उत्तरायणी जनकल्याण में खड़ा हुआ असहमति का पहाड़

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उत्तरायणी जनकल्याण में खड़ा हुआ असहमति का पहाड़
पर्वतीय समाज के संगठन में आम सहमति से चुनाव की 27 साल पुरानी परंपरा टूटी
अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए अड़े दो-दो दावेदार, मनाने की कोशिश नाकाम
अब 19 को होगा मतदान, महामंत्री पद के लिए दिनेश चंद्र पंत का एकमात्र नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। उत्तरायणी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों का आम सहमति से चुनाव का 27 साल पुराना रिकॉर्ड इस बार टूट गया। अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए दो-दो नामांकन होने और दावेदारों के नामांकन वापस न लेने पर अड़ जाने के बाद इन दोनों पदों के लिए मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। हालांकि महामंत्री के लिए एक ही नामांकन होने की वजह से इस पद पर निर्विरोध निर्वाचन होने का रास्ता साफ हो गया है।
काफी जद्दोजहद के बाद भी सहमति से पूरा चुनाव कराने की कोशिश रविवार को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के साथ नाकाम हो गई। इसके फौरन बाद अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए 19 सितंबर की तारीख तय कर दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक दोनों पदों के लिए नेहरू युवा केंद्र में सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए मनोज कांडपाल को मुख्य चुनाव अधिकारी नामित किया गया है। उनके साथ मनोज पांडेय और प्रकाश पाठक सहायक चुनाव अधिकारी के तौर पर काम करेंगे।
उत्तरायणी जनकल्याण समिति के महामंत्री पद के लिए इस बार 25 जुलाई को ही दिनेश चंद्र पंत के नाम पर आम सहमति बन गई थी। अध्यक्ष पद के लिए पीएस जीना व प्रमोद बिष्ट और कोषाध्यक्ष पद के लिए डीएस मनराल और मुकुल मोहन त्रिपाठी के नामांकन करा दिए जाने के बाद विवाद की शुरुआत हुई। दावेदारों के बीच सहमति स्थापित करने की कोशिश की गई लेकिन कोई भी दावेदार नाम वापस लेने को तैयार नहीं हुआ। समित के अध्यक्ष पीसी पाठक ने बताया कि 19 सितंबर को अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। कोषाध्यक्ष पद पर दिनेश चंद्र पंत के नाम की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी।
बरेली से लेकर उत्तराखंड तक प्रतिष्ठा देते हैं ये पद
उत्तराखंड जनकल्याण समिति का बरेली में सबसे प्रमुख आयोजन उत्तरायणी मेला है जो जनवरी के महीने में तीन दिन तक बरेली क्लब ग्राउंड में आयोजित किया जाता है। इस मेले में उत्तराखंड के सैकड़ों लोग स्टॉल लगाते हैं। पर्वतीय समाज के सांस्कृतिक दलों के लिए भी मैदानी क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह मेला प्रमुख मंच माना जाता है। इसी वजह से मेला समिति के पदाधिकारियों के लिए बरेली के पर्वतीय समाज में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के लोक कलाकारों, कृषि कारोबारियों और राजनेताओं में संपर्क का जरिया बनता है। माना जा रहा है कि इसी वजह से समिति में पद हासिल करने की होड़ बढ़ी है जिसने आम सहमति की पुरानी पंरपरा को ध्वस्त कर दिया।
167 सदस्य हैं उत्तरायणी जनकल्याण समिति में
बरेली में पर्वतीय समाज के लोगों की आबादी एक लाख से ज्यादा हैं। 1992 में स्थापित हुई उत्तराखंड जनकल्याण समिति में 167 सदस्य हैं। समिति का बरेली में सबसे प्रमुख आयोजन उत्तरायणी मेला है जिससे उसे हर साल दस से 15 लाख तक की आय होती है। अध्यक्ष पीसी पाठक के मुताबिक समिति के कोष में फिलहाल 64 लाख रुपये नकद हैं। अचल संपत्ति के तौर पर करीब 40 लाख का उत्तराखंड भवन है। भविष्य में उत्तराखंड हॉस्टल बनाने की भी योजना है। समिति पर्वतीय समाज के लोगों की मदद भी करती है।

उत्तरायणी जनकल्याण में खड़ा हुआ असहमति का पहाड़

पर्वतीय समाज के संगठन में आम सहमति से चुनाव की 27 साल पुरानी परंपरा टूटी

अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए अड़े दो-दो दावेदार, मनाने की कोशिश नाकाम

अब 19 को होगा मतदान, महामंत्री पद के लिए दिनेश चंद्र पंत का एकमात्र नाम

संवाद न्यूज एजेंसी

बरेली। उत्तरायणी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों का आम सहमति से चुनाव का 27 साल पुराना रिकॉर्ड इस बार टूट गया। अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए दो-दो नामांकन होने और दावेदारों के नामांकन वापस न लेने पर अड़ जाने के बाद इन दोनों पदों के लिए मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। हालांकि महामंत्री के लिए एक ही नामांकन होने की वजह से इस पद पर निर्विरोध निर्वाचन होने का रास्ता साफ हो गया है।

काफी जद्दोजहद के बाद भी सहमति से पूरा चुनाव कराने की कोशिश रविवार को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के साथ नाकाम हो गई। इसके फौरन बाद अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए 19 सितंबर की तारीख तय कर दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक दोनों पदों के लिए नेहरू युवा केंद्र में सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए मनोज कांडपाल को मुख्य चुनाव अधिकारी नामित किया गया है। उनके साथ मनोज पांडेय और प्रकाश पाठक सहायक चुनाव अधिकारी के तौर पर काम करेंगे।

उत्तरायणी जनकल्याण समिति के महामंत्री पद के लिए इस बार 25 जुलाई को ही दिनेश चंद्र पंत के नाम पर आम सहमति बन गई थी। अध्यक्ष पद के लिए पीएस जीना व प्रमोद बिष्ट और कोषाध्यक्ष पद के लिए डीएस मनराल और मुकुल मोहन त्रिपाठी के नामांकन करा दिए जाने के बाद विवाद की शुरुआत हुई। दावेदारों के बीच सहमति स्थापित करने की कोशिश की गई लेकिन कोई भी दावेदार नाम वापस लेने को तैयार नहीं हुआ। समित के अध्यक्ष पीसी पाठक ने बताया कि 19 सितंबर को अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। कोषाध्यक्ष पद पर दिनेश चंद्र पंत के नाम की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी।

बरेली से लेकर उत्तराखंड तक प्रतिष्ठा देते हैं ये पद

उत्तराखंड जनकल्याण समिति का बरेली में सबसे प्रमुख आयोजन उत्तरायणी मेला है जो जनवरी के महीने में तीन दिन तक बरेली क्लब ग्राउंड में आयोजित किया जाता है। इस मेले में उत्तराखंड के सैकड़ों लोग स्टॉल लगाते हैं। पर्वतीय समाज के सांस्कृतिक दलों के लिए भी मैदानी क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह मेला प्रमुख मंच माना जाता है। इसी वजह से मेला समिति के पदाधिकारियों के लिए बरेली के पर्वतीय समाज में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के लोक कलाकारों, कृषि कारोबारियों और राजनेताओं में संपर्क का जरिया बनता है। माना जा रहा है कि इसी वजह से समिति में पद हासिल करने की होड़ बढ़ी है जिसने आम सहमति की पुरानी पंरपरा को ध्वस्त कर दिया।

167 सदस्य हैं उत्तरायणी जनकल्याण समिति में

बरेली में पर्वतीय समाज के लोगों की आबादी एक लाख से ज्यादा हैं। 1992 में स्थापित हुई उत्तराखंड जनकल्याण समिति में 167 सदस्य हैं। समिति का बरेली में सबसे प्रमुख आयोजन उत्तरायणी मेला है जिससे उसे हर साल दस से 15 लाख तक की आय होती है। अध्यक्ष पीसी पाठक के मुताबिक समिति के कोष में फिलहाल 64 लाख रुपये नकद हैं। अचल संपत्ति के तौर पर करीब 40 लाख का उत्तराखंड भवन है। भविष्य में उत्तराखंड हॉस्टल बनाने की भी योजना है। समिति पर्वतीय समाज के लोगों की मदद भी करती है।



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Author: riteshkucc01

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