एक्सक्लूसिव: रुड़की जेल से पैरोल पर छूटे सात सजायाफ्ता कैदी और 64 विचाराधीन बंदी ‘लापता’


मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 13 Dec 2020 12:29 PM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : पिक्साबे

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उत्तराखंड में रुड़की जेल में कोरोना संक्रमण रोकने के उद्देश्य से मार्च में पैरोल पर छूटे सात सजायाफ्ता कैदी और 64 विचाराधीन बंदी लापता हो गए हैं। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद भी ये रुड़की उप कारागार नहीं लौटे। ऐसे में जेल प्रशासन और पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। जेल प्रशासन ने एसएसपी से पत्राचार कर बंदियों के लापता होने की जानकारी दी है। अब पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

जेल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में बंदियों और कैदियों की भीड़ कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पैरोल देने की गाइडलाइन जारी की गई थी। इसके तहत रुड़की उप कारागार प्रशासन ने पैरोल पर छोड़े जाने वाले 11 सजायाफ्ता कैदियों और 64 बंदियों की लिस्ट तैयार की थी।

इसके बाद सभी को छह महीने की पैरोल दे दी गई थी, लेकिन पैरोल समाप्त होने के बाद भी इनमें से सात कैदी और सभी 64 बंदी जेल नहीं लौटे। इससे जेल प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। जेल प्रशासन ने इनकी वापसी के लिए संबंधित जिले के एसएसपी से पत्राचार किया है।

वहीं, रुड़की जेल से सात कैदी और 64 विचाराधीन बंदी लापता होने की सूचना से पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। पुलिस नाम और पते जुटाकर इनकी तलाश कर रही है, लेकिन एक को छोड़कर अन्य कैदियों और बंदियों की जेल में वापस नहीं हो पाई है। 

जेल में कोरोना संक्रमण न फैले इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी जेलों को आदेश दिए थे कि सात साल से कम सजा वाले कैदियों और जेल रखे गए बंदियों को ही पैरोल पर छोड़ा जाए। इसके बाद जेल प्रशासन की ओर से ऐसे बंदियों और कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था, लेकिन अभी तक एक कैदी के अलावा कोई भी बंदी या कैदी जेल नहीं लौटा है। 

सबसे अधिक जिले के हैं बंदी
जेल प्रशासन के अनुसार, कोरोना काल में पैरोल पर छोड़ गए सबसे अधिक बंदी हरिद्वार जिले के ही हैं। सात कैदियों में से एक सहारनपुर का है और बाकी छह हरिद्वार के हैं। इनमें से कुछ गैर इरादतन हत्या, चोरी, लूट समेत अन्य घटनाओं में शामिल हैं।

कोरोना काल में जेल से 11 कैदियों और 64 बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था। इनमें से एक ही कैदी वापस आया है जबकि तीन की सजा पूरी हो चुकी है। 64 बंदियों में से एक भी जेल में वापसी नहीं हुई है। इनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए संबंधित एसएसपी को पत्राचार किया गया है।
-जेपी द्विवेदी, जेलर, रुड़की उप कारागार

सार

  • कोरोना के मद्देनजर मार्च में 11 सजायाफ्ता, 64 विचाराधीन बंदियों को मिली थी पैरोल
  • एक ही कैदी लौटा जेल, पता लगाने के लिए जेल प्रशासन ने एसएसपी से किया पत्राचार

विस्तार

उत्तराखंड में रुड़की जेल में कोरोना संक्रमण रोकने के उद्देश्य से मार्च में पैरोल पर छूटे सात सजायाफ्ता कैदी और 64 विचाराधीन बंदी लापता हो गए हैं। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद भी ये रुड़की उप कारागार नहीं लौटे। ऐसे में जेल प्रशासन और पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। जेल प्रशासन ने एसएसपी से पत्राचार कर बंदियों के लापता होने की जानकारी दी है। अब पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

जेल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में बंदियों और कैदियों की भीड़ कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पैरोल देने की गाइडलाइन जारी की गई थी। इसके तहत रुड़की उप कारागार प्रशासन ने पैरोल पर छोड़े जाने वाले 11 सजायाफ्ता कैदियों और 64 बंदियों की लिस्ट तैयार की थी।

इसके बाद सभी को छह महीने की पैरोल दे दी गई थी, लेकिन पैरोल समाप्त होने के बाद भी इनमें से सात कैदी और सभी 64 बंदी जेल नहीं लौटे। इससे जेल प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। जेल प्रशासन ने इनकी वापसी के लिए संबंधित जिले के एसएसपी से पत्राचार किया है।

वहीं, रुड़की जेल से सात कैदी और 64 विचाराधीन बंदी लापता होने की सूचना से पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। पुलिस नाम और पते जुटाकर इनकी तलाश कर रही है, लेकिन एक को छोड़कर अन्य कैदियों और बंदियों की जेल में वापस नहीं हो पाई है। 


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केवल एक की वापसी 



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Author: riteshkucc01

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