घर पर पहुंचेगी कोरोना टीकाकरण की पर्ची, टीका लगने के केंद्र और समय की दी जाएगी जानकारी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 13 Dec 2020 11:49 AM IST

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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका किसको लगेगा, कहां लगेगा और किस समय टीकाकरण केंद्र पहुंचना होगा, इसकी जानकारी घर-घर दी जाएगी। एएनएम, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहले से तय लोगों के घर-घर जाकर वोटर स्लिप की तरह पर्ची पहुंचाएंगी। इसमें टीका लगवाने वाले के नाम सहित पूरी जानकारी होगी।

प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीका लगाने की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। सुरक्षित टीकाकरण के लिए लाभार्थियों की सूची बन रही है। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने के लिए एक हजार टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं।

फ्रंटलाइन वर्करों के लिए लगभग दो हजार केंद्र और 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाने के लिए तीन हजार केंद्र की व्यवस्था की जा रही है। टीकाकरण के लिए डाटा ब्लॉक स्तर पर कंप्यूटर पर दर्ज किया जा रहा है। इसमें लाभार्थी का नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर दर्ज होगा। इसी आधार पर उन्हें घर-घर जाकर टीकाकरण की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कोरोना काल में हुए सर्वेक्षण के डाटा का इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रदेश में 1,72,724 इलाकों के 3,02,87,276 घरों का सर्विलांस किया गया है। इनमें 14,77,02,118 लोग रहते हैं। इन सभी का डाटा अपलोड किया जा रहा है। जैसे ही किसी व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा, उसके मोबाइल फोन पर टीका लगने का मैसेज भी आएगा।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका किसको लगेगा, कहां लगेगा और किस समय टीकाकरण केंद्र पहुंचना होगा, इसकी जानकारी घर-घर दी जाएगी। एएनएम, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहले से तय लोगों के घर-घर जाकर वोटर स्लिप की तरह पर्ची पहुंचाएंगी। इसमें टीका लगवाने वाले के नाम सहित पूरी जानकारी होगी।

प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीका लगाने की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। सुरक्षित टीकाकरण के लिए लाभार्थियों की सूची बन रही है। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने के लिए एक हजार टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं।

फ्रंटलाइन वर्करों के लिए लगभग दो हजार केंद्र और 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाने के लिए तीन हजार केंद्र की व्यवस्था की जा रही है। टीकाकरण के लिए डाटा ब्लॉक स्तर पर कंप्यूटर पर दर्ज किया जा रहा है। इसमें लाभार्थी का नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर दर्ज होगा। इसी आधार पर उन्हें घर-घर जाकर टीकाकरण की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कोरोना काल में हुए सर्वेक्षण के डाटा का इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रदेश में 1,72,724 इलाकों के 3,02,87,276 घरों का सर्विलांस किया गया है। इनमें 14,77,02,118 लोग रहते हैं। इन सभी का डाटा अपलोड किया जा रहा है। जैसे ही किसी व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा, उसके मोबाइल फोन पर टीका लगने का मैसेज भी आएगा।



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Author: riteshkucc01

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