छत्तीसगढ़: डेढ़ माह से लापता पुलिसकर्मी की हत्या, नक्सलियों ने किया दावा, पुलिस कर रही पड़ताल

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


पीटीआई, रायपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 05 Jun 2021 06:14 PM IST

सार

नक्सवाद प्रभावित कांकेर जिले के जंगल में नक्सलियों ने लापता पुलिसकर्मी की हत्या का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है। 
 

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

छत्तीसगढ़ के उग्रवाद प्रभावित कांकेर जिले में 28 अप्रैल को लापता हुए एक पुलिस कांस्टेबल की नक्सलियों ने हत्या करने का दावा किया है।  एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी मौत की पुष्टि नहीं कर रही है और आगे की जांच कर रही है।

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नाम से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि सहायक कांस्टेबल मनोज नेताम की हत्या कर दी गई है। 

पहली बार शव देने से इनकार किया
पुलिस अधिकारी ने कहा कि बयान में यह भी कहा गया है कि नक्सली शव को परिवार को नहीं लौटा सकते। यह संभवत: पहली बार है जब नक्सलियों ने कहा है कि वे शव नहीं लौटा सकते। आईजी ने कहा कि आमतौर पर विद्रोही शवों को सड़क किनारे या आसपास के जंगलों में छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि नेताम को खोजने के प्रयास जारी रहेंगे।

कोडेकुरसे थाने में तैनात था सिपाही
कांकेर जिले के कोडेकुरसे थाने में तैनात सिपाही नेताम 28 अप्रैल को ड्यूटी के बाद बिना किसी को बताए कि वह कहां जा रहा है, निकल गया था। पुलिस ने कहा कि दो दिन बाद नेताम की मोटरसाइकिल कोडेकुरसे इलाके के भुरके गांव के पास एक सड़क पर लावारिस पड़ी मिली थी।

 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के उग्रवाद प्रभावित कांकेर जिले में 28 अप्रैल को लापता हुए एक पुलिस कांस्टेबल की नक्सलियों ने हत्या करने का दावा किया है।  एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी मौत की पुष्टि नहीं कर रही है और आगे की जांच कर रही है।

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नाम से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि सहायक कांस्टेबल मनोज नेताम की हत्या कर दी गई है। 

पहली बार शव देने से इनकार किया

पुलिस अधिकारी ने कहा कि बयान में यह भी कहा गया है कि नक्सली शव को परिवार को नहीं लौटा सकते। यह संभवत: पहली बार है जब नक्सलियों ने कहा है कि वे शव नहीं लौटा सकते। आईजी ने कहा कि आमतौर पर विद्रोही शवों को सड़क किनारे या आसपास के जंगलों में छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि नेताम को खोजने के प्रयास जारी रहेंगे।

कोडेकुरसे थाने में तैनात था सिपाही

कांकेर जिले के कोडेकुरसे थाने में तैनात सिपाही नेताम 28 अप्रैल को ड्यूटी के बाद बिना किसी को बताए कि वह कहां जा रहा है, निकल गया था। पुलिस ने कहा कि दो दिन बाद नेताम की मोटरसाइकिल कोडेकुरसे इलाके के भुरके गांव के पास एक सड़क पर लावारिस पड़ी मिली थी।

 



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *