पांच घंटे अस्पताल के गेट पर बैठा रहा संक्रमित दंपती, ट्राले में पहुंचा घर

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अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 30 Apr 2021 09:29 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में कोरोना से निपटने के प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को भोरंज सिविल अस्पताल में गांव लडवीं का एक दंपती शुक्रवार सुबह मधुमेह और बुखार के चलते उपचार के लिए पहुंचा। चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना टेस्ट करवाने को कहा, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयों की किट देकर होम क्वारंटीन होने को कहा, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें एंबुलेंस की व्यवस्था न होने का तर्क दिया। इस पर संक्रमित दंपती घर जाने के लिए करीब पांच घंटे अस्पताल के गेट पर वाहन के इंतजार में बैठा रहा। ट्रैक्सी ऑपरेटरों के आगे भी दंपती ने हाथ जोड़े, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। बाद में एक ट्राला चालक ने इंसानियत के नाते दोनों को ट्राले में बिठाकर शाम 5:45 बजे घर पहुंचाया।

महिला ने शाम सात बजे अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनके पति की तबीयत खराब है, वह अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं, लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा। इस बारे में उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। व्हाट्सऐप पर मैसेज भी भेजा, लेकिन उसका भी जवाब नहीं मिला। उधर, बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि कोरोना जांच में रोजाना 20 से 25 लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमितों को घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। दंपती को कोविड अस्पताल रेफर नहीं किया था, उन्हें दवाइयां देकर होम क्वारंटीन होने को कहा था। 

हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में कोरोना से निपटने के प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को भोरंज सिविल अस्पताल में गांव लडवीं का एक दंपती शुक्रवार सुबह मधुमेह और बुखार के चलते उपचार के लिए पहुंचा। चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना टेस्ट करवाने को कहा, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयों की किट देकर होम क्वारंटीन होने को कहा, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें एंबुलेंस की व्यवस्था न होने का तर्क दिया। इस पर संक्रमित दंपती घर जाने के लिए करीब पांच घंटे अस्पताल के गेट पर वाहन के इंतजार में बैठा रहा। ट्रैक्सी ऑपरेटरों के आगे भी दंपती ने हाथ जोड़े, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। बाद में एक ट्राला चालक ने इंसानियत के नाते दोनों को ट्राले में बिठाकर शाम 5:45 बजे घर पहुंचाया।

महिला ने शाम सात बजे अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनके पति की तबीयत खराब है, वह अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं, लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा। इस बारे में उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। व्हाट्सऐप पर मैसेज भी भेजा, लेकिन उसका भी जवाब नहीं मिला। उधर, बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि कोरोना जांच में रोजाना 20 से 25 लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमितों को घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। दंपती को कोविड अस्पताल रेफर नहीं किया था, उन्हें दवाइयां देकर होम क्वारंटीन होने को कहा था। 



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Author: riteshkucc01

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