उत्तराखंड: चीन सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए प्रशासन की टीम बाड़ाहोती रवाना, एक हफ्ते बाद लौटकर देगी रिपोर्ट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 10 Jun 2021 09:05 PM IST

सार

उत्तराखंड में भारतीय सीमा से लगी चीन सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। इसलिए चमोली जिला प्रशासन की टीम प्रतिवर्ष सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए बाड़ाहोती जाती है।

बाराहोती बॉर्डर
– फोटो : फाइल फोटो

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उत्तराखंड में चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए चमोली प्रशासन की एक टीम सीमा के अंतिम छोर बाड़ाहोती के लिए रवाना हो गई है। टीम एक सप्ताह बाद लौटकर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी। टीम में जिले के 18 विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। 

चमोली जिले में भारतीय सीमा से लगी चीन सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। इसलिए जिला प्रशासन की टीम प्रतिवर्ष चीन सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए बाड़ाहोती जाती है। टीम की ओर से मलारी से बाड़ाहोती तक सीमा क्षेत्र में चीन की गतिविधि, सीमा क्षेत्र में सैन्य बलों की जरूरत, सड़क, संचार जैसी मूलभूत समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार की जाती है।

चीन सीमा क्षेत्र में 80 वर्ग किलोमीटर में फैला बाड़ाहोती चारागाह बेहद संवेदनशील है। वर्ष 2016 में इसी चारागाह में चमोली प्रशासन की टीम का चीनी सैनिकों से सामना हुआ था। सैनिकों ने टीम के सदस्यों को इशारे से लौट जाने का इशारा किया था। यहां कई बार चीनी सैनिक व हेलीकॉप्टर से घुसपैठ कर चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि 18 सदस्यीय टीम एक सप्ताह में सीमा क्षेत्र से लौटने के बाद क्षेत्र की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप देगी। 

मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंस कर जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को मानसून से पहले जिले में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि मानसून में किसी भी आपदा से निपटने के लिए अधिकारी हर वक्त अलर्ट मोड पर रहें।

डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि संबंधित तहसीलों को आपदा मद में जो बजट आवंटित किया गया था, उसके सभी कार्य पूरा कर स्थलीय निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़क, बिजली एवं पानी के संबंध में प्रतिदिन की रिपोर्ट जिला आपदा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। जल संस्थान के अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में पाइपों का भंडारण करने के निर्देश दिए गए, जिससे तत्काल अस्थायी व्यवस्था कराई जा सके।

सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को भूस्खलन वाले क्षेत्रों में जेसीबी व ऑपरेटर की तैनाती कर उनके मोबाइल नंबर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को देने के निर्देश भी दिए गए। लोनिवि व जिला पंचायत को सभी संवेदनशील स्थलों के आसपास के वैकल्पिक पैदल मार्ग दुरुस्त करने के लिए कहा। जिला पूर्ति अधिकारी को आगामी तीन माह का खाद्यान्न एर्वं इंधन का पर्याप्त भंडारण रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ को सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती के साथ पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक रखने के निर्देश दिए। 

विस्तार

उत्तराखंड में चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए चमोली प्रशासन की एक टीम सीमा के अंतिम छोर बाड़ाहोती के लिए रवाना हो गई है। टीम एक सप्ताह बाद लौटकर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी। टीम में जिले के 18 विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। 

चमोली जिले में भारतीय सीमा से लगी चीन सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। इसलिए जिला प्रशासन की टीम प्रतिवर्ष चीन सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए बाड़ाहोती जाती है। टीम की ओर से मलारी से बाड़ाहोती तक सीमा क्षेत्र में चीन की गतिविधि, सीमा क्षेत्र में सैन्य बलों की जरूरत, सड़क, संचार जैसी मूलभूत समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार की जाती है।

चीन सीमा क्षेत्र में 80 वर्ग किलोमीटर में फैला बाड़ाहोती चारागाह बेहद संवेदनशील है। वर्ष 2016 में इसी चारागाह में चमोली प्रशासन की टीम का चीनी सैनिकों से सामना हुआ था। सैनिकों ने टीम के सदस्यों को इशारे से लौट जाने का इशारा किया था। यहां कई बार चीनी सैनिक व हेलीकॉप्टर से घुसपैठ कर चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि 18 सदस्यीय टीम एक सप्ताह में सीमा क्षेत्र से लौटने के बाद क्षेत्र की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप देगी। 


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मानसून से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करें अधिकारी



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Author: riteshkucc01

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