छत्तीसगढ़ी में पढ़ें- छत्तीसगढ़ म कोदो, कुटकी अउ रागी के दिन बहुरही

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अउ कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के प्रयास से हमर छत्तीसगढ़ म ये बखत खुशबू वाले धान के खेती ल बढावा दे के खबर हे. छत्तीसगढ़ म कोदो, कुटकी अउ रागी के दिन घलो बहुरही. खेती-किसानी के क्षेत्र म विशेष रूप से ध्यान दे जात हे. किसान उन्नत होही त प्रदेश उन्नत होही. दलहन अउ तिलहन फसल के पैदावारी ल बढ़े के कोशिश घलो होवत हे.

छत्तीसगढ़ी में पढ़ें : हाथी रे! हाथी देखो सफेद हाथी

एक हेक्टेयर म चालीस-पैंतालिस कुंटल विष्णुभोग धान

छत्तीसगढ़ म इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मन लगभग गंवाय विष्णुभोग सुगन्धित धान के नवा किसम तियार करे हें. एखर नान-नान पौधा होथे. एक हेक्टेयर खेत म चालीस ले पैंतालीस कुंटल धान होय के खबर हे. रायपुर अउ धमतरी म एखर परयोग करे गिस. विश्वविद्यालय के धान अनुसन्धान केंद्र ह सुगंधित अउ जादा पैदावारी किसम के धान विकसित करे गे हे. धान के जीन म बदलाव करे बर भाभा परमाणु अनुसन्धान केंद्र के मदद ले गिस. धान के ‘जिन म बदलाव’ करके जादा पैदावारी वाले धान तियार करना संभव होइस हे.एखर ले किसान मन के आमदनी बढ़े के कोशिश होवत हे. गंवाय विष्णुभोग सुगन्धित धान के नवा किसम तियार करे बर पांच बरस लग गे.

विष्णुभोग के नान्हे पौधा

पहिली विष्णुभोग धान के पौधा उंच राहय त थोरकुन जोरदरहा हवा चले त पौधा गिर जाय.एखर से किसान मन उदास हो के ये धान ल बोना बंद कर दे रिहिन. अब विकसित किसम के पौधा के ऊँचाई घटगे हे. प्रदेश के बीज-उपसमिति ह एक बड़े बुता करे हे विकसित किसम के विष्णुभोग धान के बीजा किसान मन ल उपलब्ध करा दे गे हे.

कोदो, कुटकी अउ रागी के पैदावारी बाढही

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश विदेशों में कोदो, कुटकी, रागी जैसे मिलेट की बढती मांगों के परिप्रेक्ष्य में कहा कि प्रदेश में बड़े क्षेत्र में इसके उत्पादन होता है. प्रदेश के कांकेर कोंडागांव नारायणपुर, जगदलपुर, दंतेwaवाड़ा, सुकमा ,सरगुजा, बेमेतरा, कवर्धा के कुछ क्षेत्र म एखर उत्पादन होथे है. श्री बघेल कहिस के मिलेट्स के संग्रहण, प्रसंस्करन,अउ ओखर कीमत से किसान ,महिला समूह अउ प्रदेश के जवान मन ल रोजगार मिलही. इंडियन इन्स्टीटयूट आफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद से पैदावारी बढ़े बर तकनीकी सहयोग ले जही. लघु वनोपजों के संग्रहन अउ प्रसंस्करन से महिला समूह ल दु साल म 501 करोड़ रूपिया के अलग आमदानी होय हे. आप वन विभाग के समीक्षा बइठका म बोलत रेहेव. आप मन निर्णय लेव हो के चुनिन्दा विकासखंड म मिलेट्स के पैदावारी ल बढ़ाय बर मिलेट क्लस्टर के चिन्हारी करके उन्नत खेती ल बढावा दे जही. एमा महिला स्व-सहायता समूह के सहयोग ले गढ़-कलेवा के पकवान म कोदो, कूटकी,अउ रागी के पकवान ल शामिल करे जही.

कोदो के खिचरी अउ रागी के हलवा

प्रदेश के कोदो,कुटकी.अउ रागी पैदावारी वाले क्षेत्र के आंगन-बाड़ी केंद्र म लइका अउ महिला मन ल कोदो के खिचरी अउ रागी के हलवा दे जात हे. एखर ले रागी के लड्डू, कोदो ,कुटकी मुरकू, पोहा जइसे जिनिस तियार करे जा सकत हे.

वृक्षारोपण के डिजिटल हरियाली

मंगलींन दाई कनछेदीलाल ल किहिस-नोंनी के बाबू खबर हे के छत्तीसगढ़ सरकार करोड़ों पौधा लगाय के संकलप ले हे. वृक्षारोपण बर फलदार पौधा घर पहुच सेवा देय जही. ये अखबारी खबर धरती म कब उतरही कोन जनी ! जंगल बहुत दुखी हें. बड़का मनखे मन जंगल ल ठूंठ करे के सुख पाथें. घर के गमला म पेड़ लगाथें. अपन महल अटारी के सुन्दरता बढ़ाथें.

नेता मन जनता के ‘दुआर’ (दरवाजा) आय के नवा-नवा सूत्र निकालत हें. अभी ले उन ल चुनाव तियार होवत हे. खबर आथे, खबर ह जाथे अतकेच म जनता उदक-उदक के फुग्गा बरोबर फूल जथे. नेताजी मन के सुंदर-सुंदर फोटू दिखथे. इही मन ह आजकल के नवा देबी-देवता आंय. जनता ल इन नवा छत्तीसगढ़ के खूबसूत सपना म दिख जथें. जनता ल सुंदर-सुंदर पौधा खबर म दिखना शुरू होगे. मन हरियागे. हरेली तिहार के सपना आगे. लइका-सियान मन ल अतकेच म गेंड़ी चढ़े बर बियाकुल होगे हें. हरियर–हरियर छत्तीसगढ़ आँखी म समागे.

हर साल करोड़ों पौधा के रोपण

कनछेदीलाल कका किहिस-नोंनी के दाई, सरकार हर साल करोड़ों के संख्या म पौधा के रोपण करवाय के एलान करथे. पौधा रोपण होथे घलो. बिना पानी, बिना देखरेख के पौधा दुखी होके सुखा जथे. ओखर आंकड़ा पढ़े बर नइ मिले. ज्यादातर पौधा रोपण कागज म होथे. कागज म हरियाली दिखथे. कागज म जंगल सुरक्षित हे. छत्तीसगढ़ म डिजिटल हरियाली छागे हे..मंगलींन दाई किहिस-नोनी के ददा, सरकार के अधिकारी मन हमन ल भोंदूच मान के चलथे का ? पौधा रोपण म आंकड़ा के सांप-सीढ़ी समझ म आथे. अधिकारी मन पौधा रोपण के जानकारी म बढ़ा-चढ़ा के आंकड़ा देथें. यहू सुने बर मिलथे के पौधा ल जानवर चर डरिन. कहाँ के रोका अउ कहाँ के छेका ? कनछेदीलाल कका किहिस- सुन मंगलींन आज के समे देखावा के हे. जइसे आजकल लिखे के नवा-नवा पेंन आथे-‘लिखो,फेंको’ व्इसनो ’यूज एंड थ्रो’ व्इसने पौधा-रोपण होथे.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *