फिल्मकारों को शूटिंग के लिए पसंद है उत्तर प्रदेश, नोएडा के बाद पूर्वांचल में भी बनेगी फिल्मसिटी


सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sat, 05 Dec 2020 01:18 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय फिल्मसिटी बनाने के एलान के बाद शिवसेना को भले ही मुंबई से बॉलीवुड के खत्म होने का खतरा महसूस हो रहा है लेकिन शूटिंग के मामले में फिल्मकारों को उत्तर प्रदेश पसंद आने लगा है। सूबे में फिलहाल, करीब डेढ़ सौ फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इससे योगी सरकार ने फिल्मसिटी का दायरा बढ़ाते हुए पूर्वांचल में भी एक फिल्मसिटी बनाने की योजना पर गंभीरता से सोचना शुरू किया है। पूर्वांचल में वाराणसी से सटे मिर्जापुर में फिल्मसिटी बनने की ज्यादा संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आधिकारिक टीम के साथ दो दिन पहले मुंबई दौरे पर आए राज्य के अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि फिल्मसिटी बनाने को लेकर मुख्यमंत्री काफी गंभीर हैं। इसलिए पूर्वांचल मे वाराणसी के नजदीक भी फिल्मसिटी बनाने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि फिल्मसिटी के लिए 500 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। सहगल ने संकेत दिया कि मिर्जापुर में भी फिल्मसिटी बनने की संभावना है। ऐसा होने पर काशी का क्षेत्र फिल्म उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

प्रदेश में चल रही है डेढ़ सौ फिल्मों की शूटिंग

नवनीत सहगल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रियल लोकेशन पर मौजूदा समय में करीब 150 फिल्मों की शूटिंग चल रही है। हाल ही में जॉन अब्राहम की लखनऊ में सत्यमेव जयते पार्ट -2 की शूटिंग लखनऊ में जारी है। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की गुलाबो-सिताबो भी लखनऊ में शूट हुई। गुंजन सक्सेना की भी एक फिल्म की शूटिंग के अलावा कई वेब सीरीज की शूटिंग भी चल रही है। फिल्मकारों को फिल्मबंधु के माध्यम से सब्सिडी भी दी जा रही है।

इतने बड़े प्रदेश में दो फिल्म इंडस्ट्री जरूरी- राजू श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव ने कहा कि नोएडा में फिल्मसिटी की योजना से पहले लखनऊ-कानपुर मार्ग पर भी फिल्मसिटी का शिलान्यास हुआ था। चित्रकूट के पास भी फिल्मसिटी के लिए जमीन देखी गई थी। लेकिन पहले के प्रयास को सफलता नहीं मिली।

लेकिन इस बार मुख्यमंत्री फिल्मसिटी को लेकर गंभीर है। आश्चर्य की बात है कि इतने बड़े प्रदेश में एक भी फिल्मसिटी नहीं है। प्रदेश की जनसंख्या और कलाकारों की संख्या को देखते हुए कम से कम दो फिल्मसिटी तो बननी ही चाहिए।

सार

उत्तर प्रदेश में रियल लोकेशन पर मौजूदा समय में करीब 150 फिल्मों की शूटिंग चल रही है। हाल ही में जॉन अब्राहम की लखनऊ में सत्यमेव जयते पार्ट -2 की शूटिंग लखनऊ में जारी है। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की गुलाबो-सिताबो भी लखनऊ में शूट हुई…

विस्तार

उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय फिल्मसिटी बनाने के एलान के बाद शिवसेना को भले ही मुंबई से बॉलीवुड के खत्म होने का खतरा महसूस हो रहा है लेकिन शूटिंग के मामले में फिल्मकारों को उत्तर प्रदेश पसंद आने लगा है। सूबे में फिलहाल, करीब डेढ़ सौ फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इससे योगी सरकार ने फिल्मसिटी का दायरा बढ़ाते हुए पूर्वांचल में भी एक फिल्मसिटी बनाने की योजना पर गंभीरता से सोचना शुरू किया है। पूर्वांचल में वाराणसी से सटे मिर्जापुर में फिल्मसिटी बनने की ज्यादा संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आधिकारिक टीम के साथ दो दिन पहले मुंबई दौरे पर आए राज्य के अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि फिल्मसिटी बनाने को लेकर मुख्यमंत्री काफी गंभीर हैं। इसलिए पूर्वांचल मे वाराणसी के नजदीक भी फिल्मसिटी बनाने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि फिल्मसिटी के लिए 500 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। सहगल ने संकेत दिया कि मिर्जापुर में भी फिल्मसिटी बनने की संभावना है। ऐसा होने पर काशी का क्षेत्र फिल्म उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

प्रदेश में चल रही है डेढ़ सौ फिल्मों की शूटिंग

नवनीत सहगल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रियल लोकेशन पर मौजूदा समय में करीब 150 फिल्मों की शूटिंग चल रही है। हाल ही में जॉन अब्राहम की लखनऊ में सत्यमेव जयते पार्ट -2 की शूटिंग लखनऊ में जारी है। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की गुलाबो-सिताबो भी लखनऊ में शूट हुई। गुंजन सक्सेना की भी एक फिल्म की शूटिंग के अलावा कई वेब सीरीज की शूटिंग भी चल रही है। फिल्मकारों को फिल्मबंधु के माध्यम से सब्सिडी भी दी जा रही है।

इतने बड़े प्रदेश में दो फिल्म इंडस्ट्री जरूरी- राजू श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव ने कहा कि नोएडा में फिल्मसिटी की योजना से पहले लखनऊ-कानपुर मार्ग पर भी फिल्मसिटी का शिलान्यास हुआ था। चित्रकूट के पास भी फिल्मसिटी के लिए जमीन देखी गई थी। लेकिन पहले के प्रयास को सफलता नहीं मिली।

लेकिन इस बार मुख्यमंत्री फिल्मसिटी को लेकर गंभीर है। आश्चर्य की बात है कि इतने बड़े प्रदेश में एक भी फिल्मसिटी नहीं है। प्रदेश की जनसंख्या और कलाकारों की संख्या को देखते हुए कम से कम दो फिल्मसिटी तो बननी ही चाहिए।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *