उत्तराखंड: सियाचिन में शहीद पौड़ी के जवान विपिन सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, सीएम ने दी श्रद्धांजलि

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:31 AM IST

सार

सीएम ने घोषणा की कि शहीद के गांव की ओर जाने वाली सड़क का नाम और इंटर कॉलेज का नाम शहीद विपिन सिंह के नाम पर किया जाएगा। 

शहीद विपिन को श्रद्धांजलि देते सीएम
– फोटो : अमर उजाला

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सियाचिन में शहीद हुए उत्तराखंड में पाबौ विकासखंड के धारकोट निवासी विपिन सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गांव पहुंचकर शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर बाद पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सिंह धामी ने शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। कहा कि शहीद विपिन सिंह एक परिवार का ही नहीं बल्कि देश का बेटा है। सीएम ने घोषणा की कि शहीद के गांव को जाने वाली सड़क का नाम और इंटर कॉलेज का नाम शहीद विपिन सिंह के नाम पर किया जाएगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय जोगदण्डे, एसएसपी पी रेणुका देवी भी शामिल रहे। 

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ग्लेशियर की चपेट में आ गए थे विपिन
शहीद विपिन सिंह 57 बंगला इंजीनियरिंग में थे और इन दिनों सियाचिन में तैनात थे। विपिन सिंह (24) करीब 4 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। सियाचिन में पैर फिसलने से वह ग्लेशियर की चपेट में आ गए और शहीद हो गए थे। धारकोट गांव के प्रधान यशवंत गुसाईं ने बताया कि रविवार दोपहर को विपिन सिंह के परिजनों को सैन्य अधिकारियों ने फोन पर बताया गया था कि विपिन सिंह सियाचिन में शहीद हो गए हैं।

पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं
शहीद के माता और पिता गांव में रहते हैं। पिता भी सेना से रिटायर्ड है। बड़ा भाई भी सेना में है और बड़े भाई का परिवार कोटद्वार में रहता है। विपिन सिंह मार्च में छुट्टी पर आए थे।

विस्तार

सियाचिन में शहीद हुए उत्तराखंड में पाबौ विकासखंड के धारकोट निवासी विपिन सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गांव पहुंचकर शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर बाद पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सिंह धामी ने शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। कहा कि शहीद विपिन सिंह एक परिवार का ही नहीं बल्कि देश का बेटा है। सीएम ने घोषणा की कि शहीद के गांव को जाने वाली सड़क का नाम और इंटर कॉलेज का नाम शहीद विपिन सिंह के नाम पर किया जाएगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय जोगदण्डे, एसएसपी पी रेणुका देवी भी शामिल रहे। 

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ग्लेशियर की चपेट में आ गए थे विपिन

शहीद विपिन सिंह 57 बंगला इंजीनियरिंग में थे और इन दिनों सियाचिन में तैनात थे। विपिन सिंह (24) करीब 4 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। सियाचिन में पैर फिसलने से वह ग्लेशियर की चपेट में आ गए और शहीद हो गए थे। धारकोट गांव के प्रधान यशवंत गुसाईं ने बताया कि रविवार दोपहर को विपिन सिंह के परिजनों को सैन्य अधिकारियों ने फोन पर बताया गया था कि विपिन सिंह सियाचिन में शहीद हो गए हैं।

पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं

शहीद के माता और पिता गांव में रहते हैं। पिता भी सेना से रिटायर्ड है। बड़ा भाई भी सेना में है और बड़े भाई का परिवार कोटद्वार में रहता है। विपिन सिंह मार्च में छुट्टी पर आए थे।



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Author: riteshkucc01

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