पंचायत चुनाव: यहां जारी होने से पहले ही लीक हो गया आरक्षण रोस्टर


अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Updated Sun, 13 Dec 2020 10:37 PM IST

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हिमाचल के कुल्लू जिला प्रशासन की लापरवाही का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। मनाली सब डिवीजन का पंचायत चुनाव के लिए तैयार किया गया प्रधान का आरक्षण रोस्टर जारी होने से पहले ही लीक हो गया है। यह सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। सोशल मीडिया में वायरल होने पर लोगों से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जिला कुल्लू में अभी पंचायत प्रधानों का रोस्टर जारी नहीं हुआ है। दो दिन पहले बंजार उपमंडल के पंचायत वार्ड सदस्यों का रोस्टर जारी किया है, मगर रविवार देर शाम को मनाली उपमंडल का रोस्टर लीक हो गया है।

सोशल मीडिया में रोस्टर लीक होने से चर्चाओं का माहौल है। इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। इसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि रोस्टर को वायरल करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि कई ग्रुपों में प्रसारित की जा रही पंचायतों के लिए रोस्टर की छवियों को प्रमाणित नहीं किया गया है। आईटी अधिनियम के तहत वर्गीकृत और गोपनीय दस्तावेजों को साझा करना अवैध है। इस संबंध में जानकारी एसपी कुल्लू, डीएसपी मनाली और एसएचओ मनाली को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

हिमाचल के कुल्लू जिला प्रशासन की लापरवाही का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। मनाली सब डिवीजन का पंचायत चुनाव के लिए तैयार किया गया प्रधान का आरक्षण रोस्टर जारी होने से पहले ही लीक हो गया है। यह सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। सोशल मीडिया में वायरल होने पर लोगों से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जिला कुल्लू में अभी पंचायत प्रधानों का रोस्टर जारी नहीं हुआ है। दो दिन पहले बंजार उपमंडल के पंचायत वार्ड सदस्यों का रोस्टर जारी किया है, मगर रविवार देर शाम को मनाली उपमंडल का रोस्टर लीक हो गया है।

सोशल मीडिया में रोस्टर लीक होने से चर्चाओं का माहौल है। इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। इसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि रोस्टर को वायरल करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि कई ग्रुपों में प्रसारित की जा रही पंचायतों के लिए रोस्टर की छवियों को प्रमाणित नहीं किया गया है। आईटी अधिनियम के तहत वर्गीकृत और गोपनीय दस्तावेजों को साझा करना अवैध है। इस संबंध में जानकारी एसपी कुल्लू, डीएसपी मनाली और एसएचओ मनाली को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



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Author: riteshkucc01

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