आंदोलन में शामिल होने हिमाचल के किसान भी पहुंचे पंजाब और हरियाणा


अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Sat, 12 Dec 2020 10:13 PM IST

सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान
– फोटो : अमर उजाला

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किसान आंदोलन में हिमाचल के किसान भी शनिवार को टोल फ्री कराने के लिए पंजाब और हरियाणा में पहुंचे। प्रदेश के पांवटा साहिब, ऊना, पालमपुर और रामपुर क्षेत्र के करीब आठ सौ किसान आंदोलन में शामिल हुए हैं। प्रदेश के किसान 14 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा में भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना देने भी पहुंचेंगे।  प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि किसानों के आंदोलन को हिमाचल के किसानों का पूरा समर्थन है।

हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य का असर हिमाचल और उत्तराखंड के किसानों और बागवानों पर ज्यादा नहीं पड़ता है। हिमाचल में बागवानों को समर्थन मूल्य सरकार देती रही है। इसके बाद भी हिमाचल के किसान देश भर के किसानों के साथ आंदोलन में हैं।  कहा कि देश के किसानों की 14 मांगों को मानने को केंद्र सहमति है। केंद्र सरकार एपीएमसी को मजबूत बनाने और निजी क्षेत्र पर राज्य सरकार को टैक्स लगाने को सहमत हो गई है। देश के किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग प्रमुख है।

किसान आंदोलन में हिमाचल के किसान भी शनिवार को टोल फ्री कराने के लिए पंजाब और हरियाणा में पहुंचे। प्रदेश के पांवटा साहिब, ऊना, पालमपुर और रामपुर क्षेत्र के करीब आठ सौ किसान आंदोलन में शामिल हुए हैं। प्रदेश के किसान 14 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा में भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना देने भी पहुंचेंगे।  प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि किसानों के आंदोलन को हिमाचल के किसानों का पूरा समर्थन है।

हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य का असर हिमाचल और उत्तराखंड के किसानों और बागवानों पर ज्यादा नहीं पड़ता है। हिमाचल में बागवानों को समर्थन मूल्य सरकार देती रही है। इसके बाद भी हिमाचल के किसान देश भर के किसानों के साथ आंदोलन में हैं।  कहा कि देश के किसानों की 14 मांगों को मानने को केंद्र सहमति है। केंद्र सरकार एपीएमसी को मजबूत बनाने और निजी क्षेत्र पर राज्य सरकार को टैक्स लगाने को सहमत हो गई है। देश के किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग प्रमुख है।



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Author: riteshkucc01

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