पंजाब: तीन घंटे का मौन व्रत कांग्रेसियों ने कई बार तोड़ा, मंत्री अजय मिश्रा पर कार्रवाई के लिए प्रदेश भर में किया प्रदर्शन

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सार

कांग्रेसियों ने वैसे तो लखीमपुर खीरी में हुए किसान हत्याकांड के खिलाफ तीन घंटों का मौन व्रत रखा। मगर उनका यह मौन व्रत कई बार टूटा। कभी किसी का फोन आने पर तो कभी किसी नेता के आने पर।कांग्रेसियों ने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर देना चाहिए।

अमृतसर रेलवे स्टेशन पर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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लखीमपुर खीरी में किसानों की हुई हत्याओं के विरोध में कांग्रेसियों ने सोमवार को अमृतसर के रेलवे स्टेशन पर तीन घंटे का मौन व्रत रखा। मौन व्रत के धरने में पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को भी शामिल होना था। मगर कटरा में मौसम खराब होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके। रेलवे स्टेशन पर जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान जतिंदर सोनिया की ओर से आयोजित धरने का नेतृत्व पीपीसीसी के उप प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला ने किया।

कांग्रेसियों ने वैसे तो लखीमपुर खीरी में हुए किसान हत्याकांड के खिलाफ तीन घंटों का मौन व्रत रखा। मगर उनका यह मौन व्रत कई बार टूटा। कभी किसी का फोन आने पर तो कभी किसी नेता के आने पर। हालांकि पीपीसीसी के प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दमनदीप सिंह ने इन तीन घंटों में पूरी तरह से मौन रहने का प्रयास किया, इस दौरान पंडाल में बैठकर बातें करने वाले कांग्रेसियों को भी उन्होंने कई बार टोका और चुप रहने को कहा।

शाम ठीक तीन बजे डैनी बंडाला, मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू, विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया और उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी के भतीजे व पार्षद विकास सोनी, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दमनदीप सिंह और कांग्रेस के महासचिव जोगिंदर पाल ढींगरा, जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान जतिंदर सोनिया समेत सभी नेता उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर देना चाहिए।

यह भी पढ़ें: पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: लाल डोरे के निवासियों को मिलेगा घर का मलिकाना हक, शहरवासियों को भी मिलेगा लाभ

उन्होंने कहा कि आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मौन व्रत का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया। मौन व्रत खत्म होने के बाद डैनी बंडाला ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में मौन व्रत की कॉल पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से की गई थी। इसके तहत केंद्र सरकार के खिलाफ मौन व्रत रखकर यूपी में किसानों की हत्या का विरोध करना था। 

कांग्रेसी धड़ा बंटा-बंटा दिखा
पीपीसीसी प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से की गई 11 अक्तूबर के मौन व्रत की कॉल में कांग्रेसी धड़ा बंटा-बंटा दिखा। हालांकि पंडाल तो एक ही था, लेकिन इसके एक तरफ तो सुखविदंर सिंह डैनी बंडाला व अन्य कांग्रेसी विधायकों और नेताओं ने मौन व्रत रखा। दूसरी तरफ किसान मजदूर एकता के टेंट में सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी और युनूस कुमार ने अपने साथियों के साथ मौन व्रत रखा। इस तरह कांग्रेस की फूट जग जाहिर हो गई और रमन बख्शी व युनूस कुमार कटे-कटे नजर आए।

लुधियाना में कांग्रेसियों ने दो घंटे रखा मौन व्रत
यूपी के लखीमपुर खीरी में मंत्री-पुत्र की गाड़ी से किसानों को कुचलकर मारने की घटना के खिलाफ सोमवार को कांग्रेसियों ने दो घंटे मौन व्रत रखा। यह धरना भारत नगर चौक के पास बीएसएनएल दफ्तर के बाहर दिया गया। धरने के दौरान कांग्रेस विधायक भी मौजूद रहे। जिन्होंने अपने हाथ में तख्ती लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग के साथ आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि एनडीए सरकार का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है। लखीमपुर की घटना पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शब्द नहीं कहा है। अब तक मृतक किसानों के परिवार के साथ कोई बात भी नहीं की गई है। जबकि अगर कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार को मिलने जा रहे हैं तो उनका रास्ता रोका जा रहा है। इस घटना की सही जांच तभी हो सकती है, जब केंद्रीय राज्य गृह मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाएगा। अन्यथा वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इस मौके पर मेयर बलकार संधू, विधायक सुरिंदर डाबर, विधायक संजय तलवार, लखबीर सिंह लखा सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे।

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी व देहाती की ओर से सोमवार दोपहर को मौन व्रत रख प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लखीमपुर खीरी घटना की निंदा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी के प्रधान केके मल्होत्रा और देहाती प्रधान गुरदीप सिंह ऊंटसर ने मौन व्रत के बाद संबोधन में आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री की ओर से चार किसानों को अपने निजी वाहनों से कुचल कर मार दिया गया। इससे केंद्र की भाजपा सरकार की अहंकारी नीतियों का पर्दाफाश हुआ है। जब केंद्र सरकार दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे किसानों के हौसले को हिला नहीं सकी, तो यह कदम उठा दिया। पंजाब सरकार इस आंदोलन की शुरुआत से ही किसानों के साथ खड़ी है। कृषि कानून रद्द न हाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

विस्तार

लखीमपुर खीरी में किसानों की हुई हत्याओं के विरोध में कांग्रेसियों ने सोमवार को अमृतसर के रेलवे स्टेशन पर तीन घंटे का मौन व्रत रखा। मौन व्रत के धरने में पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को भी शामिल होना था। मगर कटरा में मौसम खराब होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके। रेलवे स्टेशन पर जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान जतिंदर सोनिया की ओर से आयोजित धरने का नेतृत्व पीपीसीसी के उप प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला ने किया।

कांग्रेसियों ने वैसे तो लखीमपुर खीरी में हुए किसान हत्याकांड के खिलाफ तीन घंटों का मौन व्रत रखा। मगर उनका यह मौन व्रत कई बार टूटा। कभी किसी का फोन आने पर तो कभी किसी नेता के आने पर। हालांकि पीपीसीसी के प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दमनदीप सिंह ने इन तीन घंटों में पूरी तरह से मौन रहने का प्रयास किया, इस दौरान पंडाल में बैठकर बातें करने वाले कांग्रेसियों को भी उन्होंने कई बार टोका और चुप रहने को कहा।

शाम ठीक तीन बजे डैनी बंडाला, मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू, विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया और उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी के भतीजे व पार्षद विकास सोनी, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दमनदीप सिंह और कांग्रेस के महासचिव जोगिंदर पाल ढींगरा, जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान जतिंदर सोनिया समेत सभी नेता उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर देना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मौन व्रत का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया। मौन व्रत खत्म होने के बाद डैनी बंडाला ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में मौन व्रत की कॉल पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से की गई थी। इसके तहत केंद्र सरकार के खिलाफ मौन व्रत रखकर यूपी में किसानों की हत्या का विरोध करना था। 

कांग्रेसी धड़ा बंटा-बंटा दिखा

पीपीसीसी प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से की गई 11 अक्तूबर के मौन व्रत की कॉल में कांग्रेसी धड़ा बंटा-बंटा दिखा। हालांकि पंडाल तो एक ही था, लेकिन इसके एक तरफ तो सुखविदंर सिंह डैनी बंडाला व अन्य कांग्रेसी विधायकों और नेताओं ने मौन व्रत रखा। दूसरी तरफ किसान मजदूर एकता के टेंट में सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी और युनूस कुमार ने अपने साथियों के साथ मौन व्रत रखा। इस तरह कांग्रेस की फूट जग जाहिर हो गई और रमन बख्शी व युनूस कुमार कटे-कटे नजर आए।



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Author: riteshkucc01

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