आजमगढ़ एसपी ने सरेराह जड़े थप्पड़: न्याय की गुहार के लिए युवक ने रोका साहब का वाहन तो हुई पिटाई, सहमे ग्रामीण

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सार

यूपी के सीएम और डीजीपी भले ही पुलिस को आम जनता के साथ प्यार से पेश आने की हिदायत देते हों, पर शायद उनके मातहत इसे गंभीरता से नहीं लेते। बुधवार को आजमगढ़ में कुछ ऐसा हुआ। वाहन रोके जाने से भड़के एसपी ने एक युवक पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। 
 

ग्रामीणों को धमकाते पुलिस अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला

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न्याय मांगने वालों पर भी अब पुलिस महकमा जुल्म करने लगा है। न्याय की गुहार को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे ग्रामीणों में शामिल एक युवक को पुलिस कप्तान ने मात्र इसलिए पीट दिया कि वह उनके वाहन के सामने आ गया था। वह वाहन रोक कर न्याय की गुहार लगाना चाह रहा था। युवक को पीटने के साथ ही पुलिस कप्तान ने उसे अपने ऑफिस में ही बैठा भी लिया है। यह पूरा मामला कमरे में कैद हो गया है। 

रौनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 10 वर्षीया बच्ची बीते शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूरी पर रास्ते में अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। हालत देख कर आशंका जतायी गई कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। परिजन उसे जिला अस्पताल ले कर गए जहां से उसे रेफर कर दिया गया।

जिसके बाद उसे जीयनपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब रौनापार थाने की पुलिस बच्ची को महिला अस्पताल भेजा। हालत गंभीर होने पर वहां से उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निमोनिया से मौत सामने आई।

बच्ची के साथ दुष्कर्म से पुलिस सीधे-सीधे इंकार करती रही। इतना ही नहीं अपने खर्च पर एसओ ने बच्ची का आनन-फानन अंतिम संस्कार भी करा दिया। इस मामले में न्याय की गुहार लगाने बच्ची की मां ग्रामीणों के साथ बुधवार को एसपी ऑफिस पहुंची। इसी दौरान एसपी ऑफिस से निकल रहे थे।

दीपक नाम का एक युवक उनके वाहन के सामने आ गया ताकि उन्हें रोककर पत्रक दिया जा सके। वाहन रोके जाने से एसपी भड़क उठे। वाहन से उतरे और युवक को पकड़ कर लोगों के सामने ही  पिटाई करने लगे। पुलिसकर्मियों ने युवक को पकड़ा और एसपी ऑफिस में बैठा दिया।

एक समस्या के समाधान के लिए आए ग्रामीणों के समक्ष अब दूसरी समस्या दीपक नाम के युवक को पकड़ लिए जाने की खड़ी हो गई है। पुलिस की यह ज्यादती निश्चित तौर पर यह बता रही है कि बच्ची के साथ कुछ न कुछ गड़बड़ हुई है, जिसे छुपाने की कवायद में महकमा जुटा हुआ है।
 

आजमगढ़ के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि  जनसुनवाई के दौरान बच्ची के परिजन मुझसे मिले थे, उनकी शिकायत पर मैने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया था। इसके बाद जब मैं ऑफिस  से बाहर निकला तो एक लड़का गाड़ी के आगे लेट गया और कुछ लोग पत्थर चलाने की तैयारी में दिखे, जिसके चलते मैं गाड़ी से उतरा और लड़के को उठा कर हटाया और ऑफिस में बैठा कर समझाने बुझाने के बाद छोड़ दिया। 

 रौनापार थाना क्षेत्र सड़क किनारे मिली 10 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज ही कर लिया। इसके पूर्व तक एसओ रौनापार प्रकरण को दबाने की कवायद में जुटे थे और एसपी द्वारा संज्ञान में मामले को लिए जाने के बाद बुधवार की शाम दीपक पुत्र कमलेश के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

कल तक जो एसओ दुष्कर्म के आरोप से इंकार कर रहे थे। उन्हीं के द्वारा बुधवार को एसपी के निर्देश पर बच्ची की मां के तहरीर पर दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मेहनाजपुर की तरह इस घटना में भी पुलिस पीड़िता के मौत के बाद जागी है। 

विस्तार

न्याय मांगने वालों पर भी अब पुलिस महकमा जुल्म करने लगा है। न्याय की गुहार को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे ग्रामीणों में शामिल एक युवक को पुलिस कप्तान ने मात्र इसलिए पीट दिया कि वह उनके वाहन के सामने आ गया था। वह वाहन रोक कर न्याय की गुहार लगाना चाह रहा था। युवक को पीटने के साथ ही पुलिस कप्तान ने उसे अपने ऑफिस में ही बैठा भी लिया है। यह पूरा मामला कमरे में कैद हो गया है। 

रौनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 10 वर्षीया बच्ची बीते शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूरी पर रास्ते में अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। हालत देख कर आशंका जतायी गई कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। परिजन उसे जिला अस्पताल ले कर गए जहां से उसे रेफर कर दिया गया।

जिसके बाद उसे जीयनपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब रौनापार थाने की पुलिस बच्ची को महिला अस्पताल भेजा। हालत गंभीर होने पर वहां से उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निमोनिया से मौत सामने आई।


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…और भड़क उठे एसपी



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Author: riteshkucc01

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