MP: पत्थरबाजों के खिलाफ लाएंगे कड़ा कानून- शिवराज, कोई नहीं बख्शा जाएगा– News18 Hindi


भोपाल. 18 फरवरी को होने जा रहे किसान आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है. बातचीत से ही समाधान निकलेगा. उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के पक्ष में हैं. शिवराज गुरुवार को मिंटो हॉल में आयोजित जलाभिषेक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की.

उन्होंने कहा- पथरबाज़ों के खिलाफ सख्त कानून लाएगी सरकार. ऐसी घटनाओं के लिए सख्त कानून जरूरी हैं. हम इस पर काम कर रहे हैं. नए कानून में पत्थरबाज़ों पर कड़े प्रावधान किए जाएंगे. ट्विटर छोड़ने के सवाल पर सीएम ने कहा कि अगर कोई देशी विकल्प है अपनी बात कहने का तो उसमें क्या बुराई है? मैं ट्विटर और कू दोनों पर उपलब्ध रहूंगा.

राजनाथ की वजह से चीन ने पैर पीछे खींचे- शिवराज

पैंगोंग पर दिए राजनाथ सिंह के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा- राजनाथ सिंह की वजह से चीन कदम पीछे खींचने को मजबूर हुआ. गौरतलब है कि चीन से जारी गतिरोध पर बयान दिया. रक्षा मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब चीन ने यह दावा किया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के कुछ हिस्सों से डिसएंगेजमेंट शुरू हो गई है. राज्यसभा में राजनाथ ने सदन को जानकारी दी कि इस बातचीत में हमने कुछ भी खोया नहीं है. दोनों पक्ष पूर्ण डिसएंगेजमेंट को लेकर सहमत हैं.

शिवराज सरकार ने बेहतर कम किया- तोमर

वहीं, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जब शिवराज सीएम बने तो एमपी में पानी की किल्लत थी. मैं ग्रामीण विकास मंत्री बना था. हमने एमपी में पानी की किल्लत दूर करने के लिए प्रयास शुरू किए. शिवराज सरकार ने इस दिशा में बेहतरीन काम किया. उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना और मनरेगा में एमपी में बेहतर काम हुआ. बूंद बूंद पानी सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है.

इतनी योजनाओं का राजनाथ ने किया लोकार्पण

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जलाभिषेकम् कार्यक्रम में जल संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया. मिंटो हॉल में हुए इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी नरेगा, कृषि सिंचाई योजना-वॉटर शेड और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा निर्मित संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण हुआ. वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने सागर, मुरैना और छिंदवाड़ा जिले में निर्मित जल संरचना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों से संवाद भी किया. बता दें कि 2073 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से 57 हजार 653 जल संरचनाओं के लोकार्पित होने वाले कार्यों में तालाब, सार्वजनिक कूप, प्राचीन बावड़ियों की मरम्मत, स्टॉप-डैम और चेक-डैम शामिल हैं.

साल 2020-21 में 57,653 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया

कार्यक्रम में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायत ऑनलाइन जुड़ीं. इस दौरान कुछ जिलों की ग्राम पंचायतों के प्रधान और लाभार्थियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेन्‍स के जरिए सीधा संवाद किया गया. प्रदेश में साल 2020-21 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्‍न योजनाओं के तहत 57,653 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है. जिसमें रोजगार गारंटी योजना के तहत 1835 करोड़ से अधिक लागत के 1007 स्‍टॉप डैम, 4467 चेक डैम, 19,008 व्‍यक्तिगत कपिल धारा कूप, 2588 सार्वजनिक कूप, 1667 पर्कोलेशन टैंक, 14,907 हितग्राही मूलक खेत तालाब, 2365 सामुदायिक खेत तालाब, 4393 नवीन तालाब सहित 3115 तालाब, बावडी, सामुदायिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और सामुदायिक टांका निर्माण सहित 53,517 जल संरचनाएं शामिल हैं.

एक नजर इन निर्माण कार्यों पर भी

इसी प्रकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 237 करोड़ की लागत से 2697 खेत तालाब, 726 तालाब, 305 परकोलेशन तालाब, 299 चेक डैम व स्‍टॉप डैम तथा 109 नाला बंधान कार्य सहित कुल 4136 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य कराया गया है. मध्‍य प्रदेश में दोनों योजनाओं में कुल 2073 करोड़ से अधिक लागत की 57653 जल संरचनाओं का निर्माण कोरोना काल में किया गया है. इन जल संरचनाओं से प्रदेश के विभिन्‍न ग्रामों में बड़े क्षेत्र में कृषि सिंचाई सुविधा विकसित हुई है. इसके साथ ही भूमिगत जल स्‍तर में बढ़ोत्‍तरी हुई है.





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Author: riteshkucc01

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