मासिक का ब्याज लगा दिया। शीलेंद्र ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये लौटा दिए लेकिन वे ब्याज के लिए दबाव बनाते रहे। फिर एक सूदखोर ने ब्याज के रूप में शीलेंद्र से डेढ़ लाख रुपये भी वसूल लिए लेकिन इसके बावजूद उनका उत्पीड़न करना बंद नहीं किया।
राजवीर ने बताया कि इसके बाद दूसरे सूदखोर ने उनके बहनोई से नौ लाख रुपये कीमत की सवा तीन बीघा जमीन का अपने नाम बैनामा करा लिया। इसके बाद भी वह उन पर दो लाख रुपये और बकाया बताता रहा। शीलेंद्र की पत्नी जंजीर देवी ने आरोप लगाया कि सूदखोर आए दिन असलहे लेकर उनके घर में घुस आते थे और गालीगलौज कर पैसे देने का दबाव बनाते थे।
शीलेंद्र की पत्नी जंजीर देवी का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब दस बजे सूदखोर उनके घर पहुंचे और पति को धमकाया। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे बाद फिर एक सूदखोर उनके घर पहुंचा और पति को बाइक पर बैठाकर लाइनपार मठिया ले गया। शाम करीब छह बजे वही सूदखोर उनके पति को नशे की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग निकला। उनके पति ने बताया कि सूदखोर ने उन्हें खाने में कोई जहर दे दिया है। वे लोग शीलेंद्र को पहले सीएचसी फरीदपुर और फिर बरेली ले गए जहां उनकी मौत हो गई।

आरोप : नहीं लिखी रिपोर्ट, इंस्पेक्टर, बोले- बदलकर लाओ तहरीर

राजवीर ने बताया कि वे लोग तहरीर लेकर थाने गए थे लेकिन इंस्पेक्टर फरीदपुर अजय पाल सिंह ने उसे लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि हत्या की तहरीर पर रिपोर्ट नहीं दर्ज होगी, इसे बदलकर लाओ। वे लोग सीओ कार्यालय पहुंचे लेकिन रविवार के कारण वहां अवकाश था। उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल को फोन करके सूचना दी।

इकलौता बेटे थे शीलेंद्र

शीलेंद्र अपने पिता जय सिंह के इकलौते थे। पिता की मौत हो चुकी है इसलिए घर की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। अब उनके परिवार पत्नी जंजीर देवी, दस वर्षीय बेटी मोनी और आठ वर्षीय बेटा राजन है। शीलेंद्र की मौत से उनके परिवार में मातम छा गया है।
ये भी जान देकर ही छूटे
20 मार्च : प्रेमनगर के मोहल्ला भूड़ में रहने वाले डिग्री कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अरुण कुमार को सूदखोरों ने बच्चों के सामने अपमानित किया तो उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
07 जून : फरीदपुर के मूल निवासी दवा करोबारी अखिलेश गुप्ता ने शाहजहांपुर में सूदखोर से त्रस्त होकर अपनी पत्नी रेशू और बेटे शिवांग व बेटी अर्चिता के साथ खुदकुशी कर ली।
12 जून : सुभाषनगर निवासी कन्फेक्शनरी सेल्समैन संजीव ने सूदखोर और वितरकों के बकाए से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली।
28 जून : मीरगंज के गांव संजरपुर निवासी प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर चंद्रपाल ने सूदखोरों से त्रस्त होकर अपने खेत में ही जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
28 जून : सूदखोरों ने राजेंद्रनगर निवासी ट्रांसपोर्टर का अपमान किया और उनकी बेटी से अभद्रता की। इससे आहत होकर उसने घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की।
02 जुलाई : भोजीपुरा के कस्बा धौराटांडा के फल विक्रेता इंतखाब अली ने सूदखोरों से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले की रिपोर्ट छह जुलाई को दर्ज कराई गई थी।

गमजदा घरवाले।

 

परिवार का सूदखोरों पर जहर खिलाकर हत्या का आरोप, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट

बहन की शादी को लिया था कर्ज, बदले में दिए दो लाख नकद और नौ लाख की जमीन

बरेली/फरीदपुर। सूदखोरों ने एक और जान ले ली। मरने वाले फरीदपुर के गांव धीरपुर निवासी 30 वर्षीय शीलेंद्र सिंह किसान थे जिन्होंने अपनी बहन की शादी के लिए दो लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिवार वालों का आरोप है कि सूदखोर शीलेंद्र से दो लाख वापस लेने के साथ नौ लाख के खेत का भी बैनामा करा चुके थे। इसके बावजूद दो लाख और मांग रहे थे। विवाद हुआ तो जहर खिलाने के बाद घर के दरवाजे पर डाल गए।

शीलेंद्र सिंह के साले राजवीर के मुताबिक उनके बहनोई ने तीन साल पहले गांव के ही दो सूदखोरों से अपनी बहन की शादी के लिए एक-एक लाख रुपये कर्ज लिया था। अब उनमें से एक सूदखोर फरीदपुर में पढ़ेरा रोड और दूसरा ओसढ़ रोड पर रहता है। कर्ज देते समय सूदखोरों ने ब्याज की कोई बात नहीं की, मगर जब वे कर्ज चुकाने गए तो पांच प्रतिशत मासिक का ब्याज लगा दिया। शीलेंद्र ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये लौटा दिए लेकिन वे ब्याज के लिए दबाव बनाते रहे। फिर एक सूदखोर ने ब्याज के रूप में शीलेंद्र से डेढ़ लाख रुपये भी वसूल लिए लेकिन इसके बावजूद उनका उत्पीड़न करना बंद नहीं किया।

राजवीर ने बताया कि इसके बाद दूसरे सूदखोर ने उनके बहनोई से नौ लाख रुपये कीमत की सवा तीन बीघा जमीन का अपने नाम बैनामा करा लिया। इसके बाद भी वह उन पर दो लाख रुपये और बकाया बताता रहा। शीलेंद्र की पत्नी जंजीर देवी ने आरोप लगाया कि सूदखोर आए दिन असलहे लेकर उनके घर में घुस आते थे और गालीगलौज कर पैसे देने का दबाव बनाते थे।

शीलेंद्र की पत्नी जंजीर देवी का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब दस बजे सूदखोर उनके घर पहुंचे और पति को धमकाया। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे बाद फिर एक सूदखोर उनके घर पहुंचा और पति को बाइक पर बैठाकर लाइनपार मठिया ले गया। शाम करीब छह बजे वही सूदखोर उनके पति को नशे की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग निकला। उनके पति ने बताया कि सूदखोर ने उन्हें खाने में कोई जहर दे दिया है। वे लोग शीलेंद्र को पहले सीएचसी फरीदपुर और फिर बरेली ले गए जहां उनकी मौत हो गई।

आरोप : नहीं लिखी रिपोर्ट, इंस्पेक्टर, बोले- बदलकर लाओ तहरीर

राजवीर ने बताया कि वे लोग तहरीर लेकर थाने गए थे लेकिन इंस्पेक्टर फरीदपुर अजय पाल सिंह ने उसे लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि हत्या की तहरीर पर रिपोर्ट नहीं दर्ज होगी, इसे बदलकर लाओ। वे लोग सीओ कार्यालय पहुंचे लेकिन रविवार के कारण वहां अवकाश था। उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल को फोन करके सूचना दी।

इकलौता बेटे थे शीलेंद्र

शीलेंद्र अपने पिता जय सिंह के इकलौते थे। पिता की मौत हो चुकी है इसलिए घर की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। अब उनके परिवार पत्नी जंजीर देवी, दस वर्षीय बेटी मोनी और आठ वर्षीय बेटा राजन है। शीलेंद्र की मौत से उनके परिवार में मातम छा गया है।

ये भी जान देकर ही छूटे

20 मार्च : प्रेमनगर के मोहल्ला भूड़ में रहने वाले डिग्री कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अरुण कुमार को सूदखोरों ने बच्चों के सामने अपमानित किया तो उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।

07 जून : फरीदपुर के मूल निवासी दवा करोबारी अखिलेश गुप्ता ने शाहजहांपुर में सूदखोर से त्रस्त होकर अपनी पत्नी रेशू और बेटे शिवांग व बेटी अर्चिता के साथ खुदकुशी कर ली।

12 जून : सुभाषनगर निवासी कन्फेक्शनरी सेल्समैन संजीव ने सूदखोर और वितरकों के बकाए से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली।

28 जून : मीरगंज के गांव संजरपुर निवासी प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर चंद्रपाल ने सूदखोरों से त्रस्त होकर अपने खेत में ही जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।

28 जून : सूदखोरों ने राजेंद्रनगर निवासी ट्रांसपोर्टर का अपमान किया और उनकी बेटी से अभद्रता की। इससे आहत होकर उसने घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की।

02 जुलाई : भोजीपुरा के कस्बा धौराटांडा के फल विक्रेता इंतखाब अली ने सूदखोरों से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले की रिपोर्ट छह जुलाई को दर्ज कराई गई थी।

गमजदा घरवाले।

गमजदा घरवाले।

 



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Author: riteshkucc01

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