जम्मू-कश्मीर: 15 जून तक कोरोना का पॉजिटिविटी रेट दो फीसदी पर लाएं डीसी: मुख्य सचिव

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 12:05 AM IST

सार

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से पेश किए गए डाटा आधारित वैज्ञानिक आकलन की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को कोविड शमन के लिए स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाकर काम करना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
– फोटो : बासित जरगर

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मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने उपायुक्तों को प्रदेश में कोरोना शमन के लिए वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाकर 15 जून तक पॉजिटिविटी रेट को कम कर दो फीसदी लाने पर बल दिया है। श्रीनगर में शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक में जिला आधारित कोविड नियंत्रण उपायों की समीक्षा करते हुए मेहता ने यह बात कही।

उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि वह केवल जिला स्तर पर कोविड नियंत्रण उपायों को करने पर ध्यान केंद्रित न करें, उप जिला स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जाएं और ठोस कदम उठाए जाए।

उन्होंने पंचायत स्तर के कोविड केयर सेंटरों का प्रयोग ग्रामीण स्तर के मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इन सेंटरों पर प्रतिदिन कम से कम दस सैंपल एकत्रित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ज्यादा मृत्यु दर है, वहां इसके कारणेें का पता करें और मरीजों को समय पर अस्पतालों में भर्ती करवाया जाए। दोनों संभागों के मंडलायुक्तों ने संभाग स्तर पर कोविड शमन के लिए उठाए जा रहे कदमों व उपायों की जानकारी दी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू ने प्रदेश में कोविड परिदृश्य की जानकारी दी।

विस्तार

मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने उपायुक्तों को प्रदेश में कोरोना शमन के लिए वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाकर 15 जून तक पॉजिटिविटी रेट को कम कर दो फीसदी लाने पर बल दिया है। श्रीनगर में शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक में जिला आधारित कोविड नियंत्रण उपायों की समीक्षा करते हुए मेहता ने यह बात कही।

उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि वह केवल जिला स्तर पर कोविड नियंत्रण उपायों को करने पर ध्यान केंद्रित न करें, उप जिला स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जाएं और ठोस कदम उठाए जाए।

उन्होंने पंचायत स्तर के कोविड केयर सेंटरों का प्रयोग ग्रामीण स्तर के मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इन सेंटरों पर प्रतिदिन कम से कम दस सैंपल एकत्रित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ज्यादा मृत्यु दर है, वहां इसके कारणेें का पता करें और मरीजों को समय पर अस्पतालों में भर्ती करवाया जाए। दोनों संभागों के मंडलायुक्तों ने संभाग स्तर पर कोविड शमन के लिए उठाए जा रहे कदमों व उपायों की जानकारी दी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू ने प्रदेश में कोविड परिदृश्य की जानकारी दी।



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Author: riteshkucc01

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