कागज नहीं, तेजरफ्तार पर रहेगी अब हिमाचल पुलिस की नजर


अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Sat, 12 Dec 2020 10:14 AM IST

डीजीपी संजय कुंडू
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

हिमाचल के लोगों के लिए काल बन रही वाहनों की तेजरफ्तार नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नई कवायद शुरू की है। डीजीपी संजय कुंडू ने सूबे के सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि पुलिस कर्मी वाहन चेकिंग के नाम पर कागजों को जांचने के बजाय डाप्लर रडार की मदद से तेजरफ्तार वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करें।

हादसे कम करने के उद्देश्य से डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को इसे गंभीरता से लेने को कहा है। डीजीपी ने बताया कि देश में हर एक हजार में जहां औसतन आठ लोगों की सड़क हादसों में मौत होती है। हिमाचल में प्रति हजार में यह आंकड़ा 11 है। ऐसे में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हादसों में मौत चिंता का विषय है। बताया कि पुलिस मुख्यालय लगातार तेजरफ्तार वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी करेगा। 

भ्रष्टाचार की शिकायतों में भी आएगी कमी
तकनीक का प्रयोग कर फर्राटा भरने वालों पर कार्रवाई से पुलिस को भ्रष्टाचार की शिकायत से भी निजात मिलेगी। दरअसल, चेकिंग के दौरान अवैध वसूली की आमतौर पर शिकायतें आती हैं। कुंडू का कहना है कि कागज चेक करने से हादसों में कमी नहीं आएगी, बल्कि हादसों वाले जोन में पुलिस कर्मी तैनात कर व तेजरफ्तार वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई से ही हादसों में कमी लाना संभव है।

हिमाचल के लोगों के लिए काल बन रही वाहनों की तेजरफ्तार नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नई कवायद शुरू की है। डीजीपी संजय कुंडू ने सूबे के सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि पुलिस कर्मी वाहन चेकिंग के नाम पर कागजों को जांचने के बजाय डाप्लर रडार की मदद से तेजरफ्तार वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करें।

हादसे कम करने के उद्देश्य से डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को इसे गंभीरता से लेने को कहा है। डीजीपी ने बताया कि देश में हर एक हजार में जहां औसतन आठ लोगों की सड़क हादसों में मौत होती है। हिमाचल में प्रति हजार में यह आंकड़ा 11 है। ऐसे में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हादसों में मौत चिंता का विषय है। बताया कि पुलिस मुख्यालय लगातार तेजरफ्तार वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी करेगा। 

भ्रष्टाचार की शिकायतों में भी आएगी कमी

तकनीक का प्रयोग कर फर्राटा भरने वालों पर कार्रवाई से पुलिस को भ्रष्टाचार की शिकायत से भी निजात मिलेगी। दरअसल, चेकिंग के दौरान अवैध वसूली की आमतौर पर शिकायतें आती हैं। कुंडू का कहना है कि कागज चेक करने से हादसों में कमी नहीं आएगी, बल्कि हादसों वाले जोन में पुलिस कर्मी तैनात कर व तेजरफ्तार वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई से ही हादसों में कमी लाना संभव है।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *