उत्तरकाशी आपदा: 15 दिन पहले ही छह साल की बेटी के साथ गांव आई थी रितु, ‘सैलाब’ ने ले ली दोनों की जान

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


अजय कुमार, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 20 Jul 2021 01:16 PM IST

उत्तराखंड में उत्तरकाशी के मांडों गांव में मलबे में दबकर जान गंवाने वाली माधुरी और रितु रिश्ते में देवरानी-जेठानी थीं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रितु छह साल की बेटी के साथ करीब 15 दिन पहले ही गांव आई थी। तीनों की मौत से रितु के जेठ देवानंद और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

उत्तरकाशी में दो जगह फटा बादल: अचानक आया मलबे का ‘सैलाब’, जिंदा दफन हो गए मां-बेटी समेत तीन लोग, तस्वीरें…

रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश मांडों गांव निवासी देवानंद भट्ट और उसके छोटे भाई दीपक भट्ट के परिवार पर कहर बनकर टूटी। देवानंद का छोटा भाई दीपक व उसकी पत्नी रितु दोनों दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में कोविड के चलते वर्क फ्रॉम होम पर रहने के चलते रितु बेटी के साथ उत्तरकाशी आ गई थी।

वह यहीं से अपने ऑफिस का काम भी निपटा रही थी। किसी को भी इस आपदा का आभास नहीं था। रविवार रात बादल फटने से जब गांव के बीच से गुजरने वाला गदेरा उफान पर आया तो अनहोनी की आशंका पर रितु अपनी बेटी और जेठानी के साथ घर से बाहर निकली। लेकिन घर से बाहर कदम रखते ही मलबा और पानी का जलजला आया और वह तीनों मलबे में समा गए।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *