खुशखबरः जम्मू-कश्मीर के एक हजार युवाओं को दुबई में मिलेगा रोजगार


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

दुबई में चल रहे भारत खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2020 के दौरान जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए बुधवार को एक अच्छी खबर आई है। अब जम्मू-कश्मीर के करीब 1000 युवाओं को दुबई में रोजगार मिलेगा। इसकी जानकारी कश्मीर के हॉर्टिकल्चर (उद्यान)विभाग के निदेशक एजाज अहमद भट्ट ने ट्वीट कर दी है।

 एजाज अहमद भट्ट ने अपने ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में लिखा, कॉन्सुलेट जनरल की ओर से एक अच्छी खबर है कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुबई पहुंचे जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर दुबई में 1000 युवाओं के लिए नौकरी प्रदान करने के लिए सहमत हुए हैं। दुबई(यूएई) हमारा साझेदार देश है। कॉन्सुलेट जनरल डॉ. अमन पुरी हमेशा विकास के क्षेत्र में जम्मू – कश्मीर का समर्थन करने में सहायक रहे हैं। चाहें वह खाद्य क्षेत्र हो अथवा फलों का मामला। 

मालूम हो कि दुबई में चल रहे इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के किसानों, व्यापारियों और अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल होने के लिए वहां पहुंचा हुआ है। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रमुख सचिव (कृषि) नवीन चौधरी कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग पाने वाले कश्मीरी केसर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बाजार में उतारा है, ताकि पश्चिम एशिया में इसके कारोबार को बढ़ावा मिल सके। कश्मीर में पैदा होने वाली केसर को जुलाई में जीआई टैग दिया गया था, जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी के ब्रांड को वैश्विक स्तर पर लाना है। 

जम्मू.कश्मीर के प्रधान सचिव (कृषि) नवीन के चौधरी ने मंगलवार को यूएई में आयोजित भारत खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2020 में कश्मीरी केसर की पेशकश की। चौधरी ने कहा, मुझे खुशी है कि पहली बार कश्मीरी केसर को यूएई के बाजार में पेश किया गया है। कश्मीरी केसर जिसे उर्दू में जाफराना कहा जाता है, कई औषधीय फायदों को साथ एक मसाले के रूप में विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। यह जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व भी करता है। चौधरी ने कहा कि जीआई प्रमाण पत्र मिलने के बाद पहली बार कश्मीरी केसर का निर्यात किया गया। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि इसका निर्यात दुबई और यूएई के दूसरे शहरों में और बढ़ेगा।

केसर का शहर कहलाता है पांपोर
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के पांपोर इलाके में ही केसर की मुख्य खेती है। इसके कारण पांपोर को केसर का शहर भी कहा जाता  है। 

क्या होता है जीआई टैग
भौगोलिक संकेत (जीआई टैग) ऐसा चिह्न होता है जो उन उत्पादों के लिए जारी किया जाता है जो एक खास भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होते हैं और इस मूल कारण के चलते उनमें कुछ विशिष्ट गुण होते हैं।

सार

  • उद्यान विभाग के निदेशक एजाज अहमद ने ट्वीट कर दी जानकारी

विस्तार

दुबई में चल रहे भारत खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2020 के दौरान जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए बुधवार को एक अच्छी खबर आई है। अब जम्मू-कश्मीर के करीब 1000 युवाओं को दुबई में रोजगार मिलेगा। इसकी जानकारी कश्मीर के हॉर्टिकल्चर (उद्यान)विभाग के निदेशक एजाज अहमद भट्ट ने ट्वीट कर दी है।

 एजाज अहमद भट्ट ने अपने ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में लिखा, कॉन्सुलेट जनरल की ओर से एक अच्छी खबर है कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुबई पहुंचे जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर दुबई में 1000 युवाओं के लिए नौकरी प्रदान करने के लिए सहमत हुए हैं। दुबई(यूएई) हमारा साझेदार देश है। कॉन्सुलेट जनरल डॉ. अमन पुरी हमेशा विकास के क्षेत्र में जम्मू – कश्मीर का समर्थन करने में सहायक रहे हैं। चाहें वह खाद्य क्षेत्र हो अथवा फलों का मामला। 

मालूम हो कि दुबई में चल रहे इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के किसानों, व्यापारियों और अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल होने के लिए वहां पहुंचा हुआ है। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रमुख सचिव (कृषि) नवीन चौधरी कर रहे हैं।


आगे पढ़ें

जीआई टैग मिलने के बाद यूएई के बाजार में उतारा कश्मीरी केसर



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *