गोविंद ठाकुर बोले- स्कूल और कॉलेज खुलने पर ही लागू होगी नई शिक्षा नीति

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अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 03 May 2021 06:31 PM IST

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर
– फोटो : अमर उजाला

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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि विभागीय स्तर पर कई योजनाएं तैयार कर ली गई हैं। स्कूल और कॉलेजों के खुलने पर ही नीति लागू होगी। कोरोना संक्रमण अभी राह में रोड़ा बना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी टीकाकरण में लगी है। स्वास्थ्य विभाग पर काम का बोझ बहुत अधिक बढ़ गया है। टीकाकरण करने से अधिक समय पंजीकरण में लग रहा है। ऐसे में सरकार ने पंजीकरण के कार्य के लिए शिक्षकों की सेवाएं लेने का फैसला लिया है।

शिक्षा मंत्री ने सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर भी जल्द ही शिक्षा विभाग बदलाव करेगा। इसके लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में गूगल मीट और जूम एप के माध्यम से पढ़ाई करवाने की तैयारी है। अभी व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। इस माध्यम से बच्चों को शिक्षण सामग्री भेजी जा रही है। बच्चे प्रश्नों का जवाब देकर वापस भेज रहे हैं। इस तकनीक से सिलेबस का पूरा पढ़ाया जा रहा है लेकिन बच्चों के ज्ञान में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कई सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई में बदलाव लाने के लिए नया प्रस्ताव बनाया है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि विभागीय स्तर पर कई योजनाएं तैयार कर ली गई हैं। स्कूल और कॉलेजों के खुलने पर ही नीति लागू होगी। कोरोना संक्रमण अभी राह में रोड़ा बना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी टीकाकरण में लगी है। स्वास्थ्य विभाग पर काम का बोझ बहुत अधिक बढ़ गया है। टीकाकरण करने से अधिक समय पंजीकरण में लग रहा है। ऐसे में सरकार ने पंजीकरण के कार्य के लिए शिक्षकों की सेवाएं लेने का फैसला लिया है।

शिक्षा मंत्री ने सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर भी जल्द ही शिक्षा विभाग बदलाव करेगा। इसके लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में गूगल मीट और जूम एप के माध्यम से पढ़ाई करवाने की तैयारी है। अभी व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। इस माध्यम से बच्चों को शिक्षण सामग्री भेजी जा रही है। बच्चे प्रश्नों का जवाब देकर वापस भेज रहे हैं। इस तकनीक से सिलेबस का पूरा पढ़ाया जा रहा है लेकिन बच्चों के ज्ञान में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कई सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई में बदलाव लाने के लिए नया प्रस्ताव बनाया है।



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Author: riteshkucc01

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