अमर उजाला टीका ही बचाएगा अभियान : एक गांव ऐसा भी…जुटी भीड़ तो कम पड़ गई वैक्सीन की डोज

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सार

कोरोना को हराने के लिए स्वास्थ्य विभाग 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के टीकाकरण में जीजान से जुटा है। इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

वैक्सीन लगवाती महिला
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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टीकाकरण से कतराने वाले लोगों को लक्सर क्षेत्र के मखियाली कलां के ग्रामीणों से सीख लेनी चाहिए। बुधवार को यहां ग्रामीणों ने टीकाकरण के प्रति ऐसा उत्साह दिखाया कि टीम को तीन बार अलग से वैक्सीन की डोज मंगानी पड़ी। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने टीकाकरण कराया।

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कोरोना को हराने के लिए स्वास्थ्य विभाग 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के टीकाकरण में जीजान से जुटा है। इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी और लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने मखियाली कलां गांव में ग्रामीणों की बैठक लेकर अधिक से अधिक टीकाकरण करवाने की अपील की थी।

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बुधवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम टीके की 60 डोज लेकर गांव पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों में ऐसा उत्साह दिखा कि दो घंटे के भीतर ही सभी डोज खत्म हो गई। इसके बाद दो बार 20-20 डोज और मंगवानी पड़ी, लेकिन वह भी कम पड़ गई। मामला एसडीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने 100 और डोज की व्यवस्था कराई।

एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शाम तक गांव में 130 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका था। ग्रामीणों में टीकाकरण के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान टीम में ममता, परवीना, शबाना आदि शामिल रहीं।

टूटने लगी झिझक, बढ़ने लगा टीकाकरण 
कोरोना टीकाकरण के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आगे आने के बाद अमर उजाला ने भी ‘टीका ही बचाएगा’ अभियान की शुरुआत की है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का असर भी दिखने लगा है। इसी का ही नतीजा है कि कुछ गांवों में 80 से 90 फीसदी तक टीकाकरण हो चुका है तो कई गांवों में यह आंकड़ा 50 से 60 फीसदी तक पहुंचा है। लोग अब केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगवाने में रुचि दिखाने लगे हैं।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी टीकाकरण के लिए अभियान छेड़ दिया है, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद टीकाकरण गति नहीं पकड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और गांव के प्रभावशाली लोगों का सहारा लिया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने लोगों को घर-घर जाकर टीके के लिए प्रेरित करना शुरू किया।

जनप्रतिनिधियों की अपील को कई गांवों के लोगों ने सर-आंखों लिया और केंद्रों की तरफ रुख करने लगे। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि क्षेत्र में टीकाकरण में बढ़ोतरी देखने को मिली। कुछ गांवों में तो स्थिति ये है कि वहां 80 से 90 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है, जिन्हें वैक्सीन नहीं लग पाई है वे या तो गांव में नहीं हैं या फिर किसी बीमारी से ग्रसित हैं।

भगवानपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि अधिकतर गांवों में 50 से 60 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। कुछ गांवों के लोगों ने अन्य गांव के लोगों के सामने आदर्श प्रस्तुत किया है। इनमें सिरचंदी, खेलपुर, कुंजा बहादरपुर, मानकमजरा, बंजारावाला, शहीदवाला, मंडावर आदि गांव शामिल हैं। यहां छह से नौ जून तक जबरदस्त टीकाकरण हुआ है। इन गांव में करीब 90 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है।

स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयासों के बावजूद कुछ गांवों के लोग टीकाकरण को लेकर संजीदा नहीं हैं। ये लोग सेंटर पर पहुंचना तो दूर घर पर भी वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं है। प्रशासन को इन गांवों में काम करने की जरूरत है।

भगवानपुर ब्लॉक में कुल 106 ग्राम पंचायतें हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी गांवों में लगातार टीकाकरण शिविर लगाकर टीका लगा रहा है। कुछ गांवों के लोग तो खुद वैक्सीन लगवाने आगे आ रहे हैं, जबकि कुछ गांवों के लोग प्रतिनिधियों के जागरूक करने पर माने और वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हुए। दूसरी ओर, कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां के लोग किसी भी स्थिति में वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं हो रहे हैं।

कुछ गांव तो ऐसे हैं, जिनकी आबादी 10 हजार से ज्यादा होने के बावजूद यहां चंद लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है। सिकरोढ़ा गांव आबादी के हिसाब से सबसे बड़ा है। यहां करीब 13 हजार की आबादी है। इसके बावजूद यहां 15 फीसदी लोगों ने ही टीका लगवाया है। खेड़ी शिकोहपुर, बंदरजूड, खेलपुर, मोहितपुर, बेलड़ी आदि गांवों में वैक्सीनेशन 30 फीसदी से कम ही है। यहां लोगों पर जनप्रतिनिधियों के समझाने का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा।

भगवानपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि इन गांव में वैक्सीनेशन बेहद कम हो रहा है। टीम लोगों को समझाती है तो भी वे तैयार नहीं होते हैं। इन गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। वहीं, एसडीएम स्मृता परमार असवाल ने बताया कि रिपोर्ट में सामने आया है कि कुछ गांवों में लोग टीकाकरण में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

लिहाजा दो दिन के अंदर इन गांवों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। सिकरोढ़ा गांव में बेहद कम वैक्सीनेशन हुआ है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहले ही बैठक कर चुकी है। अब दोबारा बैठक कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहीं, बुधवार को खेड़ी शिकोहपुर में तहसीलदार सुशील कुमार सैनी ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर जागरूक किया। 

मंगलौर में बिना टीकाकरण के दुकान पर नहीं बैठ सकेंगे दुकानदार
टीकाकरण में तेजी लाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि जो दुकानदार टीका नहीं लगवाएगा, वह दुकान पर बैठ नहीं सकेगा। यदि ऐसे दुकानदार दुकान पर बैठे पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 

बुधवार को नगरपालिका परिषद की टीम कस्बे के बाजारों में पहुंची और दुकानदारों से टीकाकरण कार्ड दिखाने की बात कही। कुछ दुकानदारों ने कार्ड दिखाया तो कई बिना टीके के दुकान खोलकर कर बैठे मिले। इस पर टीम ने चेतावनी देते हुए जल्द उन्हें टीका लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी यदि कोई दुकानदार बिना टीका लगवाए दुकान पर मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चालान भी किए जाएंगे।

इसके लिए एक टीम का गठन किया गया है, जो प्रतिदिन बाजारों में घूमकर दुकानदारों की चेकिंग करेगी। टीम में अधिशासी अधिकारी अजहर अली, सफाई निरीक्षक आदेश कुमार, पर्यावरण पर्यवेक्षक शमशाद अहमद, खुर्शीद आलम और दो सफाई नायक शामिल हैं। अधिशासी अधिकारी अजहर अली ने बताया कि टीकाकरण को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। यदि दुकानदार बिना वैक्सीनेशन के दुकान पर बैठे मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस से भी सहायता ली जाएगी।

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टीकाकरण से कतराने वाले लोगों को लक्सर क्षेत्र के मखियाली कलां के ग्रामीणों से सीख लेनी चाहिए। बुधवार को यहां ग्रामीणों ने टीकाकरण के प्रति ऐसा उत्साह दिखाया कि टीम को तीन बार अलग से वैक्सीन की डोज मंगानी पड़ी। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने टीकाकरण कराया।

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कोरोना को हराने के लिए स्वास्थ्य विभाग 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के टीकाकरण में जीजान से जुटा है। इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी और लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने मखियाली कलां गांव में ग्रामीणों की बैठक लेकर अधिक से अधिक टीकाकरण करवाने की अपील की थी।

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बुधवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम टीके की 60 डोज लेकर गांव पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों में ऐसा उत्साह दिखा कि दो घंटे के भीतर ही सभी डोज खत्म हो गई। इसके बाद दो बार 20-20 डोज और मंगवानी पड़ी, लेकिन वह भी कम पड़ गई। मामला एसडीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने 100 और डोज की व्यवस्था कराई।

एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शाम तक गांव में 130 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका था। ग्रामीणों में टीकाकरण के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान टीम में ममता, परवीना, शबाना आदि शामिल रहीं।

टूटने लगी झिझक, बढ़ने लगा टीकाकरण 

कोरोना टीकाकरण के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आगे आने के बाद अमर उजाला ने भी ‘टीका ही बचाएगा’ अभियान की शुरुआत की है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का असर भी दिखने लगा है। इसी का ही नतीजा है कि कुछ गांवों में 80 से 90 फीसदी तक टीकाकरण हो चुका है तो कई गांवों में यह आंकड़ा 50 से 60 फीसदी तक पहुंचा है। लोग अब केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगवाने में रुचि दिखाने लगे हैं।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी टीकाकरण के लिए अभियान छेड़ दिया है, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद टीकाकरण गति नहीं पकड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और गांव के प्रभावशाली लोगों का सहारा लिया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने लोगों को घर-घर जाकर टीके के लिए प्रेरित करना शुरू किया।

जनप्रतिनिधियों की अपील को कई गांवों के लोगों ने सर-आंखों लिया और केंद्रों की तरफ रुख करने लगे। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि क्षेत्र में टीकाकरण में बढ़ोतरी देखने को मिली। कुछ गांवों में तो स्थिति ये है कि वहां 80 से 90 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है, जिन्हें वैक्सीन नहीं लग पाई है वे या तो गांव में नहीं हैं या फिर किसी बीमारी से ग्रसित हैं।

भगवानपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि अधिकतर गांवों में 50 से 60 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। कुछ गांवों के लोगों ने अन्य गांव के लोगों के सामने आदर्श प्रस्तुत किया है। इनमें सिरचंदी, खेलपुर, कुंजा बहादरपुर, मानकमजरा, बंजारावाला, शहीदवाला, मंडावर आदि गांव शामिल हैं। यहां छह से नौ जून तक जबरदस्त टीकाकरण हुआ है। इन गांव में करीब 90 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है।


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Author: riteshkucc01

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