देहरादून : अधूरी तैयारियों के साथ चल रहा कोरोनेशन में कोविड अस्पताल, फिर संकट में पड़ा मरीजों का जीवन

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 30 Apr 2021 10:18 AM IST

सार

 एक तरफ वहां पर समुचित तरीके से ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं, दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी दिक्कत हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : पिक्साबे

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राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर में कोविड अस्पताल आधी अधूरी तैयारियों के साथ चल रहा है। इससे मरीजों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। एक तरफ वहां पर समुचित तरीके से ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं, दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी दिक्कत हो रही है।

बुधवार दोपहर के बाद और रात को भी अस्पताल में फिर बिजली गुल हो गई थी, जिससे मरीजों की जान के लिए खतरा पैदा हो गया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अस्पताल के नए भवन में 33 कोविड बेड बनाए गए हैं। वहां पर सिलिंडर वाले ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है।

इसी तरह कुछ ऐसे भी मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्होंने कोरोना की जांच तो नहीं कराई, लेकिन उनमें सांस फूलने और ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होने की शिकायत आ रही है। इस तरह के लगभग 30 मरीज अस्पताल के पुराने मुख्य भवन में भर्ती हैं। उन्हें भी ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है। अस्पताल में कोविड मरीजों के सीटी स्कैन, एक्सरे और खून आदि की जांचें शामिल हैं। उनकी भी व्यवस्था नहीं है। सीटी स्कैन मशीन अस्पताल में आई हुई तो है, लेकिन उसे अभी इंस्टॉल नहीं किया जा सका है। 

इसी तरह, बिजली जाने पर ऑक्सीजन आपूर्ति की ऑटो कट की व्यवस्था भी नहीं है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों से कहा गया है कि अस्पताल के क्षेत्र की बिजली बहुत आपात स्थिति न होने पर बाधित न की जाए। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहे हैं।

अतिरिक्त ऑक्सीजन के सिलेंडरों की व्यवस्था भी लगातार बढ़ाई जा रही है। जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती तब तक राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल प्रशासन को सिटी स्कैन, एक्स-रे और खून आदि की जरूरी जांच कराने का अनुरोध किया गया है। इसे दून मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने अनुमति भी दे दी है। 

उधर, क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार और कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने इतने दिनों के बाद भी कोरोनेशन अस्पताल में कोविड अस्पताल के रूप में व्यवस्थाएं न होने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में खुद हस्तक्षेप कर व्यवस्थाएं ठीक कराएं।

विस्तार

राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर में कोविड अस्पताल आधी अधूरी तैयारियों के साथ चल रहा है। इससे मरीजों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। एक तरफ वहां पर समुचित तरीके से ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं, दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी दिक्कत हो रही है।

बुधवार दोपहर के बाद और रात को भी अस्पताल में फिर बिजली गुल हो गई थी, जिससे मरीजों की जान के लिए खतरा पैदा हो गया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अस्पताल के नए भवन में 33 कोविड बेड बनाए गए हैं। वहां पर सिलिंडर वाले ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है।

इसी तरह कुछ ऐसे भी मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्होंने कोरोना की जांच तो नहीं कराई, लेकिन उनमें सांस फूलने और ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होने की शिकायत आ रही है। इस तरह के लगभग 30 मरीज अस्पताल के पुराने मुख्य भवन में भर्ती हैं। उन्हें भी ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है। अस्पताल में कोविड मरीजों के सीटी स्कैन, एक्सरे और खून आदि की जांचें शामिल हैं। उनकी भी व्यवस्था नहीं है। सीटी स्कैन मशीन अस्पताल में आई हुई तो है, लेकिन उसे अभी इंस्टॉल नहीं किया जा सका है। 

इसी तरह, बिजली जाने पर ऑक्सीजन आपूर्ति की ऑटो कट की व्यवस्था भी नहीं है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों से कहा गया है कि अस्पताल के क्षेत्र की बिजली बहुत आपात स्थिति न होने पर बाधित न की जाए। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहे हैं।

अतिरिक्त ऑक्सीजन के सिलेंडरों की व्यवस्था भी लगातार बढ़ाई जा रही है। जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती तब तक राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल प्रशासन को सिटी स्कैन, एक्स-रे और खून आदि की जरूरी जांच कराने का अनुरोध किया गया है। इसे दून मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने अनुमति भी दे दी है। 

उधर, क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार और कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने इतने दिनों के बाद भी कोरोनेशन अस्पताल में कोविड अस्पताल के रूप में व्यवस्थाएं न होने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में खुद हस्तक्षेप कर व्यवस्थाएं ठीक कराएं।



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Author: riteshkucc01

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