जम्मू-कश्मीर: दूसरे प्रदेश के लोगों पर झूठे मामले दर्ज कराने वाले रैकेट पर डीजीपी से रिपोर्ट तलब

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू-कश्मीर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:31 PM IST

सार

अदालत ने कहा कि संबंधित एसएसपी और अन्य श्रोतों से जानकारी एकत्र करने के बाद डीजीपी अगली सुनवाई पर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।  

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में दूसरे प्रदेश के लोगों पर फर्जी मामले दर्ज कर उनसे वसूली करने वालों के बारे में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट बाल कृष्ण गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 नवंबर को होगी।

मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने बाल कृष्ण की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के दौरान पाया कि 9 दिसंबर 2019 को अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दाखिल रिपोर्ट में स्वीकार किया था कि इस तरह का एक रैकेट सक्रिय है। अदालत ने कहा कि उसे नहीं लगता कि अधिकारियों द्वारा प्रभावी और उचित कदम उठाए गए हैं।
यह भी पढ़ें- सात आतंकियों का सफाया: पढ़ें दहशतगर्दों के खात्मे की पूरी कहानी और तस्वीरों में देखें जवानों का जोश    

याचिकाकर्ता ने एक पूरक हलफनामे के माध्यम से विभिन्न मामलों का विवरण रिकॉर्ड पर अदालत में पेश किया गया। जिसमें निर्दोषों से पैसे वापस लेने की विस्तृत जानकारी थी। अदालत ने कहा, पूरक हलफनामे की एक प्रति वरिष्ठ एएजी बीए डार को दी जाती है वह तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि संबंधित एसएसपी और अन्य श्रोतों से जानकारी एकत्र करने के बाद डीजीपी अगली सुनवाई पर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।  

विस्तार

दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में दूसरे प्रदेश के लोगों पर फर्जी मामले दर्ज कर उनसे वसूली करने वालों के बारे में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट बाल कृष्ण गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 नवंबर को होगी।

मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने बाल कृष्ण की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के दौरान पाया कि 9 दिसंबर 2019 को अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दाखिल रिपोर्ट में स्वीकार किया था कि इस तरह का एक रैकेट सक्रिय है। अदालत ने कहा कि उसे नहीं लगता कि अधिकारियों द्वारा प्रभावी और उचित कदम उठाए गए हैं।

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याचिकाकर्ता ने एक पूरक हलफनामे के माध्यम से विभिन्न मामलों का विवरण रिकॉर्ड पर अदालत में पेश किया गया। जिसमें निर्दोषों से पैसे वापस लेने की विस्तृत जानकारी थी। अदालत ने कहा, पूरक हलफनामे की एक प्रति वरिष्ठ एएजी बीए डार को दी जाती है वह तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि संबंधित एसएसपी और अन्य श्रोतों से जानकारी एकत्र करने के बाद डीजीपी अगली सुनवाई पर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।  



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Author: riteshkucc01

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