चंडीगढ़ : निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ भड़के अभिभावक, डीईओ दफ्तर के बाहर नारेबाजी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Dec 2020 11:35 AM IST

चंडीगढ़ में बच्चों के साथ निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
– फोटो : अमर उजाला

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चंडीगढ़ में निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावाक चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग की ओर से इस लूट की अनदेखी से ज्यादा नाराज दिखे। बुधवार को लोगों ने अपने बच्चों के साथ शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

सेक्टर 19 में डीईओ दफ्तर के बाहर अपने बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि वह लॉकडाउन के समय से ही निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी, नाजायज फीस वसूली, बच्चों को फीस के लिए तंग करने, उन्हें ऑनलाइन ग्रुप में से निकालने आदि मुद्दों पर कई शिकायतें शिक्षा विभाग को भेज चुके हैं। अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब भी पेरेंट्स यूनिटी फॉर जस्टिस के प्रतिनिधि पेरेंट्स की इन शिकायतों को लेकर शिक्षा विभाग या अन्य अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें एक से दूसरे फिर तीसरे अफसर को मिलने के लिए चक्कर लगवाया जाता है। आज वह मजबूर होकर शिक्षा विभाग के दफ्तर पर सीधे बातचीत के लिए आए हैं।

प्रदर्शन में पहुंचे समाजसेवी सतनाम सिंह दाऊं ने बताया कि वह पिछले कई साल से निजी स्कूलों की मनमानियों के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ रहे हैं लेकिन इस लॉकडाउन में स्कूलों ने जितनी लूट मचाई है, उतनी उन्होंने कभी नहीं देखी। लॉकडाउन में स्कूलों द्वारा फीस में कोई रियायत नहीं दी गई। अब तो स्कूलों ने चंडीगढ़ प्रशासन से अगले सेशन के लिए स्कूलों की फीस 8 से 16 फीसदी बढ़ाने की मंजूरी भी ले ली है। किसी भी निजी स्कूल ने आज तक अपनी बैलेंस शीट नहीं दिखाई है। इससे साबित होता है कि इन्हें लॉकडाउन में कोई नुकसान नहीं हुआ। 

धरने में पहुंची सौपिन्स स्कूल की अशिता ने कहा कि स्कूल द्वारा उनके बच्चों को बार-बार ऑनलाइन क्लास से हटाया जा रहा है। शिशु निकेतन सेक्टर 43 के मुनीश ने कहा कि उनका स्कूल पीटीएम के नाम पर स्कूल बुलाकर फीस के लिए दबाव बना रहा है। धरने में पेरेंट्स यूनिटी फार जस्टिस के मनीष सोनी व सहयोग देने के लिए मोहाली पेरेंट्स ऐसोसिएशन के हिरदेपाल सिंह भी पहुंचे हुए थे।

चंडीगढ़ में निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावाक चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग की ओर से इस लूट की अनदेखी से ज्यादा नाराज दिखे। बुधवार को लोगों ने अपने बच्चों के साथ शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

सेक्टर 19 में डीईओ दफ्तर के बाहर अपने बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि वह लॉकडाउन के समय से ही निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी, नाजायज फीस वसूली, बच्चों को फीस के लिए तंग करने, उन्हें ऑनलाइन ग्रुप में से निकालने आदि मुद्दों पर कई शिकायतें शिक्षा विभाग को भेज चुके हैं। अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब भी पेरेंट्स यूनिटी फॉर जस्टिस के प्रतिनिधि पेरेंट्स की इन शिकायतों को लेकर शिक्षा विभाग या अन्य अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें एक से दूसरे फिर तीसरे अफसर को मिलने के लिए चक्कर लगवाया जाता है। आज वह मजबूर होकर शिक्षा विभाग के दफ्तर पर सीधे बातचीत के लिए आए हैं।

प्रदर्शन में पहुंचे समाजसेवी सतनाम सिंह दाऊं ने बताया कि वह पिछले कई साल से निजी स्कूलों की मनमानियों के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ रहे हैं लेकिन इस लॉकडाउन में स्कूलों ने जितनी लूट मचाई है, उतनी उन्होंने कभी नहीं देखी। लॉकडाउन में स्कूलों द्वारा फीस में कोई रियायत नहीं दी गई। अब तो स्कूलों ने चंडीगढ़ प्रशासन से अगले सेशन के लिए स्कूलों की फीस 8 से 16 फीसदी बढ़ाने की मंजूरी भी ले ली है। किसी भी निजी स्कूल ने आज तक अपनी बैलेंस शीट नहीं दिखाई है। इससे साबित होता है कि इन्हें लॉकडाउन में कोई नुकसान नहीं हुआ। 

धरने में पहुंची सौपिन्स स्कूल की अशिता ने कहा कि स्कूल द्वारा उनके बच्चों को बार-बार ऑनलाइन क्लास से हटाया जा रहा है। शिशु निकेतन सेक्टर 43 के मुनीश ने कहा कि उनका स्कूल पीटीएम के नाम पर स्कूल बुलाकर फीस के लिए दबाव बना रहा है। धरने में पेरेंट्स यूनिटी फार जस्टिस के मनीष सोनी व सहयोग देने के लिए मोहाली पेरेंट्स ऐसोसिएशन के हिरदेपाल सिंह भी पहुंचे हुए थे।



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Author: riteshkucc01

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