छत्तीसगढ़ : आठ लाख का इनामी खूंखार नक्सली गिरफ्तार, ताड़मेटला में 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में वांछित था

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पीटीआई, बीजापुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 13 Sep 2021 10:20 PM IST

सार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस ने खूंखार नक्सली को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। वह ताड़मेटला समेत कई नक्सली हमलों में लिप्त था। 
 

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छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने आठ लाख के इनामी नक्सली मोती राम अवालम (30) को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे राज्य के बीजापुर जिले से दबोचा गया। वह 2010 में ताड़मेटला में हुए भयावह नक्सली हमले समेत कई वारदातों में शामिल था। ताड़मेटला हमले में 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

नक्सली मोती राम पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का सक्रिय सदस्य था। इसे नक्सलियों का सबसे मजबूत सैन्य गठन माना जाता था। इसका नेतृत्व वांछित माओवादी कमांडर हिडमा करता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने मोती राम को पटेलपारा और गोलगुंडा गांवों के बीच पकड़ा था।

बीजापुर जिले के नईमेद इलाके का रहने वाला मोती राम 2010 से 2017 के बीच दक्षिण बस्तर में कई बड़े नक्सली हमलों के सिलसिले में वांछित था। वह उस माओवादी दस्ते का हिस्सा था जिसने 2010 में ताड़मेटला गांव (तब दंतेवाड़ा में, अब सुकमा में) के पास भयावह हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। वह 2017 के बुर्कापाल नक्सली हमले में भी शामिल था, जिसमें सीआरपीएफ के 25 जवान मारे गए थे।

अधिकारी ने कहा कि मोती राम अवालम 2016 के कसालपाड़ नक्सली हमले के सिलसिले में भी वांछित था, जिसमें सीआरपीएफ के 16 जवान मारे गए थे। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने आठ लाख के इनामी नक्सली मोती राम अवालम (30) को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे राज्य के बीजापुर जिले से दबोचा गया। वह 2010 में ताड़मेटला में हुए भयावह नक्सली हमले समेत कई वारदातों में शामिल था। ताड़मेटला हमले में 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

नक्सली मोती राम पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का सक्रिय सदस्य था। इसे नक्सलियों का सबसे मजबूत सैन्य गठन माना जाता था। इसका नेतृत्व वांछित माओवादी कमांडर हिडमा करता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने मोती राम को पटेलपारा और गोलगुंडा गांवों के बीच पकड़ा था।

बीजापुर जिले के नईमेद इलाके का रहने वाला मोती राम 2010 से 2017 के बीच दक्षिण बस्तर में कई बड़े नक्सली हमलों के सिलसिले में वांछित था। वह उस माओवादी दस्ते का हिस्सा था जिसने 2010 में ताड़मेटला गांव (तब दंतेवाड़ा में, अब सुकमा में) के पास भयावह हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। वह 2017 के बुर्कापाल नक्सली हमले में भी शामिल था, जिसमें सीआरपीएफ के 25 जवान मारे गए थे।

अधिकारी ने कहा कि मोती राम अवालम 2016 के कसालपाड़ नक्सली हमले के सिलसिले में भी वांछित था, जिसमें सीआरपीएफ के 16 जवान मारे गए थे। 



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Author: riteshkucc01

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