अमर उजाला विशेष: कांग्रेस में कलह संक्रमण, पंजाब के बाद अब मप्र में अजय सिंह ने कमलनाथ को घेरा

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राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 05 Jun 2021 08:16 PM IST

सार

कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के प्रति असंतोष कायम है और अब राज्य इकाइयों में भी कलह की शुरुआत हो गई है। अब तीन राज्यों-पंजाब, राजस्थान व मध्यप्रदेश में अपने ही नेताओं के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। 
 

मप्र के पूर्व मंत्री अजय सिंह
– फोटो : social media

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पंजाब के मुख्यमंत्री के कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों के एक खेमे की बगावत से अभी पार्टी पूरी तरह निबट नहीं पाई है कि अब मध्य प्रदेश में भी पार्टी के नेताओं के बीच तू-तू मैं-मैं शुरु हो गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए बयान दिया। 

विंध्य क्षेत्र पर आरोप से खफा हुए अजय सिंह
इधर, मप्र के पूर्व मंत्री अजय सिंह ने राज्य में 15 महीने पहले कांग्रेस सरकार गिरने में विंध्य क्षेत्र की भूमिका पर सवाल उठाने को लेकर कमलनाथ का नाम लिए बिना उन पर प्रहार किया। अजय सिंह ने कहा कि सरकार गिरने के लिए विंध्य को दोषी ठहराना, इस क्षेत्र के लोगों का अपमान है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता व मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह कभी पार्टी में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हुआ करते थे, लेकिन 2018 में विधानसभा चुनाव और फिर 2019 में लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद न सिर्फ उनकी दावेदारी बल्कि उनका कद भी कमजोर हुआ है।

अमरिंदर की मदद न कर सकें कमलनाथ इसलिए घेराबंदी
कांग्रेस के इस कलह पर एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि अजय सिह का बयान कमलनाथ को मध्य प्रदेश की राजनीति में घेरकर उन्हें गृहराज्य में ही उलझाने के लिए दिया गया लगता है क्योंकि कमलनाथ को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। जबकि अजय सिंह की निकटता पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह के साथ जगजाहिर है। 

पंजाब में दो डिप्टी सीएम पर जोर, सिद्धू पर राजी नहीं अमरिंदर
पंजाब के मामले में गठित पार्टी की तीन सदस्यीय समिति के समक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना पक्ष रुख चुके हैं। अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोई रास्ता निकालेंगी। बताते हैं कि राहुल गांधी खेमा पंजाब में विधानसभा चुनाव के पूर्व मंत्रिमंडल का विस्तार चाहता है और दो डिप्टी सीएम बनाने पर जोर दे रहा है। इनमें से एक डिप्टी सीएम के लिए नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लिया जा रहा है, जो बगावत की अगुवाई कर रहे हैं। लेकिन अमरिंदर सिंह इसके लिए तैयार नहीं हैं। पंजाब कांग्रेस के एक बड़े नेता के मुताबिक अमरिंदर मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल के लिए तो राजी हैं, उन्हें सिद्धू को भी मंत्री बनाने पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर राजी नहीं हैं।

आप को अमरिंदर का झटका, तीन विधायक तोड़े
इस बीच, कांग्रेस की कमेटी के सामने जाने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों को कांग्रेस में शामिल करा लिया। पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को इस घटनाक्रम की भनक भी नहीं लगने दी गई। कैप्टन का यह कदम साबित करता है कि राज्य में उनके साथ दूसरी पार्टी के नेता आने को तत्पर हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि आम आदमी के करीब 10 विधायक कैप्टन के संपर्क में हैं।

अमरिंदर को आगे बढ़ाए कांग्रेस : रशीद किदवई
कांग्रेस की राजनीति को क़रीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने अमर उजाला से कहा, राज्यों में मुख्यमंत्री कैसा होना चाहिए या नेतृत्व कैसा होना चाहिए इसका कंग्रेस पार्टी में कोई मापदंड नहीं है। इसलिए पार्टी कई बार ट्रायल और एरर के प्रयोग करती रही। आज कैप्टन की उम्र 79 के लगभग है तो पार्टी को भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयारी करनी चाहिए। पार्टी ने 2017 में कैप्टन ने चुनाव जीता था। अगर उनको इन चुनावों में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ाती है तो ये उनके राजनीतिक कौशल के अन्याय होगा। इसलिए पार्टी को आगामी लोकसभा को ध्यान में रखते हुए एक नई टीम तैयार करने पर भी जोर देना चाहिए।

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री के कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों के एक खेमे की बगावत से अभी पार्टी पूरी तरह निबट नहीं पाई है कि अब मध्य प्रदेश में भी पार्टी के नेताओं के बीच तू-तू मैं-मैं शुरु हो गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए बयान दिया। 

विंध्य क्षेत्र पर आरोप से खफा हुए अजय सिंह

इधर, मप्र के पूर्व मंत्री अजय सिंह ने राज्य में 15 महीने पहले कांग्रेस सरकार गिरने में विंध्य क्षेत्र की भूमिका पर सवाल उठाने को लेकर कमलनाथ का नाम लिए बिना उन पर प्रहार किया। अजय सिंह ने कहा कि सरकार गिरने के लिए विंध्य को दोषी ठहराना, इस क्षेत्र के लोगों का अपमान है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता व मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह कभी पार्टी में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हुआ करते थे, लेकिन 2018 में विधानसभा चुनाव और फिर 2019 में लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद न सिर्फ उनकी दावेदारी बल्कि उनका कद भी कमजोर हुआ है।

अमरिंदर की मदद न कर सकें कमलनाथ इसलिए घेराबंदी

कांग्रेस के इस कलह पर एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि अजय सिह का बयान कमलनाथ को मध्य प्रदेश की राजनीति में घेरकर उन्हें गृहराज्य में ही उलझाने के लिए दिया गया लगता है क्योंकि कमलनाथ को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। जबकि अजय सिंह की निकटता पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह के साथ जगजाहिर है। 

पंजाब में दो डिप्टी सीएम पर जोर, सिद्धू पर राजी नहीं अमरिंदर

पंजाब के मामले में गठित पार्टी की तीन सदस्यीय समिति के समक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना पक्ष रुख चुके हैं। अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोई रास्ता निकालेंगी। बताते हैं कि राहुल गांधी खेमा पंजाब में विधानसभा चुनाव के पूर्व मंत्रिमंडल का विस्तार चाहता है और दो डिप्टी सीएम बनाने पर जोर दे रहा है। इनमें से एक डिप्टी सीएम के लिए नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लिया जा रहा है, जो बगावत की अगुवाई कर रहे हैं। लेकिन अमरिंदर सिंह इसके लिए तैयार नहीं हैं। पंजाब कांग्रेस के एक बड़े नेता के मुताबिक अमरिंदर मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल के लिए तो राजी हैं, उन्हें सिद्धू को भी मंत्री बनाने पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर राजी नहीं हैं।

आप को अमरिंदर का झटका, तीन विधायक तोड़े

इस बीच, कांग्रेस की कमेटी के सामने जाने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों को कांग्रेस में शामिल करा लिया। पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को इस घटनाक्रम की भनक भी नहीं लगने दी गई। कैप्टन का यह कदम साबित करता है कि राज्य में उनके साथ दूसरी पार्टी के नेता आने को तत्पर हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि आम आदमी के करीब 10 विधायक कैप्टन के संपर्क में हैं।

अमरिंदर को आगे बढ़ाए कांग्रेस : रशीद किदवई

कांग्रेस की राजनीति को क़रीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने अमर उजाला से कहा, राज्यों में मुख्यमंत्री कैसा होना चाहिए या नेतृत्व कैसा होना चाहिए इसका कंग्रेस पार्टी में कोई मापदंड नहीं है। इसलिए पार्टी कई बार ट्रायल और एरर के प्रयोग करती रही। आज कैप्टन की उम्र 79 के लगभग है तो पार्टी को भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयारी करनी चाहिए। पार्टी ने 2017 में कैप्टन ने चुनाव जीता था। अगर उनको इन चुनावों में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ाती है तो ये उनके राजनीतिक कौशल के अन्याय होगा। इसलिए पार्टी को आगामी लोकसभा को ध्यान में रखते हुए एक नई टीम तैयार करने पर भी जोर देना चाहिए।



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Author: riteshkucc01

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