छात्रवृत्ति घोटाला: समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा के घर पर नोटिस चस्पा 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:12 PM IST

सार

समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा वर्ष 2020 में कनखल थाने में दर्ज मुकदमे में अपना पक्ष रखने एसआईटी के सामने नहीं आ रहे थे। 

छात्रवृत्ति घोटाला
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

ख़बर सुनें

उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा के घर पर नोटिस चस्पा किया है। वह वर्ष 2020 में कनखल थाने में दर्ज मुकदमे में अपना पक्ष रखने एसआईटी के सामने नहीं आ रहे थे। एसआईटी के मुताबिक मलेथा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

एसआईटी से मिली जानकारी के अनुसार सरस्वती प्रोफेशनल डिग्री कॉलेज जगजीतपुर हरिद्वार में वर्ष 2015-16 के दौरान 41 लाख रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति भेजी गई थी। छात्रवृत्ति की यह रकम कॉलेज के संचालकों व कथित छात्रों के खातों में गई, जिसे संचालकों ने निकाला। इस बात के पुख्ता सुबूत मिलने पर कनखल थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। उस वक्त हरिद्वार के समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा थे। वर्तमान में मलेथा चमोली के प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी हैं। 

छात्रवृत्ति घोटाला: दस्तावेज सत्यापित होने से पहले ही जारी कर दिए डेढ़ करोड़ के चेक

उन्होंने कथित 91 छात्रों का फर्जी भौतिक सत्यापन दर्शाया था। इस तरह उन पर कॉलेज के स्वामी को आर्थिक रूप से अवैध लाभ पहुंचाने का आरोप है। उन्हें भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर सुंदरम शर्मा कर रहे हैं।

टीकाराम मलेथा को अपना पक्ष रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से सूचित किया गया। लेकिन, वह उपस्थित नहीं हुए। इसी क्रम में रविवार को उनके निजी आवास खन्ना नगर ज्वालापुर हरिद्वार में नोटिस चस्पा किया गया है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी है। कॉलेज के संचालक जगदीश विरमानी निवासी किशनपुरी जगजीतपुर, थाना कनखल, हरिद्वार के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।

विस्तार

उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा के घर पर नोटिस चस्पा किया है। वह वर्ष 2020 में कनखल थाने में दर्ज मुकदमे में अपना पक्ष रखने एसआईटी के सामने नहीं आ रहे थे। एसआईटी के मुताबिक मलेथा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

एसआईटी से मिली जानकारी के अनुसार सरस्वती प्रोफेशनल डिग्री कॉलेज जगजीतपुर हरिद्वार में वर्ष 2015-16 के दौरान 41 लाख रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति भेजी गई थी। छात्रवृत्ति की यह रकम कॉलेज के संचालकों व कथित छात्रों के खातों में गई, जिसे संचालकों ने निकाला। इस बात के पुख्ता सुबूत मिलने पर कनखल थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। उस वक्त हरिद्वार के समाज कल्याण अधिकारी टीकाराम मलेथा थे। वर्तमान में मलेथा चमोली के प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी हैं। 

छात्रवृत्ति घोटाला: दस्तावेज सत्यापित होने से पहले ही जारी कर दिए डेढ़ करोड़ के चेक

उन्होंने कथित 91 छात्रों का फर्जी भौतिक सत्यापन दर्शाया था। इस तरह उन पर कॉलेज के स्वामी को आर्थिक रूप से अवैध लाभ पहुंचाने का आरोप है। उन्हें भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर सुंदरम शर्मा कर रहे हैं।

टीकाराम मलेथा को अपना पक्ष रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से सूचित किया गया। लेकिन, वह उपस्थित नहीं हुए। इसी क्रम में रविवार को उनके निजी आवास खन्ना नगर ज्वालापुर हरिद्वार में नोटिस चस्पा किया गया है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी है। कॉलेज के संचालक जगदीश विरमानी निवासी किशनपुरी जगजीतपुर, थाना कनखल, हरिद्वार के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *