प्रदेश में अब ब्लैक फंगस का डर, 1787 हुई मरीजों की संख्या, भोपाल में मिले 19 नए मरीज

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


मध्य प्रदेश में अब ब्लैक फंगस का डर सताने लगा है. इससे बच्चे भी अछूते नहीं रहे. (File)

मध्य प्रदेश में अब ब्लैक फंगस का डर सताने लगा है. यहां मरीज की संख्या, 1700 से ज्यादा हो गई है. कई बच्चे भी इस बीमारी से ग्रसित हैं. प्रदेश के जिलों में इससे लड़ने की तैयारियां की जा रही हैं.

  • Last Updated:
    June 5, 2021, 3:08 PM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश में ब्लैक फंगस पैर पसारने लगा है. इस बीमारी के अब तक 1787 मरीज सामने आ चुके हैं. एक्टिव केस की संख्या 1510 के पार हो चुकी है. राजधानी भोपाल में ब्लैक फंगस के 19 नए मरीज मिले. 202 मरीज ठीक हुए हैं.

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के हमीदिया अस्पताल में मरीजों की संख्या 125 हो गई है. बाकी मरीजों का इलाज शहर के दूसरे सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, हमीदिया अस्पताल में मरीजों का रिकवरी रेट अच्छा है. यहां हर दिन आने वाले मरीजों की संख्या में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है.

जलबपुर-इंदौर में बनेंगे इंजेक्शन

इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी ब्लैक फंगस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ब्लैक फंगस से निपटने के लिए सरकार इंजेक्शन और दवाओं का इंतजाम कर रही है. सरकार की पहल के बाद इंदौर और जबलपुर में इंजेक्शन का प्रोडक्शन भी जल्द शुरू होगा. इस प्रोडक्शन से दबाव में हो रही किल्लत भी दूर होगी.बच्चों पर भी मंडराने लगा खतरा

भोपाल में एक 3 साल की बच्ची को ब्लैक फंगस हुआ है. इसके साथ ही 18 साल से कम उम्र के कई बच्चे इस बीमारी की चपेट में आए हैं. 3 साल की बच्ची का इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा है. बुधवार को बच्ची का ऑपरेशन किया गया. इसके बाद डॉक्टर उसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

यहां आती है परेशानी

बच्ची की हालत स्थिर है और उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. बच्चों के साथ एंडोस्कोपी की दिक्कत होती है. दूसरे मरीजों की चौथे-पांचवें दिन नेजल एंडोस्कोपी की जाती है. कम उम्र के बच्चों को एंडोस्कोपी करने के लिए उसे एनेस्थीसिया की जरूरत होती है. इस कारण उनकी नेजल एंडोस्कोपी में समय लगता है. उनकी एंडोस्कोपी सामान्य मरीज की तुलना में 8 से 10 दिन के बाद होती है. डॉक्टर्स हर तरह का प्रयास कर रहे हैं.









Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *