उत्तराखंड: एसएसबी के आईजी बोले-सुरक्षित है नेपाल सीमा से लगी एक-एक इंच जमीन, सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं कोई अशांति नहीं

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सार

शनिवार को एसएसबी परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर सीमांकन कराने के निर्णय से कोई विवाद नहीं रह जाएगा। नेपाल के लोगों और भारतीयों के बीच प्रगाढ़, भरोसेमंद रिश्तों के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं कोई अशांति नहीं है। 

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एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के आईजी (महानिरीक्षक) संजय कुमार ने कहा कि नेपाल से लगी भारतीय सीमा की एक-एक इंच जमीन पूरी तरह सुरक्षित है। सीमांकन को लेकर यदाकदा होने वाले छिटपुट विवाद कभी नदी के रुख बदलने और कभी स्थानीय स्तर पर कतिपय असामाजिक तत्वों की हरकतों की वजह से होते हैं, लेकिन दोनों पक्षों ने संवाद के जरिये ऐसे विवादों को निपटा लिया है। 

शनिवार को एसएसबी परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर सीमांकन कराने के निर्णय से कोई विवाद नहीं रह जाएगा। नेपाल के लोगों और भारतीयों के बीच प्रगाढ़, भरोसेमंद रिश्तों के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं कोई अशांति नहीं है। 

नेपाल से लगी प्रदेश की 250 किलोमीटर लंबी सीमा में सड़क और संचार सुविधा के विस्तार के साथ आधारभूत ढांचा सशक्त किया गया है। काली नदी से लेकर थल मार्ग पर चौकसी के लिए सीसीटीवी, नाइट विजन कैमरे सहित सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं। 

आईजी ने कहा कि सीमा क्षेत्र की हिफाजत के लिए एसएसबी अन्य एजेंसियों (पुलिस, प्रशासन, वन विभाग) के साथ नेपाल के अधिकारियों से भी नियमित रूप से संवाद कर गलतफहमी को दूर करती है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों के सीमावर्ती इलाकों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। एसएसबी ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की मदद करने के साथ उनका भरोसा जीतने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को और संजीदगी से निभाते हुए विकास कार्य में हाथ बंटाएगी। इस मौके पर पंचम वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद देवरानी भी मौजूद थे। 
एसएसबी की पंचम वाहिनी के अधिकारी-कार्मिकों को अब आवासीय समस्या नहीं झेलनी होगी।  एसएसबी परिसर में टाइप-2 के 128 आवास बनकर तैयार हो गए हैं। शनिवार को आईजी संजय कुमार ने इस आवासीय परिसर का शुभारंभ किया। एसएसबी के पंडित जयप्रकाश दुबे ने पूजा-अर्चना की रस्म अदा करवाई। 

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुशील और जेई संदीप कुमार ने बताया कि 2016 से शुरू इस निर्माण को पांच साल में पूरा किया गया। निर्माण कार्य में कुल 23.65 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद, कमांडेंट प्रमोद देवरानी सेकेंड कमांडेंट हरीश चंद्र जोशी, डिप्टी कमांडेंट हरेंद्र सिंह, संतोष पंडित, एसी घनश्याम पटेल, डॉ. शिवानी, निरीक्षक संदीप कुमार, देवराम, संजीब नाथ, अरुण कुमारदन सिंह आदि मौजूद रहे।  

इससे पूर्व उन्होंने वाहिनी परिसर के कामकाज का निरीक्षण किया। कहा कि परिसर में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का लाभ एसएसबी सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के कार्मिकों के बच्चों को भी हो रहा है। आईजी ने वाहिनी के बकाया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों की समस्याएं भी सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। 

एसएसबी ने दस बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया 
कोविड से बचाव के लिए एसएसबी ने स्वास्थ्य सुविधा विहीन क्षेत्र पंचेश्वर में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) बनाया है। आईजी संजय कुमार ने इसका औपचारिक शुभारंभ किया। सहायक कमांडेंट डॉ. शिवानी ने बताया कि दस बेड के इस सीसीसी में ऑक्सीजन की भी सुविधा होगी। फिलहाल यहां एक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर है। जल्द ही कुछ और  कंसन्ट्रेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कोविड केयर सेंटर के खोले जाने से नेपाल सीमा से लगे इस क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण की सूरत में तत्काल इलाज मिल सकेगा।
शहीद वाटिका में रोपे 40 फलदार पौधे 
शहीदों को याद करने के लिए एसएसबी परिसर में शहीद वाटिका का निर्माण किया गया है। पर्यावरण दिवस पर आईजी संजय कुमार और कमांडेंट प्रमोद देवरानी ने आड़ू और संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद ने सिटरस फल का पौध लगाया। शहीद वाटिका में कुल 40 फलदार पौधे लगाए गए। साथ ही इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय की गई।

विस्तार

एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के आईजी (महानिरीक्षक) संजय कुमार ने कहा कि नेपाल से लगी भारतीय सीमा की एक-एक इंच जमीन पूरी तरह सुरक्षित है। सीमांकन को लेकर यदाकदा होने वाले छिटपुट विवाद कभी नदी के रुख बदलने और कभी स्थानीय स्तर पर कतिपय असामाजिक तत्वों की हरकतों की वजह से होते हैं, लेकिन दोनों पक्षों ने संवाद के जरिये ऐसे विवादों को निपटा लिया है। 

शनिवार को एसएसबी परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर सीमांकन कराने के निर्णय से कोई विवाद नहीं रह जाएगा। नेपाल के लोगों और भारतीयों के बीच प्रगाढ़, भरोसेमंद रिश्तों के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं कोई अशांति नहीं है। 

नेपाल से लगी प्रदेश की 250 किलोमीटर लंबी सीमा में सड़क और संचार सुविधा के विस्तार के साथ आधारभूत ढांचा सशक्त किया गया है। काली नदी से लेकर थल मार्ग पर चौकसी के लिए सीसीटीवी, नाइट विजन कैमरे सहित सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं। 

आईजी ने कहा कि सीमा क्षेत्र की हिफाजत के लिए एसएसबी अन्य एजेंसियों (पुलिस, प्रशासन, वन विभाग) के साथ नेपाल के अधिकारियों से भी नियमित रूप से संवाद कर गलतफहमी को दूर करती है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों के सीमावर्ती इलाकों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। एसएसबी ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की मदद करने के साथ उनका भरोसा जीतने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को और संजीदगी से निभाते हुए विकास कार्य में हाथ बंटाएगी। इस मौके पर पंचम वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद देवरानी भी मौजूद थे। 


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Author: riteshkucc01

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